इन्क्लूसिव मीडिया-यूएनडीपी फेलोशिप : आवेदन आमंत्रित हैं

इन्कूलिसिव मीडिया-यूएनडीपी फेलोशिप-2015 के लिए पत्रकारों से हिन्दी और अंग्रेजी भाषा में आवेदन आमंत्रित हैं। फेलोशिप के लिए आवेदन इन्कूलिसिव मीडिया फॉर चेंज की ओर से आमंत्रित किए गए हैं। यह फैलोशिप ग्रामीण-संकट/ विकास तथा वंचित तबके के मुद्दों पर मीडिया कवरेज बढ़ाने और कवरेज को पैना बनाने के लिए दी जा रही है। फेलोशिप का उद्देश्य लोकतांत्रिक सामाजिक बदलाव को बढ़ावा देना है, खासकर सशक्तीकरण, भागीदारी, सुशासन(गुड-गवर्नेंस) तथा मीडिया और हाशिये के समूहों की बेहतर समझ के जरिए।

फेलोशिप के लिए चयनित अभ्यर्थियों से उम्मीद की जाती है कि वे पत्रकारिता के अपने रोजमर्रा के काम से छुट्टी लेकर कम से कम दो से चार सप्ताह का समय ग्रामीण/वंचित समुदायों के बीच बितायेंगे और जिन मुद्दों को लोगों की निगाह में लाना जरुरी है उन पर क्रमवार कथाओं का लेखन या निर्माण करेंगे। कम्युनिटी मीडिया पर भी केंद्रित कुछेक शोध-परियोजनाओं पर फेलोशिप के लिए विचार किया जा सकता है. फैलोशिप के अंतर्गत दी जाने वाली रकम(यात्रा-व्यय एवं अन्य आकस्मिक खर्च सहित) की अधिकतम सीमा 150000 रुपये है। अपेक्षा की जाती है कि इस रकम से समाचार/कथाओं को एकत्र करने और इससे संबंधित अन्य खर्च की भरपाई हो जाएगी। फैलोशिप से संबंधित नियम और शर्तों का उल्लेख इस लिंक पर मौजूद है- www.im4change.org/fellowships.php
/>इन्कूलिसिव मीडिया-यूएनडीपी फेलोशिप के लिए मुख्यधारा के अखबार/मैगजीन, रेडियो या टीवी चैनल के पत्रकार आवेदन कर सकते हैं। जो पत्रकार-बंधु बहुचर्चित मीडिया वेबसाइट या मीडिया रिसर्च प्रोजेक्ट के लिए कार्यरत हैं वे भी इस फेलोशिप के लिए आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते उनका काम न्यू मीडिया/कम्युनिटी मीडिया प्लेटफार्म से संबंधित हो. फेलोशिप के लिए फ्रीलांस-पत्रकार भी आवेदन कर सकते हैं लेकिन आवेदन करते समय उन्हें मुख्यधारा के अख़बार से हासिल इस आशय का वादा-पत्र देना होगा कि फेलोशिप के अंतर्गत प्रस्तुत कथाओं को उक्त अख़बार या मीडिया संस्थान प्रकाशित-प्रसारित करेगा।

अभ्यर्थियों का चयन जाने-माने संपादकों तथा विकास के मुद्दे पर सक्रिय विचारकों के एक निर्णायक-मंडल द्वारा किया जाएगा। निर्णायक-मंडल के मूल्यांकन का आधार अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत संक्षिप्त शोध-प्रस्ताव होगा। (कृपया देखें नीचे दिया गया ‘आवेदन कैसे करें’ तथा ‘नियम और शर्त’ शीर्षक खंड)। फैलोशिप के आवेदन के तौर पर प्रस्तुत किया जाने वाला संक्षिप्त प्रस्ताव जीविका, ग्रामीण-संकट, भुखमरी, कुपोषण, सार्वजनिक स्वास्थ्य तथा सहस्राब्दि विकास लक्ष्य के मुद्दे पर जारी घटना-क्रम / सकारात्मक हस्तक्षेप /विकल्प और विजयगाथा(सक्सेस स्टोरी) को लक्ष्य करके लिखा होना चाहिए या फिर शोध-प्रस्ताव इन विषयों की बेहतर समझ बनाने को लक्ष्य करके लिखा होना चाहिए. फेलोशिप के अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि उसे ग्रामीण विकास/ वंचित समुदाय से जुड़े मुद्दों में गहरी रुचि होगी और वह अपनी कथाओं के लिए प्राथमिक स्तर की सूचना-सामग्री जुटाने के लिए ग्रामीण इलाके में सहर्ष समय बिताएगा। निर्णायक मंडल की सिफारिश पर चयनित अभ्यर्थी को अपना शोध-प्रस्ताव संशोधित करने का मौका दिया जाएगा।.

अभ्यर्थी को मीडिया संस्थान से इस आशय का वादा प्रस्तुत करना होगा कि फैलोशिप के अन्तर्गत तैयार की गई सामग्री को संस्थान अपने मनचीते रुप ( रिपोर्टमाला, यात्रा-वृतान्त, संपादकीय या ऑप-एड पन्ने के आलेख, डाक्यूमेंट्री फिल्म, या रेडियो-टीवी पैकेज) में प्रकाशित-प्रसारित करेगा। जिन आवेदनों के साथ संपादक या संस्थान के प्रधान का प्रकाशन/प्रसारण से संबंधित वादापत्र नहीं होगा, उन पर विचार नहीं किया जाएगा।

आवेदन की अंतिम तिथि 6 नवंबर, 2015 है।

 
इन्क्लूसिव मीडिया- यूएनडीपी फेलोशिप 2015 (अंतिम तिथि 6 नवंबर, 2015)

नियम और शर्ते : आवेदन कैसे करें
इंक्लूसिव मीडिया- यूएनडीपी फेलोशिप के अभ्यर्थी आवेदन-पत्र के साथ अपना CV ( ए-4 साइज के 3 पन्नों से अधिक नहीं) भेजें और इसके साथ निम्नलिखित को संलग्न करें- :

1.स्पष्ट शीर्षक के साथ परियोजना के लिए सुचिन्तित प्रस्ताव(500 शब्दों से अधिक नहीं)।
2.परियोजना-प्रस्ताव के मूल विचार का स्टोरी ब्रेकअप(कम से कम पाँच) के रुप में क्रमवार पल्लवन (अधिकतम 250 शब्दों में)
3.फील्डवर्क के लिए चुने गए भू-भाग के बारे में एक संक्षिप्त उल्लेख, यात्रा और रहने-ठहरने के क्रम में होने वाले खर्चे का एक मोटामोटी आकलन (अधिकतम 100 शब्द)

आप जिस स्थान का भ्रमण करना चाहते हैं कृपया उसका जिक्र इस उल्लेख के साथ कीजिए कि इस क्रम में खर्चा क्या आएगा. इन्क्लूसिव मीडिया-यूएनडीपी फेलोशिप के अंतर्गत दी जाने वाली राशि समाचारों को एकत्र करने के क्रम में हुए खर्चे की भरपाई के लिए दी जाती है. इस राशि को देने का आशय चयनित फेलो को किसी किस्म का मानदेय या वेतन देना नहीं है. इस कारण, वास्तविक खर्च की भरपाई प्रस्तुत ब्यौरे( व्यय की रसीद आदि) के अनुसार एक युक्तिसंगत सीमा के भीतर बगैर टीडीएस कटौती के होगी. सीएसडीएस का लेखा-विभाग वास्तविक खर्च के बारे में जानकारी मांग सकता है.

4.पूर्व प्रकाशित या प्रसारित कथा के दो नमूने हिन्दी या अंग्रेजी भाषा में.( यह कथा रेडियो-टीवी के कार्यक्रम के रुप में प्रसारित अथवा अख़बार-मैगजीन में प्रकाशित हो सकती है) अगर आपकी पूर्व-प्रकाशित कथा इलेक्ट्रानिक फार्म में है तो कृपया सीडी/डीवीडी का इस्तेमाल करें. भेजी जा रही सीडी/डीवीडी पर कथा का शीर्षक और अपना नाम मार्कर से लिखें और हमें डाक से भेज दें ।

5.संपादक या संस्था के प्रधान से से 2 से 4 हफ्ते की छुट्टी और परियोजना के अन्तर्गत प्रस्तुत सामग्री के प्रसारण-प्रकाशन की सहमति का एक पत्र। (अभ्यर्थी अगर फ्रीलांसर है तो मुख्यधारा के अख़बार-मैगजीन या रेडियो-टीवी चैनल के संपादक से परियोजना के अन्तर्गत तैयार की गई सामग्री के प्रसारण-प्रकाशन की मंजूरी की चिट्ठी संलग्न करे)

6.अभ्यर्थी के पिछले कामों के आधार पर इंक्लूसिव मीडिया -यूएनडीपी फैलोशिप के लिए पत्रकारीय योग्यता और उपयुक्तता के बारे में एक सिफारिशी चिट्ठी(रिकॉमेंडेशन लेटर)। यह चिट्ठी आप किसी प्रसिद्ध पत्रकार, अपने शिक्षक, अपने सुपरवाईजर या फिर अपने वर्तमान संपादक या पूर्व-संपादक रह चुके व्यक्ति से लिखवा सकते हैं।

फेलोशिप के नियम और शर्त:
1.सभी भुगतान टीडीएस नियमों के अंतर्गत होंगे। हम आपकी यात्रा-योजना और विधिवत हस्ताक्षरित सहमति-पत्र की प्राप्ति के बाद फेलोशिप के अंतर्गत दी जाने वाली रकम का 50% हिस्सा आपके पते पर भेजेंगे। शेष रकम नियम और शर्तों के अधीन फेलोशिप के अंतर्गत कथाओं के प्रकाशन-प्रसारण की समाप्ति के बाद, शेष टीडीएस कटौती के उपरांत प्रदान की जाएगी। हम ग्रामीण मुद्दों को लेकर आपके सरोकार का सम्मान करते हैं और अपेक्षा रखते हैं कि आप फेलोशिप के अंतर्गत अपनी परियोजना के लिए उत्कृष्ठ प्रदर्शन करेंगे. बहरहाल, अगर चयनित अभ्यर्थी परियोजना को पूरा करने में असफल रहता है और अपनी कथाओं का प्रकाशन नहीं कर पाता तो इन्क्लूसिव मीडिया प्रोजेक्ट को इस बात का अधिकार है कि वह फेलोशिप के अंतर्गत दी जाने वाली रकम/ पेशगी को निरस्त कर दे।

2.फैलोशिप के अंतर्गत प्रस्तुत कथाओं को आखिर में वेबसाइट(im4change.org) पर अपलोड किया जाएगा। इसमें प्रस्तुतकर्ता अभ्यर्थी का नाम और प्रकाशन का विधिवत उल्लेख किया जाएगा.

3.चयनित अभ्यर्थी फील्ड-ट्रिप के दौरान अथवा उसके बाद हमें परियोजना को पूरा करने की दिशा में हुई प्रगति के बारे में सूचित करेंगे. इस क्रम में अगर कथा-संरचना में कोई बदलाव होता है तो उसके बारे में भी अभ्यर्थी हमें सूचित करेंगे।

4.चयनित अभ्यर्थी सीएसडीएस की इन्क्लूसिव मीडिया परियोजना को अपनी प्रकाशित कथाओं की कतरन, प्रकाशन की तिथि की उल्लेख के साथ कूरियर के माध्यम से भेजेंगे।

5.चयनित अभ्यर्थी यात्रा-व्यय की प्रतिपूर्ति की मांग करते हुए इससे संबंधित ट्रेन-बस का टिकट, हवाई जहाज की यात्रा का बोर्डिंग पास, टैक्सी- भाड़ा, होटल आदि में रहने ठहरने संबंधी व्यय और भोजन पर हुए खर्च का बिल आदि की मूल प्रति भेजें। कृपया ध्यान दें कि यात्रा-व्यय के मद में प्रतिपूर्ति के तौर पर दी जाने वाली रकम पर टीडीएस कटौती नहीं होगी, लेकिन यात्रा-व्यय से एतर दी जाने वाली रकम पर टीडीएस कटौती की जाएगी। अधिकतम 55 हजार रुपये की रकम यात्रा-व्यय की प्रतिपूर्ति के रुप में दी जा सकती है, किन्ही विशेष परिस्थितियों में युक्तिसंगत जान पड़ने पर यह रकम कम-बेश भी हो सकती है।

6. निर्णायक-मंडल का निर्णय अंतिम तौर पर मान्य होगा.

अभ्यर्थी अपना समग्र आवेदन अंतिम तिथि के बीतने से पहले सीवी सहित माइक्रोसॉफ्ट वर्ड फॉरमेट में भेजें। अगर आवेदन हिन्दी में है तो कृपया माइक्रोसाफ्ट वर्ड फाईल को यूनिकोड / मंगल में टंकित करके अपनी क्लीपिंग्स की स्कैन्ड कॉपी के साथ ईमेल के जरिए इस पते पर : im4change.csds@gmail.com भेजें

ईमेल से प्राप्त आवेदनों की प्राप्ति की सूचना तुरंत दी जाएगी। ईमेल के माध्यम से आवेदन भेजने वाले अभ्यर्थी कृपया सब्जेक्ट लाईन के रुप में “Inclusive Media – UNDP Fellowship” लिखें। (हिन्दी भाषा में आवेदन भेजने वाले अभ्यर्थी कृपया नोट करें कि उनका आवेदन माइक्रोसाफ्ट वर्डफाईल में मंगल अथवा यूनिकोड फान्ट में टंकित होना चाहिए। ऐसा ना होने पर आवेदन अस्वीकृत माना जाएगा)

जो अभ्यर्थी किन्हीं कारणों से अपना आवेदन ईमेल के माध्यम से नहीं भेज पा रहे अथवा ईमेल के साथ-साथ हार्डकॉपी के रुप में भी भेजना चाहते हैं तो ऐसे अभ्यर्थी अपना आवेदन स्पीडपोस्ट के जरिए निम्नलिखित पते पर भेजें। अभ्यर्थी ध्यान दें कि अंतिम तिथि के बाद पहुंचे आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा. हमारा पुरजोर आग्रह है कि अभ्यर्थी शोध-प्रस्ताव भेजने के लिए अंतिम तिथि तक प्रतीक्षा ना करें और अपना आवेदन यथाशीघ्र भेजें ताकि देर होने की स्थिति में अवेदन पत्र के अस्वीकृत होने की आशंका या निराशा से बचा जा सके. अगर अभ्यर्थी किन्ही कारणों से अपना आवेदन डाक से भेज रहे हैं तो कृपया निम्नलिखित पते पर भजें–

इन्क्लूसिव मीडिया – यूएनडीपी फेलोशिप 2015
सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसायटीज (CSDS)
29, राजपुर रोड
दिल्ली 110054



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