यूपी के मुख्य सचिव के खिलाफ CBI जांच की खबरों के पीछे की सच्चाई क्या है?

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पूर्व आईपीएस अधिकारी और सोशल एक्टिविस्ट अमिताभ ठाकुर तथा एडवोकेट डॉ नूतन ठाकुर ने यूपी के मौजूदा मुख्य सचिव डी एस मिश्रा के विरुद्ध सीबीआई जाँच के समाचार की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है.

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मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत में उन्होंने कहा कि सीबीआई द्वारा श्री मिश्रा के खिलाफ चीनी मिल घोटाले में जाँच हेतु केंद्र सरकार से अनुमति मांगे जाने विषयक समाचार सामने आये हैं.

समाचारों के अनुसार श्री मिश्रा तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती के अत्यंत नजदीकी थे और उसी समय विभागीय प्रमुख सचिव के रूप में उन्होंने प्रदेश के तमाम चीनी मीलों को नियमों को पूरी तरह दरकिनार करते हुए औने-पौने दाम पर बेचने में प्रमुख भूमिका निभाई थी. सीबीआई एक लंबे समय से इसकी जाँच कर रही थी और अब उनके द्वारा श्री मिश्रा के खिलाफ जाँच हेतु अनुमति मांगी गयी है.

अमिताभ और नूतन ने कहा कि किसी भी प्रदेश के मुख्य सचिव के विरुद्ध इतने गंभीर आरोप अपने आप में अत्यंत गंभीर स्थिति है, विशेषकर तब जब प्रदेश सरकार द्वारा लगातार भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की बात की जा रही हो.

अतः उन्होंने इन आरोपों के संबंध में वास्तविक स्थिति को सार्वजनिक करने तथा केंद्र सरकार से इन तथ्यों की स्थिति ज्ञात करते हुए सही पाए जाने पर श्री मिश्रा को अविलम्ब मुख्य सचिव के पद से मुक्त किये जाने की मांग की है.

साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री तथा केंद्रीय डीओपीटी मंत्री से इस संबंध में स्थिति ज्ञात कर गुणदोष के आधार पर यथाशीघ्र निर्णय लेने की मांग की है.

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