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RSS के मुखपत्र पांचजन्य में काम करने वाले निशांत आज़ाद को धमकी दिए जाने के पीछे का सच क्या है?

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विजय शंकर सिंह-

जब इन्हे कोई धमकी नहीं देता, तो यह सब आपस में ही धमकी – धमकी खेलते हैं.

निशांत आज़ाद. RSS के मुखपत्र पांचजन्य में काम करते हैं। निशांत ने बताया था कि, वर्चुअल नंबर से उन्हें एक शख्स ने ‘सर तन से जुदा’ की धमकी दी. जान से मार देने के इस मामले में आरोपी को गिरफ़्तार कर लिया गया है।आरोपी का नाम प्राणप्रिय वत्स है. आरोपी, निशांत आज़ाद का पुराना परिचित है।

निशांत ने ग़ाज़ियाबाद के इंदिरापुरम थाने में रपट दर्ज कराई. पुलिस मामले की जांच में जुट गईं. मीडिया को निशांत ने, बताया कि मेसेज के बाद उन्हें कॉल और वीडियो कॉल भी आया था, जिसका जवाब उन्होंने नहीं दिया था। इस बीच मीडिया में खबरें छपीं कि निशांत को कट्टरपंथियों ने धमकी दी है।

अब इस मामले में पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया है. पुलिस ने बताया कि “आरोपी और निशांत एक-दूसरे को ढाई साल से जानते हैं. निशांत ने आरोपी को ढाई लाख रुपए उधार दे रखे थे और बार-बार उससे उधार वापस मांग रहे थे। तो आरोपी ने निशांत को डराने और ध्यान भटकाने के लिए उन्हें ये धमकी दी।

कुछ दिन पहले ग़ाज़ियाबाद के ही एक डॉक्टर, अरविंद वत्स ने कहा था कि हिंदू संगठनों का समर्थन करने के लिए उन्हें सर तन से जुदा की धमकी मिली। डॉक्टर वत्स ने बताया कि पहली बार उन्हें एक सितंबर की रात को इस नंबर से कॉल आई थी। उन्होंने कॉल का जवाब नहीं दिया क्योंकि वो सो रहे थे।

इसके बाद फिर उसी नंबर से 7 सितंबर को कॉल आया. फोन करने ने कहा कि अगर वो हिंदू संगठनों का समर्थन करेंगे, तो उनका सिर क़लम कर दिया जाएगा। पुलिस की जांच बैठी। 18 सितंबर को पुलिस ने बताया कि मामला फर्जी है डॉक्टर ने ख़ुद ही यह मामला रचा था और लोकप्रिय होने के लिए कहानी बनाई।

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