‘प्रयुक्ति’ अखबार में देर से दी जा रही है सेलरी

सच, सोच और समाधान के टैग के साथ दिल्ली से शुरू हुआ अखबार ‘प्रयुक्ति’ में कर्मचारियों को मिलने वाले वेतन की तारीख लगातार बढ़ती जा रही है। मालिकान की सोच यह है कि लोगों से ज्यादा से ज्यादा काम करवाओ और उनके पैसे मार कर बैठ जाओ। समाधान यह निकाला है कि लगातार सेलरी लेट करो और जो कर्मचारी छोड़कर चला जाए उसके पैसे मत दो।

अखबार की शुरुआत में यहां के कर्मचारियों की सेलरी 30 या 31 तारीख में आ जाती थी। लेकिन मालिक संपत कुमार ने अब सेलरी की तारीख बढ़ाकर अगले महीने की 20 कर दी है।

कोई कर्मचारी काम छोड़कर भी जाना चाहे तो उसके 20 दिन के पैसे मारे जाते हैं। सेलरी मिलने से पहले चला गया तो फिर पूरे डेढ़ महीने से ज्यादा के पैसे मारे जाते हैं। किसी भी कर्मचारी को अपॉइंटमेंट लेटर नहीं दिया जा रहा, ताकि कोई लेबर कोर्ट में केस न कर सके।

अखबार की आर्थिक हालत इतनी खराब हो चुकी है कि सर्कुलेशन और मार्केटिंग टीम को फरवरी महीने के बाद से सेलरी नहीं दी गई। पिछले महीने रिपोर्टिग स्टाफ में आए एक नए कर्मचारी को वेतन का चैक दिया गया वह भी बाउंस हो गया।

मालिक संपत कुमार और विनय कुमार के खिलाफ दिल्ली की अलग अलग अदालतों में चैक बाउंस के आधा दर्जन से ज्यादा केस चल रहे हैं। अखबार प्रयुक्ति में कर्मचारियों की हालत बंधुआ मजदूर से कम नहीं है।

एक पूर्व कर्मचारी द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

भड़ास की खबरें व्हाट्सअप पर पाएं, क्लिक करें-

https://chat.whatsapp.com/Bo65FK29FH48mCiiVHbYWi

One comment on “‘प्रयुक्ति’ अखबार में देर से दी जा रही है सेलरी”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *