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इंडिया न्यूज चैनल में हड़ताल के बाद पीसीआर के कई कर्मचारियों को बाहर कर दिया गया!

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इंडिया न्यूज़ चैनल में सेलरी न मिलने पर पिछले दिनो PCR के द्वारा की गयी कुछ देर की हड़ताल के चलते PCR के आधे कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।

हड़तालियों का कहना है कि हड़ताल को करवाने के लिए खुद इंडिया न्यूज़ का HR नरेश जयसवाल जिम्मेदार है जिसने हड़ताल के लिए सबको उकसाया था. उसी ने कर्मचारियों को एक बंद कमरे में बुला कर सैलरी मिलने के लिए रास्ता बताते हुए कहा कि आप लोगों की सेलरी बिना हड़ताल किए नहीं आएगी मगर एक बात का ख़ास याद रखना कि ये बात लोगों तक ना पहुँचे कि हड़ताल मेरे द्वारा करवायी जा रही है.

हड़ताल से जुड़े कर्मचारियों के मुताबिक दीवारों के भी कान होते हैं… ये कहावत चरितार्थ हुआ.. बंद कमरे की बात फैलने लगी… कर्मचारी इंडिया न्यूज़ के HR नरेश जयसवाल के पास जाने लगे…. नरेश जयसवाल ने भी कभी सोचा नहीं होगा कि सच इतनी जल्दी सामने आ जाएगा… सच सामने आता देख नरेश जयसवाल ने तत्काल प्रभाव से उन गरीब लोगों को निकाल दिया जिन लोगों ने उसका साथ दिया….

इन गरीब लोगों का सिर्फ़ इतना दोष था कि वो नरेश जयसवाल की बातों में आ गए… कम्पनी के अनुसार जिन लोगों ने अपना हक़ माँगा उन्होंने अपना हक़ माँग कर कम्पनी का नुक़सान किया है… इंडिया न्यूज़ की हालत जाग ज़ाहिर है कि यहां सेलरी का संकट बनाए रखा जाता है… वो गरीब क्या करे जो अपना घर परिवार छोड़ कर इतनी दूर आ कर काम कर रहा रहा है और उन्हें कई कई महीनों की सेलरी नहीं दी जाती… ये गरीब जो इंडिया न्यूज़ में काम कर रहे है कम्पनी उनका सिर्फ खून चूसना जानती है…

सेलरी मांगने के लिए एकजुट होकर आवाज उठाने वालों को निकाल दिया गया है… जिसने हड़ताल करने की सलाह दी वो नरेश जयसवाल अब भी कम्पनी में है… वो PCR के लोगों को कम्पनी की नज़रों में बुरा बना कर अच्छा बना बैठा है..

इंडिया न्यूज के एक कर्मी द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

मूल खबर-

India News में PCR ने की हड़ताल, 3 में से 1 महीने की सेलरी देकर टरकाया, कर्ज़े में कर्मचारी

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  • India News ke pcr me jin 12 logo ne hartaal kri thi unsabko aap job se nikaal diya.. aur baki sabhi department pr jor dala jaa rha hai ki ye sab harkate jo karega usko bhi nikaal diya jayega... Sath hi sath abhi tk salary ka kuch pata nahi kab aaye.. iske alawa jo log hr ke pass personally jake setting krr rhe hai.. unka naam likh krr kuch selected logo ki hi salary dene ka wada kiya hai.. national aur regional me bhedbhav bhi krr rhe hai.. regional walo ki salary aur late ho sekti hai... Salary na dene ke baad bhi employees ko jor diya jaa rha hai daily aane ka... Aur toh aur.. hume na koi week off time se milta hai aur na koi leave milti hai.. ager week off ke alawa aap off lete ho toh aapke paise bhi kaat lete hai.. kem paiso prr kaam krne ke lia jor diya jata hai..

  • India News की बेशर्मी, सैलरी न आने से से कर्ज़े में डूबे कर्मचारियों ने की हड़ताल तो बेइज़्ज़त कर नौकरी से निकाला

    अपने कर्मचारियों के पैसे से निजी तौर पर फल फूल रहे India News के मैनेजमेंट ने हाल फिलहाल में शर्मनाक कदम उठाया है। कंपनी ने उन 10 से ज्यादा कर्मियों को टर्मिनेट कर दिया जिन्होंने 2 से ज्यादा साल तक सैलरी देर से मिलने पर जब अति हो गई तब हड़ताल की थी। इंडिया न्यूज में कई दूसरे विभाग भी हड़ताल की योजना बना रहे थे यही वजह मानी जा रही है कि कम्पनी ने उन सभी को डराने और धमकाने के रखने के लिए टर्मिनेट करने का काम किया है। चैनल के कर्मचारी बेहद परेशान हैं। किसी पर हजारों लाखों का कर्ज़ा हो चुका है तो कई मानसिक तौर पर प्रताड़ित हो होकर ज़िन्दगी बिता रहे हैं। एचआर की ज़िम्मेदारी निभा रहे नरेश जसवाल कर्मचारियों से सीधे मुंह बात तक करना नहीं जानते और कोई सैलेरी का पूछे तो गोल मोल जवाब या फिर बदतमीज़ी से जवाब दिया जाता है। चैनल के मालिक कार्तिकेय शर्मा लगातार बिल्डिंग के निर्माण में पैसे लगा रहे हैं। चैनल की बिल्डिंग में चौथी मंज़िल को खूबसूरत तरीके से बनाया जा रहा है। जानकारी है कि मालिक कर्मचारियों के पैसे का इस्तेमाल कर अपने ऐशो-आराम के लिए इसे तैयार करवा रहे हैं। चैनल में अगस्त तक की सैलरी ही अभी तक दी गई है और आगे की कब दी जाएगी इसके लिए कोई जवाबदेह नहीं है। आखिरी सैलरी ज्यादातर कर्मचारियों को अक्टूबर के पहले हफ्ते में दी गई थी उसके बाद दीवाली पर उम्मीद थी लेकिन कर्मचारियों को गरीबी में ही बिना सैलरी के दीवाली मनानी पड़ी। कुल मिलाकर कर्मचारी मानसिक प्रताड़नाओं के बीच नौकरी करने को मजबूर हैं और कर्ज़े में दबे हुए हैं। डर इस बात का है कि कोई कर्मचारी किसी दिन प्रताड़ना की वजह से कोई गलत कदम ना उठा ले अगर ऐसा हुआ तो उसके लिए क्या चैनल का मैनेजमेंट ज़िम्मेदारी लेगा? आखिर चैनल की अच्छी कमाई होने के बाद भी कार्तिकेय शर्मा क्यों अपने कर्मियों का पैसा नहीं देना चाहते हैं? क्या कर्मियों की मेहनत की कमाई से चैनल के मालिक लगातार संपत्तियां बना रहे हैं और कर्मी कर्ज़े में डूबे हुए हैं? कार्तिकेय शर्मा को क्या अपने कर्मियों के दर्द का एहसास नहीं या पैसे की हवस में इतने अंधे हो गए हैं कि कर्मियों के दर्द को देखना नहीं चाहते हैं?

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