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सुब्रत रॉय को हमले का डर, सुरक्षित जेल में शिफ्ट किए गए

नई दिल्ली। तिहाड़ जेल में बंद सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय इन दिनों काफी डरे हुए हैं। उन्होंने जेल प्रशासन से कहा है कि उन्हें डर है कि कहीं कोई उन पर जानलेवा हमला न कर दे। उनके इसी डर को देखते हुए उन्हें जेल नंबर-3 से जेल नंबर-1 में शिफ्ट किया गया है। वहां उनकी सुरक्षा का रिव्यू करके सिक्युरिटी दी गई है।

नई दिल्ली। तिहाड़ जेल में बंद सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय इन दिनों काफी डरे हुए हैं। उन्होंने जेल प्रशासन से कहा है कि उन्हें डर है कि कहीं कोई उन पर जानलेवा हमला न कर दे। उनके इसी डर को देखते हुए उन्हें जेल नंबर-3 से जेल नंबर-1 में शिफ्ट किया गया है। वहां उनकी सुरक्षा का रिव्यू करके सिक्युरिटी दी गई है।

सूत्रों के अनुसार इस मामले में जेल नंबर-3 के जेलर ने भी तिहाड़ जेल के डीजी आलोक कुमार वर्मा को लेटर लिखकर बताया है कि उनकी जेल में स्टाफ की कमी है। इसलिए रॉय की सुरक्षा की समीक्षा करके उन्हें उचित जेल में भेजा जाए। इसके बाद रॉय को स्पेशल जेल से जेल नंबर-3 में न ले जाकर जेल नंबर-1 में ही शिफ्ट करना उचित समझा गया। इस जेल में उन्हें वॉर्ड नंबर-9 में रखा गया है। उनकी सुरक्षा के लिए तीन वॉर्डर और हेड वॉर्डर को लगाया गया है।
 
सूत्रों का कहना है कि जिस समय सुब्रत जेल नंबर-3 में थे, तब उन्होंने अपने डर की एक और वजह यह बताई थी कि उनके सेल से मुलाकात जंगला काफी दूर है। जब भी उनसे कोई मुलाकात करने आता था, तब उन्हें अपने सेल से काफी दूर पैदल चलकर मुलाकात रूम तक जाना पड़ता था। इस दौरान उनके साथ केवल एक वॉर्डर होता था। इस दौरान उन्हें हमेशा डर लगा रहता था कि कोई उन पर हमला न कर दे।

उनके डर को पिछले महीने जेल नंबर-1 में सलमान नाम के एक कैदी द्वारा जेल के अंदर ही दूसरे कैदी की हत्या ने और बढ़ा दिया। इसके बाद सुब्रत ने जेल में अपनी सुरक्षा बढ़ाने की बात कही। इन शंकाओं के बारे में जेल प्रशासन ने विचार किया और इसके बाद उनकी जेल बदलना ही बेहतर समझा गया।
 
अब उन्हें जेल नंबर-1 में रखा गया है। जिस वॉर्ड नंबर-9 में उन्हें रखा गया है, वहां से मुलाकात जंगला करीब ही है। जेल के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि चूंकि रॉय बड़े आदमी हैं, इसलिए जेल प्रशासन भी उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर है। यही वजह है कि सामान्य कैदियों से अलग उनकी जेल बदली गई है।

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