Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सुख-दुख

सिर्फ दस दिनों में सुमंत मिश्र ने अख़बार के तेवर बदल दिए

सुमंत मिश्र जन्म से ठेठ बनारसी और कर्म से पक्के मुंबईकर हैं। दो दशक तक नवभारत टाइम्स में फिल्म पत्रकारिता करने के दौरान उन्होंने इस विधा में नए प्रतिमान गढ़े। सात साल पहले वे अमर उजाला और नई दुनिया में गए, तो उनका एक नया रूप सामने आया। पत्रकारिता की अन्य विधाओं में भी उन्होंने अपना सिक्का जमा दिया। सुमंत को जो भी काम मिलता है, वे आगे बढ़कर उसे एक चुनौती के रूप में स्वीकार करते हैं और एक नौजवान के से जोश के साथ उसे पूरा कर जाने में लग जाते हैं।

सुमंत मिश्र जन्म से ठेठ बनारसी और कर्म से पक्के मुंबईकर हैं। दो दशक तक नवभारत टाइम्स में फिल्म पत्रकारिता करने के दौरान उन्होंने इस विधा में नए प्रतिमान गढ़े। सात साल पहले वे अमर उजाला और नई दुनिया में गए, तो उनका एक नया रूप सामने आया। पत्रकारिता की अन्य विधाओं में भी उन्होंने अपना सिक्का जमा दिया। सुमंत को जो भी काम मिलता है, वे आगे बढ़कर उसे एक चुनौती के रूप में स्वीकार करते हैं और एक नौजवान के से जोश के साथ उसे पूरा कर जाने में लग जाते हैं।

महज दस दिन पहले उन्होंने एक नई चुनौती ले ली- मुंबई के अखबार दक्षिण मुंबई का संपादक बनकर। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने इतनी कम अवधि में इस अखबार के तेवर ही बदल दिए और एक संपादक के रूप में आते ही छा गए। सबसे पहले उन्होंने अखबार का ले-आउट बदला। फिर खबरों की बारी आई। रोचक शीर्षकों से अखबार में जान आ गई। वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश हिंदुस्तानी ने ठीक ही कहा है कि सुमंत को पाठकों की नब्ज का पता है। दरअसल यह सुमंत का उत्साह ही है जो उनसे हर नया काम बेहतरीन तरीके से करा ले जाता है। दक्षिण मुंबई में उनकी बड़ी सफलता यह है कि वे एक छोटी सी टीम से इतना बड़ा काम करवाने में सफल रहे हैं।

मुंबई के एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन