सहारा-सेबी सांठगांठ : इनकी नौटंकी से लाखों निवेशकों को आज तक नहीं मिली फूटी कौड़ी

प्रॉपर्टी के खरीददार नहीं मिलने का करते हैं दिखावा मुंबई। सहारा ग्रुप के मालिक घोटालेबाज सुब्रत रॉय और सेबी की सांठगांठ की वजह से उसकी अरबों की प्रॉपर्टी जब्त नहीं हो पाई है। इसकी वजह से लाखों निवेशकों को आज तक फूटी कौड़ी नहीं मिली, लेकिन सेबी के माध्यम से सरकार की भी निवेशकों के …

पालिसी मेच्योर होने के बाद भी निवेशकों का पैसा दाबे बैठे है सहारा समूह, एजेंट ने की आत्महत्या

एजेंट ने सुसाइड नोट में सुब्रत राय, ओपी श्रीवास्तव, अभिजीत सरकार समेत दस लोगों को आत्महत्या के लिए जिम्मेदार बताया… सुब्रत राय समेत दसों के खिलाफ एफआईआर दर्ज… देश भर के लाखों निवेशक परेशान, सहारा के कर्ताधर्ता ऐश कर रहे हैं निवेशकों के धन को हड़प कर, कई राज्यों में निवेशकों ने सहारा के मैनेजरों …

सहारा इंडिया अपने एजेंटों, फील्ड वर्करों और मोटीवेटरों को अपना कर्मचारी नहीं मानता!

सहारा इंडिया के चेयरमैन सुब्रत रॉय एक बड़ी खबर सहारा इंडिया कंपनी से आ रही है. कंपने कोर्ट में यह लिखकर दे दिया है कि उसका अपने कमीशन एजेंटों, फील्ड वर्करों और मोटीवेटरों से कोई संबंध नहीं है. कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

सहारा का हाल : अय्याशी के लिए पैसा है पर कर्मचारियों के लिए नहीं!

चरण सिंह राजपूत

सुना है कि पैरोल पर जेल से छूटे सहारा के चेयरमैन सुब्रत राय ने 18 जनवरी की शाम को दिल्ली के मौर्य होटल में भव्य कार्यक्रम आयोजित कर अपनी शादी की वर्षगांठ मनाई। इस कार्यक्रम में करोड़ों का खर्च किया गया। जनता के खून-पसीने की कमाई पर मौज-मस्ती करना इस व्यक्ति के लिए कोई नयी बात नहीं है। गत दिनों लखनऊ में अपनी पुस्तक ‘थिंक विद मी’ के विमोचन पर भी करोड़ों रुपए बहा दिए। अखबारों में विज्ञापन छपवाया कि देश को आदर्श बनाओ, भारत को महान बनाओ। दुर्भाग्य देखिए, यह सुब्रत राय अपनी संस्था और अपने आप को तो आदर्श व महान बना नहीं पाए लेकिन देश को आदर्श और महान बनाने चल पड़े हैं। गरीब जनता को ठगेंगे। कर्मचारियों का शोषण और उत्पीड़न करेंगे पर देशभक्ति का ढकोसला करेंगे। यह व्यक्ति कितना बड़ा नौटंकीबाज है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यदि आप सहारा के कार्यालयों में जाएंगे तो आपको वहां पर भारत माता की तस्वीर दिखाई देगी।

हाड़ कंपाती ठंड में सहारा के मेन गेट पर बैठे ये बर्खास्त 25 कर्मी किसी को नहीं दिख रहे!

किसी को नहीं दिखाया दे रहा सहारा का यह अन्याय… नोएडा में बड़ी संख्या में राजनीतिक व सामाजिक संगठन हैं। ट्रेड यूनियनें भी हैं। देश व समाज की लड़ाई लड़ने का दंभ भरने वाले पत्रकार भी हैं। पर किसी को इस हाड़ कंपाती ठंड में गेट पर बैठे बर्खास्त 25 कर्मचारी नहीं दिखाई दे रहे हैं। 17 महीने का बकाया वेतन दिए बिना सहारा प्रबंधन ने इन असहाय कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया पर इनकी पीड़ा समझने को कोई तैयार नहीं।

सहारा मीडिया में सेलरी संकट से त्रस्त कर्मियों ने शुरू किया मेन गेट पर धरना-प्रदर्शन (देखें वीडियोज)

सहारा मीडिया के नोएडा स्थित मुख्य आफिस के गेट पर सहारा कर्मियों ने सेलरी के लिए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है. कई महीने की सेलरी दबाए बैठे सहारा प्रबंधन ने अपने कर्मियों को भूखे मरने के लिए छोड़ दिया है. इससे परेशान कई कर्मचारी अब गेट पर धरना प्रदर्शन शुरू कर चुके हैं. दूसरे मीडिया हाउसेज इस आंदोलन को इसलिए कवर नहीं कर रहे क्योंकि चोर चोर मौसेरे भाई के तहत वे एक दूसरे के घर में चलने वाले उठापटक को इग्नोर करते हैं. धरना प्रदर्शन सात जनवरी से चल रहा है. धरने में करीब 25 कर्मचारी खुल कर हिस्सा ले रहे हैं.

स्वामी अग्निवेश ने खोला सहारा के खिलाफ मोर्चा!

राष्ट्रीय सहारा में टर्मिनेट किए गए कर्मचारियों को फोन पर किया संबोधित, डीएम को लिखा पत्र

सहारा मीडिया में हो रहे शोषण और उत्पीड़न के खिलाफ समाज सुधारक और बंधुआ मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी अग्निवेश ने मोर्चा खोल दिया है। जहां उन्होंने नोएडा के सेक्टर 11 स्थित राष्ट्रीय सहारा के मेन गेट पर चल रहे बर्खास्त 25 कर्मचारियों के धरने को मोबाइल फोन से संबोधित किया, वहीं इस मामले को लेकर गौतमबुद्धनगर के जिलाधिकारी को पत्र भी लिखा है। अपने संबोधन में उन्होंने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि उनके हक की लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक लड़ी जाएगी। 17 माह का बकाया वेतन रहते हुए कर्मचारियों की बर्खास्तगी को उन्होंने अपराध करार दिया।

सहारा प्रमाण, यहां आगे बढ़ने का एकमात्र फार्मूला चरणवंदना और वरिष्ठों को अय्याशी कराना है!

सहारा के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच बैठाएं प्रधानमंत्री : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और स्वराज इंडिया पार्टी के नेता तथा सुप्रीम कोर्ट के प्रख्यात वकील प्रशांत भूषण के बाद अब कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गुजरात के मुख्यमंत्री रहते सहारा समूह से रिश्वत लेने के आरोप लगाए हैं। सत्ता पक्ष और विपक्ष भले ही इसे राजनीतिक स्तर पर देख रहा हो पर मेरा मानना है कि हम लोग इस मामले को इस तरह से देखें कि एक संस्था की वजह से हमारे देश के प्रधानमंत्री का नाम बदनाम हो रहा है।

मोदी भी क्या सुब्रत राय के चंगुल में फंसे थे?

सहारा के चंगुल से कौन बड़ा राजनेता बचा है? कैश ही सहारा की सबसे बड़ी ताकत… मोदी भी क्या सुब्रत राय सहारा के चंगुल में फंसे थे? ये सवाल इसलिए भी अहम हो जाता है क्योंकि देश भर के जब सारे चिटफंडियों जैसे रोजवैली की संपत्ति कुर्क की जा रही है, चिटफंड कंपनी के निदेशकों को जेल की सलाखों के पीछे डाला जा रहा है, निचली अदालतों से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक किसी भी चिटफंडियों को जमानत तक नहीं दे रहा है तो सहाराश्री आखिर किस तरह रियायत पाते जा रहे हैं.

सहारा पर मोदी की चुप्पी देशद्रोह! भड़ास के सवालों पर भी मौन है मोदी सरकार

राहुल गांधी ने सहारा पर मोदी से अपने सवालों का सीधा जवाब मांगा. भड़ास ने तो सबसे पहले यह सवाल उठाया था कि आखिर क्यों जब सारे चिटफंडिये जेल की सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं तो सहारा और एक-दो चिटफंडियों पर रियायत क्यों? गरीबों के मसीहा बने मोदी सरकार क्यों इस मामले में दरियादिली दिखा रहे हैं. जबकि सहारा मीडिया कर्मचारी भी अपनी सैलरी के लिए सहाराश्री की पोल खोलते हुए सत्ता के तमाम दरवाजों को खटखटा चुके हैं.

सहारा समूह ने छह महीने में नौ बार दिए नरेंद्र मोदी को करोड़ों रुपये : राहुल गांधी

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आखिरकार बम फोड़ ही दिया. उन्होंने आज मेहसाणा (गुजरात) में आयोजित एक रैली में कहा कि सहारा समूह पर पड़े छापे के बाद छह महीने में सहारा समूह के लोगों ने नरेंद्र मोदी को नौ बार करोड़ों रुपए दिए. मोदी को सहारा के बाद बिड़ला ग्रुप के लोगों ने भी पैसे दिए. इसकी पूरी जानकारी तारीख-दर-तारीख और विस्तार से मौजूद है.

सुब्रत राय ये पैसा अपने पास से दे रहे हैं या गरीबों से वसूली गयी रकम से?

चिटफंडिये, मीडिया और मोदी सरकार, जवाबदेही किसकी…. : देश के गरीबों का पैसा मारने वाले चिटफंडियों के मसीहा बन चुके सुब्रत राय सहाराश्री जेल के बाहर हैं. रिहाई के बदले सहाराश्री से सुप्रीम कोर्ट सैकड़ों करोड़ जमा कराते जा रही है. बड़ा सवाल है कि ये पैसा क्या सुब्रत राय सहाराश्री अपने पास से दे रहे हैं या फिर गरीबों से ही नये तरीके से वसूली जा रही रकम में से ही एक हिस्सा जमा कराई जा रही है. बेल पर बाहर सहाराश्री फिर से अपना जाल बिछाने में लग गये हैं. जिसके लिए कई राज्यों की राजधानी में ग्लैमर शो आयोजित किये जा रहे हैं. नेताओं और अधिकारियों को इसमें मेहमान बनाया जा रहा है. खुलेआम ये खेल उस मोदी सरकार के नाक के नीचे चल रहा है, जो दावा करती है कि ना खायेंगे ना खाने देंगे. मोदी सरकार अदालतों को दोषी ठहरा कर पल्ला नहीं झाड़ सकती क्योंकि निचली से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक की अदालतें चिटफंडियों को अब जमानत पर रिहा नहीं होने देती हैं.

ये सहारा वाले कब से देशभक्त हो गए!

सहाराकर्मी इस ढकोसले का विरोध करें : सहारा का नाम सामने आते ही संस्था के चेयरमैन सुब्रत राय का चेहरा सामने आने लगता है। यह वह शख्स है जिसने जनता, बॉलीवुड, विधायिका, कार्यपालिका, मीडिया सबको छकाया और अब न्यायपालिका का बेवकूफ बनाने चला था कि आ गया गिरफ्त में। लंबे समय तक जेल में रहने के बाद अपनी मां के निधन पर पैरोल पर बाहर आया हुआ है। जनता से ठगे पैसे वसूलने के लिए सुप्रीम कोर्ट थोड़ी बहुत राहत भी दे रहा है। अगले माह फिर से 600 करोड़ रुपए देने हैं नहीं तो फिर से जेल जाना पड़ेगा। इतना सब कुछ होने पर यह शख्स अपनी ऐबदारी से बाज नहीं आया। जिन कर्मचारियों ने इसकी तानाशाही का विरोध कर अपना हक मांगा, उन्हें या तो नौकरी से निकाल दिया या फिर हतोत्साहित करने के लिए कहीं-दूर स्थानांतरण करवा दिया।

मां के मरने की खुशी मना रहे हैं सुब्रत रॉय! (देखें तस्वीरें)

Celebrations of parole on Mother’s supposed natural death…

How cruel.

Plz see these pics and guess whether he is in remorse or Happy that mother’s death got him Parole…

सहारा के कर्मचारी अपने मालिकों के सब कुछ समेटने, बांधने और भागने की योजनाओं के क़िस्से सुनते-सुनाते दिन काट रहे हैं!

(अनिल यादव, वरिष्ठ पत्रकार)

अपने चढ़ते दिनों में नई योजनाएं शुरू करते वक़्त सहारा इंडिया के संस्थापक चेयरमैन सुब्रत रॉय सहारा की टाइमिंग अचूक हुआ करती थी. लेकिन कामयाबी के नुस्ख़े बताने वाली अपनी ताज़ा किताब “लाइफ़ मंत्रा” के मामले में वक़्त का ख़्याल नहीं रखा गया है. हताशा में इस तथ्य की भी परवाह नहीं की गई है कि उस किताब से कौन प्रेरित होना चाहेगा, जिसका लेखक ग़रीब निवेशकों से धोखाधड़ी के आरोपों में दो साल से जेल में है?. ज़मानत की बड़ी रक़म का इंतज़ाम करने में हलकान कंपनी में कर्मचारियों को वेतन के लाले पड़े हुए हैं. हमेशा विश्वस्त समझे जाने वाले व्यापारिक साझेदार और राजनेता पल्ला झाड़ चुके हैं. ऐसे में किताब की जानकारी रखने वाले साधारण पाठकों के मुंह से “ख़ुद मियां फ़ज़ीहत, औरों को नसीहत” कहावत सुनाई दे रही है.

सुब्रत राय जेल में प्रसन्न, सहारा मीडिया कर्मी जेल के बाहर भीषण सेलरी संकट से खिन्न

क्या कांट्रास्ट है. जो जेल में है वो प्रसन्न है. जो आजाद है वह खिन्न है. यह तीसरा महीना चल रहा है सहारा मीडिया में बिना सेलरी काम कराए जाने का. सुब्रत राय तिहाड़ जेल में दबा कर किताबें लिख रहे हैं, बाहर अखबारों में करोड़ों अरबों का विज्ञापन अपनी किताब से संबंधित छपवा रहे हैं और कह रहे हैं कि उनके पास अपने कर्मियों को देने के लिए पैसे नहीं हैं. सुब्रत राय खुद को रिहा कराने के लिए होटल जमीन सब बेचने का प्रस्ताव कोर्ट के सामने कर रहे हैं लेकिन अपने कर्मियों को सेलरी देने के नाम पर चुप्पी साधे हैं.

सुब्रत राय की रिहाई के लिए अपनी संपत्तियों को बेचेगा सहारा

2 साल से जेल में बंद सहारा प्रमुख की रिहाई के लिए धन का बंदोबस्त करने हेतु सहारा समूह ने अपनी संपत्तियों को बेचने के बारे में सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को नया प्रस्ताव पेश किया. इस प्रस्ताव के आधार पर प्रधान न्यायाधीश तीरथ सिंह ठाकुर, न्यायमूर्ति ए आर दवे और न्यायमूर्ति ए के सीकरी की पीठ ने सेबी से चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है.

सहारा मीडिया में सांकेतिक हड़ताल आज से, सहाराश्री ने कर्मियों को भेजी चिट्ठी

सहारा मीडिया में नई बनी यूनियन ने कई राउंड वार्ता बेनतीजा रहने और प्रबंधन के उदासीन रवैये से मजबूर होकर सेलरी व बकाया के लिए फिर से आंदोलन की राह पर चलने का फैसला किया है. इसके तहत 21 अक्टूबर यानि आज से अखबार का एक एडिशन छापने और चैनलों पर एक लाइव बुलेटिन चलाने का फैसला किया गया है. सहारा कर्मी अब सांकेतिक रूप से ही काम करेंगे. सहारा मीडिया में पिछले आठ महीनों से सेलरी संकट है.

सेलरी न मिलने के खिलाफ सहाराकर्मियों का गुस्सा फूटा, अखबार के कई यूनिटों में हड़ताल

राष्ट्रीय सहारा अखबार के कर्मियों ने कई महीने से सेलरी न मिलने से नाराज होकर हड़ताल शुरू कर दिया है. खबर है कि नोएडा, देहरादून, वाराणसी संस्करणों के मीडियाकर्मियों ने कामकाज ठप कर दिया है. नोएडा एडिशन के संपादकीय विभाग के लोगों ने बाहर निकल कर नारेबाजी की है. ज्ञात हो कि सुब्रत राय के जेल जाने के बाद से सहारा मीडिया में सेलरी का संकट बना हुआ है.

नोएडा में राष्ट्रीय सहारा कर्मियों ने हड़ातल कर नारेबाजी शुरू कर दी.

सहारा मीडिया से मोटी सेलरी वालों को हटाने का काम शुरू, कई नाम चर्चा में

सुब्रत राय के लगातार तिहाड़ की रोटी खाने से सहारा समूह के मीडिया वेंचर के आगे दानापानी का संकट आ खड़ा हुआ है. इसे देखते हुए प्रबंधन ने पहले तो सेलरी रोके रखकर लोगों को खुद भाग जाने का मौका दिया. पर जो मोटी सेलरी वाले लंबे समय से कुंडली मारे बैठे हैं उनके न भागने पर प्रबंधन ने उन्हें भगाने का फैसला लिया है.

राष्ट्रीय सहारा बनारस यूनिट हेड देवकी का लखनऊ तबादला, सुब्रत राय तिहाड़ में लेंगे मैनेजरों व संपादकों की बैठक

राष्ट्रीय सहारा अखबार से खबर है कि बनारस यूनिट के हेड देवकी नंदन मिश्रा का लखनऊ तबादला कर दिया गया है. उन्हें जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट से संबद्ध किया गया है. इस बीच, एक अन्य सूचना के मुताबिक सहारा के लखनऊ के एचसीबीएल (हिंदुस्तान कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड) बैंक में भगदड़ मचने का बड़ा कारण खुद सहारा के ही कई बड़े पदाधिकारी हैं. जब इन्हें 17 अप्रैल को आरबीआई की टीम के छापे की जानकारी मिली तो सबने फौरन अपना अपना पैसा निकालने के लिए दौड़ लगा दी. साथ ही इन लोगों ने अपने परिचितों को भी पैसे निकाल लेने की सलाह दी. इस तरह देखते ही देखते बात फैल गई और इस बैंक के आफिस के सामने पैसे निकालने वालों की लंबी कतार लग गई. बाद में आरबीआई ने इस बैंक पर रोक लगा दी लेकिन इससे पहले सहारा वाले और इनके परिचितों ने बैंक से अपना पैसा निकाल लेने में सफलता हासिल कर ली थी.

वेतन न मिलने से सहारा मीडिया के कर्मचारी भुखमरी के कगार पर

वेतन न मिलने से सहारा मीडिया के कर्मचारी भुखमरी के कगार पर आ गये हैं। लगभग एक सप्ताह पहले एजेडब्लू (इनका अपना कैडर है) से लेकर जूनियर एग्जकिवटिव तक के कर्मचारियों को पे स्लिप दे दी गई लेकिन वेतन आजतक नहीं मिला…. संपादक, मैनेजर, एकाउन्ट और एचआर हेड रोज कर्मचारियों को गोली पर गोली दिये जा रहे है… हर कर्मचारी अपने खर्च में कटौती कर रहा है… हर कर्मचारी कर्ज मे गले तक डूब गया है…

उपेंद्र राय सहारा से मुक्त हुए!

एक बड़ी खबर सहारा मीडिया से आ रही है. सूत्रों का कहना है कि डायरेक्टर न्यूज समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर काबिज उपेंद्र राय अब इस संस्थान के हिस्से नहीं रहे. हालांकि उपेंद्र राय के करीबियों का कहना है कि उपेंद्र राय सहारा के हिस्से बने हुए हैं. बस, उनके काम का प्रोफाइल बदल गया है. उन्हें सहारा की तरफ से जो भी सुख सविधाएं मिल रही हैं, वह यथावत जारी है. उनका पद अब ग्रुप एडवाइजर का हो गया है. उनकी रिपोर्टिंग साल भर से जेबी राय को थी. अब वे सीधे सुब्रत राय को रिपोर्ट करेंगे.

सहारा ग्रुप अपने निवेशकों का धन वापस नहीं कर रहा, पढ़ें एक पीड़ित का पत्र

देवरिया : बड़े पैमाने पर जनता के धन को पानी की तरह से अपने सुख और ऐशो आराम में व्यतीत करने वाला सहारा ग्रुप अपने ग्राहकों/ निवेशकों / उपभोक्ताओं का धन परिपक्तवता अवधि पूर्ण हो जाने के बाद भी उसका भुगतान नहीं कर रहा है। जब भी इस सम्बन्ध में सहारा के कर्मचारी/अधिकारियों से बातचीत की जाती है वे कई तरह के बहाने बनाकर टरका दे रहे हैं। दबाव देने पर मारपीट और बलवा करने पर उतारू हो जाते हैं तथा जबरन झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देते हैं।

सहारा की लाल डायरी में अमित शाह का नाम!

तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह का नाम सहारा की डायरी में पाए जाने पर संसद भवन के गेट पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किया. तृणमूल ने यह मुद्दा राज्यसभा में भी उठाया. तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने आरोप लगाया कि सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय से बरामद एक लाल डायरी में अमित शाह का नाम शामिल है. रॉय को 28 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था और वह अभी भी जेल में हैं. राज्यसभा की बैठक शुरू होने के साथ ही तृणमूल सदस्य डेरेक ओ ब्रायन ने यह मुद्दा उठाया और सहारा घोटाले में अमित शाह के खिलाफ सीबीआई जांच को लेकर चर्चा कराने की मांग की. सदस्यों ने अमित शाह से संबंधित सहारा की प्रतीकात्मक लाल डायरियां भी लहराई.

सहारा के नोएडा दफ्तर से 137 करोड़ रुपये की नकदी और भारी मात्रा में सोना बरामद

खबर है कि इनकम टैक्स विभाग ने जो छापमारी सहारा के नोएडा और एनसीआर के आफिसों पर की है, उससे भारी मात्रा में रुपये और सोने बरामद हुए हैं. सूत्रों के अनुसार सहारा के नोएडा दफ्तर से 137 करोड़ रुपये नकद मिले हैं और भारी मात्रा में सोना भी मिला है. माना जा रहा है कि इस बरामदगी से निवेशकों को पैसा न लौटाने के चलते दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद सहारा समूह के मुखिया सुब्रत राय सहारा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.

सहारा के दिल्ली-एनसीआर के दफ्तरों पर छापा, संपादकजी लोग आफिस जाने से हिचक रहे

सहारा समूह की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. ताजी सूचना है कि आज सुबह आयकर विभाग की टीमों ने सहारा के नोएडा, दिल्ली समेत पूरे एनसीआर के आफिसों पर छापा मारा. नोएडा स्थित सहारा मीडिया से खबर है कि यहां मौजूद लोगों को बाहर नहीं जाने दिया जा रहा. छापेमारी की सूचना के बाद संपादकजी लोगों को आफिस जाने में पसीने छूट रहे हैं. जब आयकर विभाग के अधिकारी सहारा के दि‍ल्ली के ग्रेटर कैलाश और नोएडा स्थित दफ्तरों में पहुंचे तब यह सूचना पूरे मीडिया जगत में आग की तरह फैल गई. लेकिन ज्यादातर चैनलों ने इस खबर को नहीं दिखाया.

सहारा समूह ने 17,000 करोड़ रुपये की मनी लांड्रिंग के लिए फर्जी इनवेस्टर बनाए!

एक बड़ी सूचना प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सूत्रों के हवाले से आ रही है कि सहारा समूह ने मनी लांड्रिंग के लिए ढेर सारे फर्जी निवेशक बनाए. इस आशंका / आरोप की जांच के लिए सेबी ने कहा था जिसके बाद प्रवर्तन निदेशालय सक्रिय हो गया है. सेबी ने ईडी को फर्जी निवेशकों के बारे में अपने पास मौजूद समस्त जानकारी दे दी है. सेबी ने सहारा मामले में जांच की रिपोर्ट भी ईडी को सौंप दी है. सेबी रिपोर्ट के आधार पर पीएमएलए कानून के उल्लघंन का मामला बनाएगी.  ईडी जानबूझ कर बनाए गए फर्जी निवेशकों की जांच कर रहा है.

दो परम चिटफंडियों सुब्रत राय और कुणाल घोष के दिन और मुश्किल हुए

: कुणाल घोष ने आत्महत्या की कोशिश की तो सुब्रत रॉय के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज हुआ : कोलकाता से खबर है कि तृणमूल कांग्रेस के निलंबित सांसद एवं सारदा घोटाला मामले में आरोपी कुणाल घोष ने शुक्रवार को प्रेसीडेन्सी सुधार गृह (जेल) में नींद की गोलियां खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की. घटना के बाद जेल अधीक्षक, डॉक्टर और ड्यूटी पर मौजूद एक कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया और पूरे प्रकरण की जांच के लिए गृह सचिव बासुदेव बनर्जी के नेतृत्व में समिति गठित की गयी है. साथ ही घोष के खिलाफ आत्महत्या की कोशिश करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है. पश्चिम बंगाल के सुधारगृह सेवा मंत्री एच ए सफवी ने कहा कि घोष ने दावा किया था कि उन्होंने नींद की गोलियों खा ली है. उन्हें सरकारी एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उन्हें पिछले साल गिरफ्तार किया गया था और उसके बाद से वह जेल में हैं.

सुब्रत रॉय की रिहाई के लिए हेज फंड से कर्ज़ लेगा सहारा समूह

सहारा ग्रुप अपने चीफ सुब्रत रॉय की रिहाई वास्ते धन जुटाने के लिए दो अमरीकी हेज फंज फंडों से बात कर रहा हैं। इस सौदे से सहारा ग्रुप करीब एक अरब डॉलर (6000 करोड़ रुपए) का कर्ज़ जुटाना चाहता है। मीडिया में आई ख़बरों के मुताबिक ये दोनों हेज फंड, विदेशों में सहारा समूह के तीन होटलों पर कुल एक अरब डॉलर से अधिक (6,000 करोड़ रुपये) के ऋण के वित्त पोषण के लिए धन दे सकते हैं।