एनडीटीवी में कार्यरत रहीं कनुप्रिया, उनकी बेटी और पिता की सड़क हादसे में मौत

Ravish Kumar : धर्मवीर भारती की कविता से अपना नाम लेकर आई थी। उसके पिता ने बहुत चाव से यह नाम चुना होगा। हमलोग उसके लिए एंकर लिंक लिखा करते थे। मॉडलिंग और मिस इंडिया की दुनिया छोड़ टीवी में आई थी। जब देखो, जिस साल देखो वैसी की वैसी दिखती थी।

अक्सर मज़ाक़ मे कहता था यार तुम ने खाने की तमाम इच्छाओं को कैसे कंट्रोल कर लिया है। धीरे धीरे हम समझ गए कि उसे सुपर फ़िट होने की सनक नहीं है। वह एक अनुशासित जीवन जीने की आदी है। उसने कभी किसी को ऐसा कुछ कहा भी नहीं कि आप याद रखें। कोई शिकवा शिकायत नहीं। उसकी आवाज़ बिल्कुल साफ़ थी। बिना छल कपट वाली। मुस्कुराती हुई।

फिर एक दिन मॉडलिंग की तरह टीवी की दुनिया से भी दूर चली गई। कई साल गुजर गए। एक साल उसने गिफ़्ट का पैकेट भेजा। कार्ड का नाम पढ़ते ही चौंका। फ़ोन किया तो हँसने लगी। तुम भूल गए होंगे इसलिए सोचा याद दिलाती हूँ। हम सब तुम्हारे फ़ैन हैं। तुमने इन सालों में कुछ खाया भी कि नहीं। वही जवाब हूँ तो वैसी ही। यार कनुप्रिया तुम मुझे नहीं खाना सीखा दो। हंसती रही।

उसने कहा कि अच्छा लगता है तुम्हारा काम तो मेरी तरफ़ से शुक्रिया समझना और जल्दी मिलते हैं। हम नहीं मिले। तभी गंभीर आर्थिक चर्चाओं वाले एक व्हाट्स एप ग्रुप में KP बन कर लौटी। खेती के बारे में कितना कुछ जानने लगी थी। मॉडलिंग और टीवी से निकल कर गाँव और किसानों के बीच भटकने लगी।

सब KP की बातों को ध्यान से सुनने लगे। राजनीति से लेकर दूसरे विषयों पर उसकी बातों का वज़न था। कोलंबो में ड्राईवर को नींद आ गई और कनुप्रिया, उसकी बेटी और पिता गंगा प्रसाद विमल की दुर्घटना में मौत हो गई। जिसके होने से किसी को सुई बराबर चुभन नहीं हुई होगी उसकी मौत ऐसे आई। उसे देखकर यही ख़्याल आता है कि कोई उसके जैसा कैसे हो सकती है। कोई कनुप्रिया कैसे हो सकती है? अब कनुप्रिया क्यों नहीं है। अलविदा के पी। कनुप्रिया।

Braj Mohan Singh : So sorry to learn about your passing away Kanupriya Saigal dear Kanu. I can’t believe that you are no more. You were such a pure soul.

लगता है हमारे परिवार का एक सदस्य सदा सदा के लिए बिछड़ गया। सुन कर रूह कांप जाती है कि तुम नहीं रहे। न जाने क्यों अच्छे लोग इस दुनिया को छोड़कर इतनी जल्दी क्यों चले जाते हैं. गोलोक में तुम्हारी आत्मा को शांति मिले।

Heartfelt condolence for your father, Ganga Prasad Vimal.

पिता महान लेखक थे.

Get well Yogesh. My prayers for you.

I join prayers for your family with Vartika Nanda and Himanshu Shekhar and entire NDTV.

पत्रकार रवीश कुमार और ब्रज मोहन सिंह की एफबी वॉल से.

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