राजदीप सरदेसाई के पाप

कल पुण्य प्रसून वाजपेयी ने बड़े भावुक होकर लिखा था कि तिनका-तिनका जोड़ कर जिस राजदीप ने आईबीएन-7 को खडा किया आज उस बाबुल की नैहर छूटी रे जाय. याद आ गया वह पढ़ कर सरदेसाई का धोखा. किस तरह रातो-रात इसने सांसद खरीद का सीडी कांग्रेस के हाथ बेच डाला था और भाजपा ठगी सी ही रह गयी थी. निश्चित ही विश्वासघात से बड़ा और कोई कुकर्म नहीं है.

 

इस पाप की सज़ा भी जल्द ही मिलती है. तेजपाल की दुर्गति के बाद अपना ये भरोसा और दृढ हुआ है. निश्चय ही राजदीप के लिए भी नियति ने कोई भयंकर दंड तामीर कर रखा होगा, ऐसा मेरा विश्वास है. सैकड़ों पत्रकारों का निवाला छीने जाने पर उफ़ तक भी नहीं करने का पाप तो खैर है ही.

भाजपा से जुड़े पत्रकार और एक्टिविस्ट पंकज कुमार झा के फेसबुक वॉल से.

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Comments on “राजदीप सरदेसाई के पाप

  • Subhash Nahar says:

    hame taqleef hoti hai jab koi media corporate business houses ke kabje me chala jata hai. ham iske khilaf bhi hai. lekin un patrkaron ko kya kaha jaye jo kisi bhi rajanaitik dal se jude hote hai. khabar likhte samay kya aise patrkar nishpaksh rah pate hai. corporates ke hathon men jo media ka hal hota hai, media ka utna hi bura hal ye bhajpa ya congraess se jude patrakar kar rahe hai.

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