इंदौर प्रेस क्लब में अध्यक्ष-महासचिव भिड़े, एक-दूसरे को फूटी आंख नहीं सुहा रही ‘जय-वीरू’ की जोड़ी

इंदौर प्रेस क्लब में इन दिनों अध्यक्ष प्रवीण खारीवाल और महासचिव अरविंद तिवारी के बीच जंग छिड़ गई है। कभी ये दोनों ‘शोले’ की जय और वीरू की जोड़ी की तरह साथ थे! आज ये एक-दूसरे को फूटी आँखों नहीं सुहाते! हफ्तेभर पहले अरविंद तिवारी कोर्ट के एक फैसले को आधार पर प्रवीण खारीवाल को अध्यक्ष पद से हटा दिया था! चार दिन पहले खारीवाल रजिस्ट्रार, फर्म एंड सोसायटी के जरिए इस फैसले के खिलाफ स्टे ले लिया और फिर अध्यक्ष बन गए! प्रवीण खारीवाल ने पद पर आते ही प्रेस क्लब महासचिव अरविंद तिवारी के विरुद्ध आरोप पत्र जारी किया और एक नई जंग का एलान कर दिया!

 

इस आरोप पत्र का मजमून…

महोदय,

दिनांक ०१ जुलाई २०१५ को आयोजित इंदौर प्रेस क्लब प्रबंधकारिणी समिति की अधियाचित बैठक में प्रबंधकारिणी समिति सदस्य श्री के.के. शर्मा ‘गुड्डू’ ने आपके विरुद्ध विभिन्न सदस्यों और स्त्रोतों से प्राप्त शिकायतें प्रस्तुत की। प्रबंधकारिणी समिति ने सर्वानुमति से इन शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए इंदौर प्रेस क्लब के विधान की धारा ८ (च) के तहत आरोप पत्र जारी करने का निर्णय लिया है। दिनांक ०२ जुलाई २०१५ को जारी आरोप पत्र का सात दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करें।

आरोप पत्र

१. आप पर आरोप है कि आपने अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए निजी कार्यों के लिए इंदौर प्रेस क्लब के नवीन भवन में जी-१ कक्ष पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। कई बार सूचना देने के बावजूद आपने न तो कक्ष के लिए निर्धारित शुल्क देकर लीज डीड रजिस्टर्ड करवाई और ना ही बीते तीन वर्षों में मेनटेनेंस दिया और ना ही बिजली बिल। इस तरह आपने करीब पांच लाख रुपये की धोखाधड़ी संस्था के साथ की है। 

२. आप पर आरोप है कि आपने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए ०७ जून २०१५ को आयोजित इंदौर प्रेस क्लब की साधारण सभा की प्रोसेडिंग को बदल दिया। सदन में गठित ९ सदस्यों की छानबीन समिति निर्णय को भी आपने मनमाने ढंग से बदल दिया। विशेष रूप से पांच – पांच सदस्यों वाली दो समितियों का जिक्र साधारण सभा में नहीं हुआ था उसे प्रोेसेडिंग में शामिल कर गंभीर अपराध किया और सदन में उपस्थित सदस्यों के साथ धोखाधड़ी की है। प्रोसेडिंग पर अध्यक्ष महोदय के पुष्टि सूचक हस्ताक्षर नहीं करवाकर विधान विरोधी कार्य को अंजाम दिया है। 

३. आप पर आरोप है कि आपने ०७ जून २०१५ की साधारण सभा की प्रोसेडिंग में कई तथ्यात्मक गलतियां की है। सहायक पंजीयक फम्र्स एवं संस्थाएं, इंदौर संभाग में प्रस्तुत प्रोसेडिंग में आपने इंदौर प्रेस क्लब के अध्यक्ष महोदय को महासचिव बताया गया है और साधारण सभा में गठित ९ सदस्यीय समिति को ८ सदस्यीय समिति कर दिया है। इस समिति के लिए सदन द्वारा नामांकित वरिष्ठ संवाददाता श्री सूरज उपाध्याय का नाम जानबूझकर विलोपित कर दिया है। प्रोसेडिंग में एक-दो स्थानों पर विधान की धाराओं का गलत उल्लेख किया गया है।  

४. आप पर आरोप है कि आपने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए ०७ जून २०१५ को आयोजित साधारण सभा की बैठक में कई मर्तबा अध्यक्ष एवं सदन की बगैर अनुमति के हस्तक्षेप और सभा का संचालन किया, जिस वजह से कई मर्तबा अप्रिय स्थिति बनी। 

५. आप पर आरोप है कि आपने प्रबंधकारिणी समिति सदस्यों की बैठक किए बिना बाले-बाले अध्यक्ष महोदय को इंदौर प्रेस क्लब की सदस्यता एवं अध्यक्ष पद से हटा दिया। अभी तो यह भी स्थापित नहीं हो पाया है कि उस न्यायालयीन प्रकरण की छायाप्रति सत्य है भी या नहीं। शनिवार २० जून २०१५ को एकाएक आई एक शिकायत के आधार पर २१ जून २०१५ को अध्यक्ष महोदय की सदस्यता ही समाप्त कर दी गई। उन्हें प्राकृतिक न्याय के तहत सफाई का अवसर तक नहीं दिया गया। इस प्रकरण में आपने पूरी प्रबंधकारिणी समिति को धोखे में रखा और बाले-बाले केविएट भी दायर कर दी।

६. आप पर आरोप है कि आप लगातार तीन वर्षों से इंदौर प्रेस क्लब विधान का उल्लंघन कर रहे हैं। नियमानुसार प्रत्येक दो माह में उन्हें प्रबंधकारिणी समिति की बैठक आहूत करना चाहिए, लेकिन तीन वर्षों में सिर्फ १० बैठकें ही आयोजित की गईं। बैठकों का एजेंडा और बाद में प्रोसेडिंग भी जारी नहीं की जाती। 

७. आप पर आरोप है कि आपने नियम विरोधी कार्य करते हुए संस्था का प्रोसेडिंग रजिस्टर भी निजी संपत्ति की तरह अपने पास रखा है। सदस्यों द्वारा रजिस्टर मांगें जाने पर न तो रजिस्टर का अवलोकन करने देते हैं और ना ही उसकी प्रतिलिपि उपलब्ध कराते हैं। 

प्रवीण कुमार खारीवाल, अध्यक्ष, इंदौर प्रेस क्लब

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