मजीठिया पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का होगा अनुपालन, केन्द्रीय मंत्री ने पत्रकारों को दिया आश्वासन

केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे और बिहार भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने मंगलवार को मीडियाकर्मियों को आश्वासन दिया कि जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड की अनुशंसा और सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में वे पत्रकारों की भावना को सक्षम स्थान व नेतृत्व के समक्ष अवश्य रखेंगे। केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे ने बिहार के गया जिले में पत्रकारों के समक्ष दावा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश में किसी को भी दवा के अभाव में मरने नहीं देने को लक्षय रखा है।

केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे के इस दावे पर मीडियाकर्मियों ने सवाल किया कि केन्द्र सरकार जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड की अनुशंसा के आलोक में सुप्रीम कोर्ट के आदेश को क्रियान्वित कयो नही करा रही है। बिहार में कई  मीडिया हाउस प्रखंड और अनुमंडल के पत्रकारों को क्रमशः दो और पांच सौ रुपए प्रति माह देता है। ऐसे में पत्रकार अपने परिवार का पालन कैसे करेगा। श्रम कानून के तहत ईपीएफ ईएसआई, सर्विस बुक आदि की सुविधा से 95 प्रतिशत पत्रकार वंचित है। केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे और प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने बताया कि वे यह सुनिश्चित कराने का प्रयास करेंगे कि उन्हें श्रम कानून के तहत उपलब्ध सभी सुविधाएं मिले। केन्द्रीय मंत्री और भाजपा प्रवक्ता के बयान के बाद पत्रकारों के बीच उम्मीद जगी कि शायद सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन निकट भविष्य में केन्द्र सरकार करा सकती है

केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह पत्रकारों को श्रम कानून के तहत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए करेंगे पहल

केन्द्रीय राज्यमंत्री गिरिराज सिंह ने बिहार के गया में पत्रकारों के हक की लडाई में पहल करने की घोषणा की है। केन्द्रीय मंत्री श्री सिंह को जब पत्रकारों ने बताया कि जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड की अनुशंसा के आलोक में वेतन और अन्य सुविधाएं नहीं मिल रही है। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड की अनुशंसा को लागू करने के लिए फैसला सुना दिया है। केन्द्रीय मंत्री श्री सिंह ने कहा कि श्रम कानून के तहत ईपीएफ ,ईएसआई, सर्विस बुक सहित जो भी सुविधाएं देय है। उसे दिलाने के लिए केन्द्रीय श्रम मंत्री से बात करेंगे। उन्होंने कहा कि यह जानकर तकलीफ हुआ कि बड़ी संख्या में  लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ के मित्रों को प्रतिदिन तय दैनिक मजदूरी भी नहीं मिल रहा है। औरंगाबाद के सांसद सुशील कुमार सिंह ने भी पत्रकारों से सम्बंधित ज्ञापन की मांग कर आश्वासन दिया कि इस सम्बन्ध में वे पीएमओ और श्रम मंत्री तक पत्रकारों की बात पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

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