चिटफण्ड, पोंजी और एमएलएम कारोबार को प्रमोट कर रही ‘द भास्कर’ वेबसाइट

bitcoin

‘द भास्कर’ नाम की वेबसाइट जहां एक ओर चिटफण्डिया काराबारियों की खबरें चला रही है, वहीं इससे बढ़कर ये उन तमाम चिटफण्ड, मल्टी-लेवल मार्केटिंग ओैर अन्य पोंजी योजना वाले शातिर लोगों को एक मंच भी उपलब्ध करवा रही है जहां बिटक्वाइन जैसे जोखिम भरे निवेशों को बढ़ावा दिया जा रहा हैं। कुल मिलाकर बात यही हैं कि इनका धंधा ‘मेरी भी चांदी तेरी भी चांदी, लूटे तो जनता’ वाले सिद्धांत पर चल रहा है जिसमें इनकी भी भरी-पूरी कमाई हो रही हैं और उन शातिरों की भी। गरीब, भोली जनता इस रैकेट में फंसकर अपनी गाढ़ी कमाई गंवा रही है। युवा भी इस गोरखधंधे का शिकार हो रहे हैं। शायद पत्रकारिता का इससे गिरा हुआ स्तर कोई औऱ नहीं होगा।

मैं यहां बिटक्वाइन के बारे में कुछ बु़द्धीजीवियों की राय भी दे रहा हूं:

Rahul De, a professor at IIM Bangalore, attributed RBI’s decision to not regulate bitcoins to the currency’s “uncontrollable nature.” “The RBI does not know where Bitcoins come from and that it is getting into trouble in some countries. I do not expect them to regulate Bitcoins in the near future,” De said.

Bitcoin Hater (TOI OFFICE)
27 Aug, 2013 01:40 PM
The government should be stupid; if it is washing off hands of bitcoins, because the payment value of a bitcoin must be for certain unregistered services provided by someone to somebody like say payment of ransom money or contract money to somebody for unaccounted criminal services. The other way round is the same bitcoin is kept steady and a number of services are provided by service providers for no monetary value.

Bhim Nagda
Freelance Journalist
Udaipur Rajasthan
+91 9950345510
bhimnagda@yahoo.com

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