पनामा पेपर्स की तरह कहीं आपके कारोबार का भी आनलाइन कच्चा चिट्ठा लीक न हो जाए, जानें सुरक्षा के उपाय

पनामा पेपर्स के लीक को लेकर बवाल मचा हुआ है. छोटे बड़े देशों के वीआईपी लपेटे में आ चुके हैं. दरअसल ये मोजाक फोंसेका कंपनी के कारोबार से जुड़े दस्तावेजों का लीक है. इन दस्तावेजों में कंपनी के पिछले 30+ सालों के कारोबार का कच्चा चिठ्ठा मौजूद है. कंपनी के मैनेजमेंट का कहना है कि उसके डाटा को बाहर के व्यक्तियों द्वारा चुराया गया है. उनका मानना है कि संभवतः किसी ने उनके सर्वर्स पर मौजूद जानकारी को चुराया है. तो हम कह सकते हैं कि ये मामला हैकिंग से जुड़ा हो सकता है. सालों पहले विकीलीक्स में भी कुछ ऐसा ही हुआ था. उन्होंने किस किस देश से कितना डाटा चुराया या प्राप्त किया, ये आज तक पता लगाया जा रहा है.

कुल मिलाकर यदि आप कोई ऐसा व्यवसाय करते हैं जिसमें गोपनीय जानकारी को संजोया जाता है, तो आपको चिंतित होने की जरूरत है. आपको अपने कंप्यूटर की सुरक्षा की चिंता अवश्य करनी चाहिए, पर अपने व्यावसायिक डाटा जो कि सर्वर्स पर सेव होता है, उसके लिए अधिक चिंतित होने की आवश्यकता है. आइये जानते हैं कुछ ऐसे उपायों के बारे में जिससे आपको अपने व्यावसायिक डाटा को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी.

भरोसेमंद आईटी सेटअप
जो भी व्यक्ति या कंपनी आपके सर्वर्स और आईटी सेटअप को मैनेज करता है, उसको अच्छे से जांचें. उन्होंने आपके डाटा की सुरक्षा के लिए क्या उपाय किये हैं? हैकिंग से बचने के लिए क्या किया है? कुछ गड़बड़ होने पर फटाफट उसको ठीक करने की काबिलियत उनके पास है या नहीं?

सुरक्षित सॉफ्टवेयर का प्रयोग
इन्टरनेट पर प्रतिदिन सैकड़ों वायरस अवतरित होते हैं, और लगभग सभी का उपचार भी ढूंढ लिया जाता है. ये उपचार आपके पास सॉफ्टवेर अपडेट के रूप में आता है. जब भी आप कोई सॉफ्टवेर अपडेट करते हैं, उसमें कई अपडेट सुरक्षा को बढ़ाने के लिए भी होते हैं. तो अपने सर्वर का सॉफ्टवेर अपडेटेड रखिये, आपको हैकिंग या लीक से बचने में मदद मिलेगी.

डाटा रिकवरी प्रणाली का प्रयोग
आपके पोर्टल या कॉर्पोरेट इंट्रानेट पर जब कोई हैकर हमला करता है तो कई बार आपके डाटा के साथ छेड़छाड़ भी हो सकती है. इसलिए आपके कॉर्पोरेट सर्वर्स का डिजास्टर रिकवरी सेटअप अत्यंत आवश्यक है. यदि आपके पास रिकवरी सिस्टम है तो बहुत जल्दी किसी भी ऑनलाइन हमले से निपटने में मदद मिलेगी.

डाटा एन्क्रिप्शन का प्रयोग
कॉर्पोरेट सर्वर्स से डाटा का आदान-प्रदान करते समय अत्यंत आवश्यक है कि आपका डाटा सुरक्षित रूप से तारों में (over the network) प्रवाहित हो. नेटवर्क में प्लग इन करके डाटा की चोरी सरलता से संभव है. इससे बचने के लिए मुख्य रूप से VPN (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) और SSL सर्टिफिकेट को अवश्य अपनाएं.

कुल मिलाकर आपकी कंपनी का डाटा आपकी जिम्मेदारी है. आपके ग्राहकों ने आप पर भरोसा करके आपको जानकारी दी है, अब ये आपका कर्त्तव्य है सारी आवश्यक सावधानियां अपनाएं और अपना कॉर्पोरेट डाटा सुरक्षित रखें.

लेखक दिवाकर सिंह नोएडा की कंपनी Qtriangle Infotech Pvt Ltd के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं. वेबसाइट डेवलपमेंट, मोबाइल एप्लीकेशन डेवलपमेंट और ई-कॉमर्स पोर्टल डेवलपमेंट का काम करते कराते हैं. साथ ही साथ भड़ास4मीडिया डाट काम के तकनीकी सलाहकार भी हैं. अगर आपको इनसे कुछ जानना-समझना, पूछना-जांचना या सलाह लेना-देना हो तो इनसे संपर्क dsingh@qtriangle.in के जरिए किया जा सकता है.

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