Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

टीवी

टीआरपी मीटर में छेड़छाड़ से टॉप थ्री चैनल बनने वाले ‘इंडिया न्यूज’ को मिली सजा

लोग इस बात से आश्चर्यचकित थे कि आखिरकार ऐसा कैसे हो गया कि इंडिया न्यूज चैनल टीआरपी में नंबर थ्री तक पहुंच गया. एकाध शो को छोड़ दें तो इस चैनल का कंटेंट आमतौर पर दूसरे चैनलों जैसा ही होता है. फिर वो फार्मूला क्या है जिसके कारण यह चैनल टीआरपी में दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की कर रहा है. इसका भेद खुला है अब. पता चला है कि इंडिया न्यूज समेत कुल तीन न्यूज चैनल टीआरपी मीटर में छेड़छाड़ करके अपनी टीआरपी हाई करा ले रहे थे. इस का भंडाफोड़ होने के बाद टीआरपी मापने वाली कंपनी बार्क ने इंडिया न्यूज समेत तीनों न्यूज चैनलों की टीआरपी मापने का काम चार हफ्ते के लिए स्थगित कर दिया है.

लोग इस बात से आश्चर्यचकित थे कि आखिरकार ऐसा कैसे हो गया कि इंडिया न्यूज चैनल टीआरपी में नंबर थ्री तक पहुंच गया. एकाध शो को छोड़ दें तो इस चैनल का कंटेंट आमतौर पर दूसरे चैनलों जैसा ही होता है. फिर वो फार्मूला क्या है जिसके कारण यह चैनल टीआरपी में दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की कर रहा है. इसका भेद खुला है अब. पता चला है कि इंडिया न्यूज समेत कुल तीन न्यूज चैनल टीआरपी मीटर में छेड़छाड़ करके अपनी टीआरपी हाई करा ले रहे थे. इस का भंडाफोड़ होने के बाद टीआरपी मापने वाली कंपनी बार्क ने इंडिया न्यूज समेत तीनों न्यूज चैनलों की टीआरपी मापने का काम चार हफ्ते के लिए स्थगित कर दिया है.

ब्रॉडकॉस्‍ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल ऑफ इंडिया (बार्क) ने तीन समाचार चैनलों हिंदी समाचार चैनल इंडिया न्‍यूज, तेलगू समाचार चैनल टीवी9 और वी6 पर जुर्माना लगाया है. इस तीनों समाचार चैनलों ने टीआरपी रेटिंग मीटर से छेड़छाड़ की है. इसके चलते अब इस चैनलों की अगले चार सप्‍ताह तक बार्क इन समाचार चैनलों की रेटिंग जारी नहीं करेगा. बार्क ने बताया कि 46 से 49 सप्‍ताह तक के बीच इस समाचार चैनलों की रेटिंग जारी नहीं की जाएगी. बार्क ने अपनी जांच में पाया कि इन समाचार चैनलों ने बार्क की तरफ से घरों में लगाए गए बार्क रेटिंग मीटर के संग छेड़छाड़ की थी.

पिछले कई सप्‍ताह से ये तीनों चैनल अपनी भाषाओं में टॉप पांच में स्‍थान पाने में कामयाब हो रहे थे. इंडिया न्‍यूज के सीईओ वरुण कोहली ने टीआरपी मीटर में छेड़छाड़ का खंडन नहीं किया. उन्होंने यह जरूर कहा कि बार्क के इस निर्णय से धक्‍का लगा है और बात कर मामले को जल्‍द सुलझाने की कोशिश की जा रही है. दूसरे न्यूज चैनलों के पदाधिकारियों ने बार्क के निर्णय को सही ठहराया है. इनका कहना है कि इन चैनलों ने जो तरीके अपनाएं थे, उससे कई अच्‍छे रिपोर्टर और निर्माताओं की नौकरियां चली गई थीं.  गलत तरीके से अच्‍छी रेटिंग पाना सभी के लिए खतरनाक था क्‍योंकि ये चैनल गलत तरीके से अच्छे रेट पर सरकारी और प्राइवेट विज्ञापन पाना चाहते थे. ज्ञात हो कि बार्क ने देश भर के 22000 घरों में टीआरपी मीटर लगा रखे हैं.

Local News Community
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन