भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले पत्रकार की जांच के आदेश

हरदोई: भ्रष्टाचार से संबंधित प्रकरण की जांच करने वाले अधिकारी ने भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले पत्रकार की ही जांच शुरू कर दी। जांच अधिकारी ने संबंधित पत्रकार को लिखित रूप से नोटिस जारी कर खबर से संबंधित साक्ष्य व बयान तलब किये हैं। मीडिया संस्थान ने प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया में शिकायत करने की बात कही है।

ताजा मामला हरदोई जनपद से जुड़ा हुआ है, जहां पर भ्रष्टाचार को उजागर करने पर भ्रष्टाचार की जांच के बजाय खबर लिखने वाले पत्रकार की ही जांच शुरू कर दी गई। जीआईसी के प्रधानाचार्य टीआर वर्मा ने जांच अधिकारी के तौर पर अपने पत्रांक संख्या 175/76 में द टेलीकास्ट को नोटिस भेजकर ख़बर से संबंधित साक्ष्य व बयान तलब किये हैं।

दरअसल प्रकाशक और प्रधानाचार्य के बीच पैसे के लेन-देन का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें बुकसेलर नितिन दीक्षित द्वारा जनता इंटर कॉलेज पुरसौली के प्रधानाचार्य राजेश तिवारी को रुपये देते दिखाई दे रहे हैं। इसका प्रकाशन 19 अक्टूबर 2021 को द टेलीकास्ट पर किया गया था।

डीआईओएस ने प्रकरण की जांच के निर्देश दिये थे, किन्तु हैरानी वाली बात तो ये है कि जांच अधिकारी बने जीआईसी हरदोई के प्रधानाचार्य टीआर वर्मा ने प्रकरण की जांच के बजाय पत्रकार की ही जांच शुरू कर दी, और ख़बर से संबंधित साक्ष्य तलब कर बैठे। इस संबंध में डीआईओएस वीके दुबे का कहना है कि उन्होंने प्रकरण से संबंधित जांच के निर्देश दिए थे, न कि पत्रकार की जांच के। जीआईसी प्रधानाचार्य ने गलत नोटिस जारी की है।

उधर प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के रजा रिजवी का कहना है कि पूरे देश मे किसी भी पत्रकार की शिकायत के लिए केवल भारतीय प्रेस परिषद बनाया गया है। ख़बर से संबंधित साक्ष्य कोई अधिकारी या कर्मचारी नही मांग सकता, ये अधिकार केवल भारतीय प्रेस परिषद व न्यायालय को ही है। यदि किसी को खबर से सम्बंधित शिकायत है तो वह भारतीय प्रेस परिषद में शिकायत करे।

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