अवैध खनन में एसएसपी आगरा की भूमिका की जाँच की मांग

एक्टिविस्ट डॉ नूतन ठाकुर ने आगरा के खैरागढ़ तथा अन्य इलाकों में अवैध खनन में एसएसपी आगरा बबलू कुमार की भूमिका की जाँच की मांग की है. 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजी अपनी शिकायत में नूतन ने कहा कि 08 नवम्बर 2020 को खनन माफिया द्वारा ग्राम नगला सोन थाना खैरागढ़ में सिपाही सोनू चौधरी की हत्या कर दी गयी.

इससे पहले भी 05 जून 2019 को खैरागढ़ थाने में सिपाही संजीव कुमार को चम्बल माफियाओं ने गोली मार दी थी, जिस संबंध में एसआई श्री प्रमोद कुमार ने 18 माफियाओं पर नामजद मुकदमा दर्ज किया था.

02 जुलाई 2019 को बबलू कुमार एसएसपी आगरा तैनात हुए और उनके एसएसपी रहते इस मुकदमे में 18 में से 15 आरोपियों के नाम विवेचना से निकाल दिये थे तथा 24 अक्टूबर 2019 को मात्र 3 नामजद आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र भेजा गया. यह आरोपपत्र भी विगत एक साल से सीओ खैरागढ़ आफिस में लंबित है.

नूतन के अनुसार इस मामले में सीओ खेरागढ़ प्रदीप कुमार ने बबलू कुमार को विवेचक के खिलाफ प्रारम्भिक जांच कराये जाने को पत्र भी भेजा लेकिन बबलू कुमार द्वारा उस पर कोई कार्यवाही नहीं की गयी.

एक अन्य प्रकरण में चम्बल के करीब 100 ट्रैक्टर लाडूखेड़ा चौकी क्षेत्र से निकालने को चौकी इंचार्ज शरद दीक्षित ने मना कर दिया तो एक सफेदपोश से उनका विवाद हुआ था, जिसके बाद बबलू कुमार ने उलटे शरद दीक्षित को ही उस चौकी से ट्रान्सफर कर ताज सुरक्षा में भेज दिया. 6 महीने पहले आईजी रेंज आगरा सतीश गनेश ने खेरागढ़ के 6 थानों में खनन होने पर कार्यवाही को कहा था किन्तु बबलू कुमार के स्तर पर कोई कार्यवाही नहीं हुई.

इन समस्त तथ्यों को अत्यंत गंभीर बताते हुए नूतन ने इन समस्त तथ्यों की उच्चस्तरीय जाँच करा कर कठोर कार्यवाही किये जाने की मांग की है.

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