आकाशवाणी के डीटीएच हिंदी चैनल ‘मंदाकिनी’ पर गिरी गाज, देखें आदेश की कॉपी

आकाशवाणी के पहले डीटीएच हिंदी चैनल मंदाकिनी का 16 दिसंबर 2004 को आगाज हुआ. इस चैनल को किसी भी डीटीएच सर्विस पर AIR Hindi के नाम से सुना जा सकता है। करीब 40 एनाउंसर इस चैनल पर लाइव प्रसारण करते हैं। ये चैनल भारतवर्ष के साथ-साथ विश्व के 44 अन्य देशों मे भी सुना जाता है. यहां से प्रसारित होने वाले लाइव कार्यक्रमों को उद्घोषकों ने इतनी खूबसूरती से प्रस्तुत किया कि देखते ही देखते सभी लाइव शो श्रोताओं को खूब पसंद आने लगे और श्रोताओं की लगातार संख्या बढ़ती चली गई.

आज इस DTH हिंदी चैनल मंदाकिनी को सुनने वाले श्रोताओं की एक बड़ी संख्या है जो यहां से प्रसारित मनोरंजक और ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों से जुड़े अपने विचार संदेशों और मेल के माध्यम से पहुंचाते हैं. DTH हिंदी मंदाकिनी चैनल से अलग-अलग राज्यों के स्थानीय समाचार, सांस्कृतिक कार्यक्रम व लोकगीत भी प्रसारित किए जाते हैं.

14 वर्षों की मेहनत से खड़े किए इस चैनल की रात्रि कालीन सेवा को कम बजट का हवाला देते हुए कुछ माह पहले बंद कर दिया गया. इससे लाइव नाइट शो सुनने वाले श्रोता निराश हुए. आर्थिक तंगी की बात यहीं समाप्त नहीं हुई. कॉस्ट कटिंग की बात करते हुए सभी लाइव कार्यक्रमों का प्रसारण 1 अप्रैल 2018 से रोककर इस चैनल को मात्र रिले केंद्र बना दिया गया है. उद्घोषकों को आहत करता यह फैसला श्रोताओं के लिए भी निराशा और दुख का कारण बना हुआ है. इस बारे में मंदाकिनी के इंप्लाइज ने प्रधानमंत्री ऑफिस, सूचना प्रसारण मंत्रालय, डीजी AIR और DDG दिल्ली स्टेशन AIR को पत्र लिखकर अवगत कराया है.



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