रेल समय से चलाने में मोदी सरकार बुरी तरह विफल, सीमांचल एक्सप्रेस पूरे 39 घंटे लेट

Abhiranjan Kumar : रेलवे को संभालने और बेहतर बनाने में मोदी सरकार बुरी तरह विफल रही है। बातें बड़ी-बड़ी हुई थीं, लेकिन परिणाम सिफर रहा। सबसे ज्यादा पैथेटिक परफॉरमेंस सुरेश प्रभु का रहा, जो मेरी राय में मेरे होश संभालने के बाद से भारत के सबसे नाकाबिल रेल मंत्री साबित हुए। ट्विटर वाली शोशेबाज़ी को छोड़ दें, तो उनकी उपलब्धियों के नाम पर हमारे पास कुछ भी ठोस नहीं है, सिर्फ़ जनता की जेबें काटने के अलावा।

रेलवे में तमाम सुविधाओं का हाल बहुत बुरा है, लेकिन जो लोगों की एक सबसे बड़ी उम्मीद थी कि ट्रेनें समय से चलें, उस दिशा में भी मंत्रालय बुरी तरह से फेल साबित हुआ है। सबूत के तौर पर जोगबनी से चलकर आनंद विहार आने वाली सीमांचल एक्सप्रेस (12487) का हाल देख लीजिए। 6 मई की ट्रेन 1 दिन 15 घंटा लेट थी और आज सुबह 11.30 पर ग़ाज़ियाबाद पहुंची है। यह सिर्फ़ एक ट्रेन की कहानी नहीं है। उत्तर/पूर्वोत्तर भारत में चलने वाली प्रायः सभी ट्रेनें लेट ही रहती हैं। यहां तक कि राजधानी और शताब्दी ट्रेनें भी आधा एक घंटा लेट हो ही जाती हैं।

वरिष्ठ पत्रकार अभिरंजन कुमार की एफबी वॉल से.

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