मुंबई के एक पत्रकार के चलते नेता बना निरहुआ अपना काला इतिहास छिपा न सका

पत्रकार से पंगा नहीं छोड़ रहा है निरहुआ का पीछा, आजमगढ़ में करना पड़ा दुबारा नामांकन… उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी दिनेश लाल यादव निरहुआ के खिलाफ मुंबई के पत्रकार और आरटीआई एक्टिविस्ट शशिकांत सिंह ने आजमगढ़ के रिटर्निंग अधिकारी और चुनाव आयोग में शिकायत दर्जकरायी जिसके बाद चुनाव आयोग के आंख तरेरने पर भाजपा प्रत्याशी दिनेशलाल यादव निरहुआ को ना सिर्फ दुबारा नामांकन करना पड़ा बल्कि पत्रकार से हुये पंगे का पूरा विवरण भी देना पड़ गया।

दरअसल दिनेश लाल यादव ने पहले बतौर प्रत्याशी जो पहले चुनावी एफिडेविट दिया था उसमे जुलाई २०१८ में दिनेश लाल यादव के खिलाफ दर्ज एफआईआर के बारे जिक्र नहींथा। बता दें कि सोशल मीडिया पर खबर को लेकर दिनेश लाल यादव निरहुआ ने जून २०१८ में मुंबई के पत्रकार और आरटीआई एक्टिविस्ट शशिकांत सिंह को उनके मोबाइल पर फोन कर न केवल गाली गलौच की थी बल्कि घर में घुसकर जान से मारने की धमकी दी थी। ऐसे में शशिकांत सिंह नेम महाराष्ट्के नालासोपारा पूर्व के तुलिंज पुलिस स्टेशन ने एफआईआर दर्ज किया था। यह मामला फिलहाल वसई कोर्ट में चल रहा है।

मुंबई के पत्रकार शशिकांत सिंह

चूँकि निरहुआ के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुआ है और मामला कोर्ट तक पहुंचा है ऐसे में नियमत: उसे चुनावी एफिडेविट में उल्लेख करना जरुरी था ,लेकिन दिनेश लाल यादव ने अपने पहले एफिडेविट में कहीं जिक्र नहीं किया है कि उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज है। शशिकांत सिंह ने इस बाबत आजमगढ़ के रिटर्निंग आफिसर और चुनाव आयोग से शिकायत की थी कि मामले को गंभीरता से लें और दिनेश लाल यादव के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करें।

इसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर शिवाकांत द्विवेदी ने निरहुआ से इसका स्पष्टीकरण मांगा। पत्रकार शशिकांत सिंह की इस शिकायत के बाद और रिटर्निंग आफिसर शिवाकांत द्विवेदी के स्पष्टीकरण मांगने के बाद भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार दिनेश लाल यादव निरहुआ ने सोमवार को एक बार फिर आजमगढ़ कलेक्ट्रेट में नामांकन दाखिल किया। इसमें उन्होंने आपराधिक रिकार्ड के बारे में एक मुकदमा लम्बित होने की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि भूलवश पहले सेट के शपथ पत्र में इसकी जानकारी नहीं दी थी, लेकिन दूसरे सेट के शपथ पत्र मेंइस बात की जानकारी दे दी है।

पत्रकार के सवाल पर अखिलेश यादव ने आपा खोया

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