अब साईं प्रसाद ग्रुप संकट में, सेबी ने पैसे लौटाने को कहा, चेक बाउंस होने से निवेशक उबले

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुंबई आफिस से जारी एक खबर के मुताबिक बाजार नियामक सेबी ने चिटफंड कंपनी साईं प्रसाद ग्रुप को निवेशकों से उगाहे गए अवैध पैसे लौटाने को कहा है. साईं प्रसाद समूह द्वारा दो कंपनियां बनाकर विभिन्न स्कीमों के तहत जनता से पैसे उगाहे जा रहे थे. साईं प्रसाद फूड्स लिमिटेड और साईं प्रसाद प्रापर्टीज लिमिटेड के नाम से बनाई गईं इन दो कंपनियों के जरिए साईं प्रसाद समूह ने जनता से अरबों रुपये लिए. जनता को विभिन्न किस्म के प्रलोभन दिए गए.

जब पूरे मामले की जानकारी सेबी को मिली तो सेबी ने तत्काल प्रभाव से इन दोनों कंपनियों के नाम से उगाही बंद करने के आदेश दिए. साथ ही इन दोनों कंपनियों को अगले तीन महीनों में जनता को पैसे लौटाने के आदेश दिए. साथ ही सेबी ने जनता को साईं प्रसाद ग्रुप की आकर्षक निवेश स्कीमों से बचने की सलाह दी. इस बाबत सेबी ने चेतावनी नोटिस जारी की है. नोटिस में साईं प्रसाद फूड्स लिमिटेड और साईं प्रसाद प्रापर्टीज लिमिटेड के निदेशकों और प्रमोटरों को निर्देश दिया गया है कि वे वर्तमान में चल रही कलेक्टिव इनवेस्टमेंट स्कीम बंद करें और जनता से अब तक जितना भी पैसा लिया है, उसे लौटा दें. बताया जा रहा है कि साईं प्रसाद को सेबी के पास कुल 3000 करोड़ रुपये जमा कराने हैं. इतने पैसे जमा कराने के वास्ते साईं प्रसाद के प्रमोटरों को नाकों चने चबाने पड़ रहे हैं. इसी क्रम में साईं प्रसाद मीडिया का शटर गिरा दिया गया है यानि सेलरी सप्लाई रोक कर मीडिया वेंचर को अकाल मौत मरने के लिए छोड़ दिया गया है.

सूत्रों का कहना है कि साईं प्रसाद ग्रुप की गतिविधियों पर सेबी की पैनी नजर है. ये ग्रुप कभी साईं प्रसाद मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड के नाम से जनता से पैसे उगाहता है तो कभी नाम चेंज कर साईं प्रसाद फूड्स लिमिटेड के नाम से जनता के बीच उगाही के लिए जड़ें जमाता है. सेबी ने इस गोरखधंधे को लेकर आम जन को आगाह किया है. सेबी ने जनता को पैसे लौटाने के प्रमाण भी साईं प्रसाद ग्रुप से मांगे हैं. अगर साईं प्रसाद ग्रुप सेबी के आदेश का पालन नहीं करता है तो इनकी कंपनियों और ब्रांचों के खिलाफ धोखाधड़ी, चारसौबीसी समेत कई धाराओं में केस दर्ज करने का आदेश राज्य सरकारों को सेबी दे सकता है. यही नहीं, सेबी पैसे न लौटाने की स्थिति में साईं प्रसाद ग्रुप की कंपनियों पर ताले लगवाने और संपत्ति प्रापर्टी जब्त करने की कार्रवाई भी शुरू करा सकता है.

ज्ञात हो कि सेबी की चपेट में पहले ही कई बड़ी चिटफंड कंपनियां आ चुकी हैं. सहारा, पीएसीएल, समृद्धि जीवन पर सेबी का डंडा पड़ा. बाद में मामला कोर्ट में गया और कई अन्य एजेंसीज ने इनके कारोबार की जांच पड़ताल शुरू की. इसी क्रम में साईं प्रसाद समूह का भी नाम जुड़ गया है. साईं प्रसाद के निवेशकों में भगदड़ की स्थिति है क्योंकि जगह-जगह चेक बाउंस हो रहे हैं और निवेशक बवाल कर रहे हैं.

इस बीच, रांची से खबर है कि अधिक मुनाफे का लालच देकर जनता की गाढ़ी कमाई लूटने वाली 28 चिटफंड कंपनियों की जांच सीबीआई से कराने का आदेश झारखंड हाईकोर्ट ने दिया है. झारखंड अगेंस्ट करप्शन की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस डीएन पटेल की खंडपीठ ने मामले को गंभीर माना. आरोपी कंपनियों की सीबीआई जांच का आदेश देते हुए राज्य सरकार, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट तथा ईडी को जांच में सीबीआई का सहयोग करने को कहा. खंडपीठ ने राज्य सरकार से कहा कि वह सीबीआई को जांच के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए. जिन कंपनियों के विरुद्ध जांच होगी, उनके नाम इस प्रकार हैं- साईं प्रसाद प्रॉपर्टीज लिमिटेड, सुराहा माइक्रो फाइनांस, सन प्लांट एग्रो, प्रयाग इन्फो टेक हाई राईज लिमिटेड, फेडरल एग्रो कामर्शियल लिमिटेड, गुलशन निर्माण, इंडिया लिमिटेड, तिरुलबाजी राइजिंग रीयल इस्टेट प्राइवेट लिमिटेड, एल केमिस्ट इंफ्रा रियल्टी लिमिटेड, घनोलटी डेवलपर्स लिमिटेड, कोलकाता वियर इंडस्ट्री लिमिटेड, संकल्प ग्रुप ऑफ कंपनीज, वियर्ड इन्फ्रा स्ट्रक्चर कारपोरेशन लिमिटेड, रूफर्स मार्केटिंग लिमिटेड, सनराईज ग्लोबल एग्रो लिमिटेड, रमल इंडस्ट्री लिमिटेड, एक्सेला इन्फ्रा स्ट्रक्चर एण्ड डेवलपमेंट लिमिटेड, एमपीए एग्रो एनीमल्स प्रोजेक्ट लिमिटेड, युगांतर रियलिटी लिमिटेड, गीतांजलि उद्योग लिमिटेड, एटीएम ग्रुप ऑफ कंपनीज, कायर विजन म्यूचुअल बेनीफिट लिमिटेड, मातृभूमि मैन्यूफैक्चरिंग एंड मार्केटिंग लिमिटेड, रोज वैली होटल्स एण्ड इंटरटेनमेंट लिमिटेड, वर्धमान एम्मार वेलफेयर सोसायटी, अपना परिवार एग्रो फार्मिंग डेवलपर्स लिमिटेड, वारिस ग्रुप एंड अर्शदीप फाइनांस लिमिटेड जादूगोड़ा में काम करने वाली कंपनी कमल सिंह एंड कंपनी।

रीवा से खबर है कि चिटफंड कंपनी साईं प्रसाद के कार्यालय में घुस कर दर्जन भर लोगों ने मैनेजर के साथ मारपीट की फिर उसे पुलिस के हवाले कर दिया. मौके पर मौजूद दर्जनों लोगों का आरोप है कि उनके द्वारा कंपनी में फिक्स डिपाजिट किया गया था जिसकी समय अवधि पूरा होने के बाद दिए गए चेक कैश नहीं हो रहे हैं. उधर मैनेजर से पूछताछ करने पर किसी प्रकार का जबाव नहीं दिया जा रहा है. रीवा के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के जॉन टावर में सार्इं प्रसाद चिटफंड कंपनी का कार्यालय संचालित है, जहां आम लोगों से रूपए जमा कराए जाते है. पीडि़त कैलाश गुप्ता ने बताया उनके साथ ही मौके पर मौजूद करीब दर्जन भर लोगों ने 15 से 20 हजार रूपए जमा किए थे, जिसके एवज में सभी को कंपनी के चेक दिए गए थे. निर्धारित समय पूरा होने के बाद इन चेकों को बैंक से कैश कराना था. पीडि़तों ने बताया कि समय अवधि पूरा होने के बाद जब चेकों को बैंक में लगाया तो शुरू के दो चेक कैश हो गए लेकिन उसके बाद के चेक बाउंस होने लगे. इसकी जानकारी लेने जब कंपनी के मैनेजर संदीप राउत निवासी जबलपुर हालमुकाम जॉनटावर से संपर्क किया तो उसने पहले तो सर्वर की समस्या बताई और उसके बाद जबाव देने से इंकार कर दिया. इससे आक्रोशित लोगों ने कार्यालय के अंदर ही पहले मैनेजर की धुनाई कर दी और उसके बाद सिविल लाइन थाने में लाकर पुलिस के सुपुर्द कर दिया है. पीड़ितों की माने तो ठगी के शिकाल लोगों की संख्या करीब 1500 से ज्यादा है.

रतलाम से मिली खबर के मुताबिक साईं प्रसाद कंपनी में 100 लोगों के लाखों रुपए अटक गए हैं. साईं प्रसाद ग्रुप ऑफ कंपनीज की फिक्स डिपाजिट स्कीम में शहर के 100 से ज्यादा लोगों के लाखों रुपए उलझकर गए हैं. छह साल पहले इनसे रकम दोगुनी करने का वादा कर एजेंट्स के माध्यम से रुपए जमा कराए थे. कंपनी ने उपभोक्ताओं को बाकायदा दोगुनी राशि के चेक भी जारी किए लेकिन अब सभी बाउंस हो रहे हैं. अनुमान है अकेले रतलाम कार्यालय से संबद्ध ऐसे करीब 20 लाख रुपए के चेक बाउंस हो चुके हैं. ठगाए लोग रोज कंपनी दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं. साईं प्रसाद ग्रुप आफ कंपनीज का रतलाम में न्यू रोड सत्यम कॉम्प्लेक्स में आफिस है. फिलहाल यहां रोज सुबह से शाम तक कई लोग रुपए निकालने के लिए चक्कर लगा रहे हैं. साईं प्रसाद ग्रुप ऑफ कंपनीज के खिलाफ पहले भी इंदौर, भोपाल आदि शहरों में हितग्राहियों के रुपए उलझाने और भ्रामक जानकारी देने के मामले दर्ज हो चुके हैं. कंपनी के गोवा, पुणे और इंदौर में रीजनल आफिस हैं. इसके अलावा अन्य शहरों में ब्रांच है. कंपनी के प्रमोटर बाला साहेब भापकर, उनकी पत्नी वंदना भापकर, पुत्र शशांक भापकर, संजय राव और शिशुपाल यादव हैं. कंपनी के 7 प्रमुख बैंकों में खाते हैं. रतलाम में जितने लोगों की एफडी पूरी हो चुकी है, उन्हें आरबील (रत्नाकर बैंक लि.) स्टेशन रोड ब्रांच के चेक दिए हैं. साईं प्रसाद ग्रुप ऑफ कंपनीज के एजेंट्स ने उपभोक्ताओं से नियत छह साल में राशि दोगुनी होने का दावा कर एफडी कराई थी. तय समय अवधि बाद भी हितग्राहियों को राशि का भुगतान नहीं हो रहा है. ऐसे मामलों में कंपनी के खिलाफ मप्र हित संरक्षण अधिनियम 2000 के तहत कार्रवाई की जा सकती है.  इसके तहत प्रकरण दर्ज करने के बाद प्रशासन की ओर से कोर्ट में परिवाद दायर किया जाता है.

साईं प्रसाद मीडिया के न्यूज चैनल ‘न्यूज एक्सप्रेस’ में कार्यरत रहे और कई महीनों से सेलरी संकट झेल रहे एक मीडियाकर्मी द्वारा तैयार किए शोध रिपोर्ट पर आधारित. अगर उपरोक्त रिपोर्ट के तथ्यों से किसी को कोई असहमति हो तो अपनी बात वह नीचे दिए गए कमेंट बाक्स में कह सकता है या फिर bhadas4media@gmail.com पर मेल कर सकता है.



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Comments on “अब साईं प्रसाद ग्रुप संकट में, सेबी ने पैसे लौटाने को कहा, चेक बाउंस होने से निवेशक उबले

  • चैनल पहले एयरटेल पर था पर एयरटेल का कंपनी पर करीब तीस लाख बकाया हो गया। जिसके बाद एयरटेल ने चैनल को आफ एयर कर दिया। उसके बाद चैनल के कर्मचारियों ने इंडिया शाइनिंग से संपर्क साधा और चैनल वहां सेटिंग और गेटिंग से चलने लगा। जबकि चैनल को एयरटेल से एनओसी लेना जरूरी था। पर यहां खेल कर दिया गया। चैनल को न्यूज एक्सप्रेस की फ्रीकेंसी से भी हटा दिया गया और चैनल को एक तेलगू चैनल के फ्रीक्रेंसी पर डाल दिया गया। यदि आप चैनल को देखेंगे तो चैनल के उपर दायी ओर आपको एक वाटरमार्क दिखाई देगा जो किसी तेलगू या फिर तमिल चैनल का है। वह यह दिखाता है कि न्यूज एक्सप्रेस अपनी फ्रीक्रवेंसी पर न चलकर बल्कि उस चैनल के फ्रीकवेंसी पर आन एयर है। नियमतः यह गैरकानूनी है और इसकी शिकायत यदि सूचना और प्रसारण विभाग के पास हो गई तो संभव है कि चैनल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो जाए। चैनल का लाइसेंस तक रद्द हो सकता है।
    सूत्र बता रहे हैं कि चैनल को आनएयर कराने के लिए चैनल के कुछ अधिकारी इंडिया शाइनिंग के कुछ अधिकारियों से संपर्क साधने की कोशिश में हैं पर वे अधिकारी चैनल को भाव ही नहीं दे रहे क्योंकि उनका कहना है कि पहले बकाया फिर कुछ औऱ । इस कारण चैनल के अधिकारी काफी परेशान हैं।

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  • कहने को तो सेबी निबेशको का हित देखने वाली संस्था है. पर निबेशको का हित कब देखती है. जब सब लुट चुके होते हैं. जब ऐसी कोई भी कंपनी रजिस्टर्ड होती है तब क्यों सोई रहती है. क्या यह सब जानबूझकर किया जाता है. क्या जानबूझकर कुछ प्रभावी लोगो को फायदा पहुचाया जाता है.

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  • Mukhtyarsingh says:

    साईं प्रसाद ग्रुप ऑफ कंपनी कब लोटायेगी निवेशकौ पैसा हमने अपने मेहनत की कमाई दुगना करने के लिए पैसा निवेश किया था समय पूरा होने के बाद भी हमारा पैसा नही मिला है क्या सरकार की कोई जिम्मेदारी नही है गरीबो का पैसा बापस दिलाने की मोदी सरकार से हमारा निवेदन है कि माननीय प्रधानमंत्री महोदय चोर कम्पनी साई प्रसाद ग्रुप ऑफ कंपनी से हमारे पैसे दिलवाने की कृपा करे धन्यवाद

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  • शिखा शर्मा says:

    मैंने भी अपना पैसा दोगुना करने के लिए औऱ भविष्य में किसी काम करने के लिए इन लोगों को दिया था।औऱ अब क्या करे ये समझ नही आ रहा है।मैने सेबी की हेल्पलाइन नंबर पर भी कॉल किया लेकिन वो भी ये बोल रहे हैं कि साई प्रसाद ग्रुप ऑफ कंपनीज में कई फर्म है, आपने किस फर्म में पैसे जमा कराए हैं।उसका नाम बताये।मेरे पास बस एक नाम है साई प्रसाद ग्रुप ऑफ कम्पनीज, जिसने मुझसे 6 साल में पैसे दोगुने करने की एवज में चेक लिए थे। आप ही कुछ हल बताये।मैने चेक भी वो जमा कराया था जो कि मुझे मेरे पति के death claim के बदले मिला था। मैंने वो सिर्फ अपना और अपने बच्चों के भविष्य में काम आने के लिए लगाए थे। कृपया मुझे कुछ सुझाव दे जिससे कि मैं अपने पैसे वापस पा सकु।

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  • Shambhunath yadav says:

    Ham bhi Sai Prasad properties Ltd me paisa jama kie hai lekin paisa vapas nahi Mila . SEBI ke pas bhi aavedan Diya Lekin Abhi tak koi khabar nahi hai.hame to lagata hai hamaari Sarkar bhi company se mil gayi hai is liye hamari paisa nahi Mila hai.

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  • manohar singh jamliya says:

    Main bhi Sahi Prasad mein RD kiya tha the Panch varsh ke liye Lekin abhi tak Paisa nahin mila han bahut Chakkar Kat Jila upbhokta forum main bhi private Vakil karne ka han swasan Diya bola 2 varsh Tak ok hi report darj kar sakte hain maturity dinank ke ab Hamen Main koi bhi ashvasan den Ki Ham Kahan per jakar paise karne ke liye Ja sakte hain kahan per complaint darj kara sakte hain please koi bhi e bataen.

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