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उत्तराखंड

समाचार प्लस का मालिक उमेश कहता था- ‘जिससे भी मिलो, उसका स्टिंग कर लो, कभी भी काम आ सकता है!’

समाचार प्लस चैनल के सीईओ उमेश जे कुमार की गिरफ्तारी के बाद स्टिंग कांड के शिकायतकर्ता व चैनल के एसआईटी हेड आयुष पंडित उर्फ आयुष गौड़ सोमवार को नाटकीय अंदाज में देहरादून पहुंचे.आयुष ने एक प्रेस कांफ्रेंस करके मुकदमे में दर्ज आरोपों को दोहराया. उन्होंने बताया कि समाचार प्लस चैनल में स्टिंग की आड़ में ब्लैकमेलिंग का ऐसा चक्रव्यूह रचा जा रहा था कि सामने वाले को मालूम ही नहीं चलता था कि वह खुद शिकार हो चुका है. मीडिया से मुखातिब आयुष ने मुकदमे में दर्ज आरोपों को दोहराया.

आयुष ने कहा- ”उमेश जे कुमार कहते थे कि जिससे भी मिलो, उसका स्टिंग कर लो, कभी भी काम आ सकता है”. जब आयुष को उत्तराखंड में मुख्यमंत्री, वरिष्ठ नौकरशाहों और कुछ राजनेताओं के स्टिंग का जिम्मा सौंपा गया तो स्टिंग की चेन बनती गई. इसमें सबसे पहले मृत्युंजय मिश्रा और फिर अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश का स्टिंग हुआ. इसके बाद दून में मुख्यमंत्री के भाई, भतीजे और उनके करीबी भाजपा नेता संजय गुप्ता का भी स्टिंग किया गया. शिकायतकर्ता ने दावा किया कि इनमें सिर्फ एक ही स्टिंग (मृत्युंजय मिश्रा का) ऐसा बना, जिसकी क्लीपिंग उमेश को अपने मनमाफिक लगी, बाकी स्टिंगों के बारे में उसका कहना था कि इससे कोई फायद नहीं होने वाला.

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उत्तरांचल प्रेस क्लब में बातचीत करते हुए आयुष पंडित ने बताया कि इसी साल जनवरी में उमेश और चैनल के कुछ उच्च पदस्थ लोगों ने उन्हें यह बोलते हुए स्टिंग का जिम्मा दिया कि कुछ राजनेताओं और नौकरशाहों की वास्तविकता की जांच करनी है. उस दौरान दिल्ली चाणक्यपुरी में उत्तरांचल सदन में अपर स्थानिक आयुक्त मृत्युंजय मिश्रा के साथ पहली मुलाकात में तय हुआ कि चारधाम ऑलवेदर रोड टेंडर के लिए अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश से मुलाकात कराने की जिम्मेदारी मृत्युंजय की होगी. दावा किया कि उमेश इस मुलाकात के बदले ओमप्रकाश को पेशगी के 10 लाख रुपये देकर स्टिंग कराना चाह रहा था, लेकिन जब मुलाकात हुई तो अपर मुख्य सचिव ने टेंडर तय प्रक्रिया के तहत देने की बात कही. लेनदेन जैसी कोई बात नहीं होने से उमेश ने फिर स्टिंग का प्लान बनाया.

इस बार मृत्युंजय ने कहा कि दस लाख रुपये पहले मुझे सौंपो तब होगी मुलाकात. उमेश रकम मृत्युंजय के बजाए अपर मुख्य सचिव, मुख्य सचिव या मुख्यमंत्री के हाथ में देकर स्टिंग करना चाहता था. इसलिए उसने मृत्युंजय के दस लाख रुपये मांगने का स्टिंग कर लिया था. इसके बाद अप्रैल में उमेश ने आयुष पंडित को दून बुलाया और परिचित राहुल भाटिया से मिलाया. आयुष ने राहुल का भी स्टिंग बना लिया. राहुल ने मुख्यमंत्री के करीबी भाजपा नेता होटल व्यवसायी संजय गुप्ता से मिलाया और संजय ने मुख्यमंत्री के घर सीधे एंट्री रखने वाले कासिम से. दावा है कि कासिम ने मुख्यमंत्री के भाई (जिनका नाम बिल्लू बताया गया) व एक भतीजे से मिलवाया. इसके बाद उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री से हुई. मुख्यमंत्री को छोड़कर आयुष ने सभी का स्टिंग बनाया.

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