जानिए, उमेश कुमार के अरेस्ट होने की कहानी उसके ही चैनल के SIT हेड पंडित आयुष की जुबानी

समाचार प्लस चैनल के एसआईटी हेड पंडित आयुष उर्फ आयुष गौड़. इन्हीं की शिकायत पर इनके चैनल मालिक उमेश कुमार को उत्तराखंड पुलिस ने अरेस्ट किया.

समाचार प्लस चैनल के सीईओ और एडिटर इन चीफ उमेश कुमार उर्फ उमेश शर्मा को सलाखों के पीछे भिजवाने वाले पत्रकार पंडित आयुष उर्फ आयुष गौड़ इसी समाचार प्लस चैनल में स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम यानि एसआईटी के हेड हुआ करते थे. आयुष ने देहरादून में खुलकर मीडिया के सामने पूरे प्रकरण की चर्चा की और कई रहस्यों से पर्दा हटाया.

आयुष ने बताया कि उन्होंने दिल्ली में अपर मुख्य सचिव (एसीएस) ओमप्रकाश का वीडियो बनाया था, लेकिन उसमें लेन-देन की बात नहीं की गई. मृत्युंजय मिश्रा पर उसने जरूर आरोप लगाए कि उन्होंने बातचीत के दौरान कई बार 10 लाख रुपये की मांग की, इसकी एवज में वह बार-बार कांट्रेक्ट (ठेका) दिलाने का दावा कर रहे थे. उसने देहरादून में भी कथित रूप से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के करीबियों के वीडियो बनाए थे. इन वीडियो-ऑडियो को वह पुलिस को उपलब्ध करवा चुका है.

प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता में आयुष ने उमेश पर पूर्व में लगाए आरोपों को दोहराया. आयुष ने बताया कि वह चैनल की एसआईटी (स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम) का इंचार्ज है और उमेश के कहने पर उसने कई स्टिंग किए. इस घटनाक्रम से पहले के स्टिंग को प्रसारित भी किया गया था, लेकिन इस स्टिंग की योजना में उसे शुरू से कुछ खटक रहा था. उसने ठेकेदार बनकर उमेश के कहने पर मृत्युंजय मिश्रा के मार्फत एसीएस ओमप्रकाश से 16 फरवरी से 18 मार्च के बीच कई मुलाकात की. उसके बाद वह उमेश के आदेश पर दिल्ली से देहरादून आया.

यहां पहुंचने पर उमेश ने उसे राहुल भाटिया के साथ मिलकर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का स्टिंग ऑपरेशन करने का जिम्मा सौंपा. इस दौरान एक दिन जब वह उमेश के घर मौजूद था तो उसने कुछ ऐसी बातें सुनी, जिसे सुनकर उसकी अंतरात्मा ने उसे झकझोर कर रख दिया. उसके बाद वह सीएम के घर गया जरूर, लेकिन खुफिया कैमरे बाहर रखकर. लिहाजा वह सीएम से हुई मुलाकात का वीडियो-ऑडियो नहीं बना सका. हालांकि, इस मुलाकात में भ्रष्टाचार संबंधी कोई बात सामने नहीं आई.

जिन लोगों के वीडियो उसने बनाए उनके नाम पूछने पर उसने सिलसिलेवार जानकारी दी. आयुष ने कहा कि दिल्ली में उसने एसीएस ओमप्रकाश और मृत्युंजय की मुलाकात का वीडियो बनाया था, लेकिन इस मुलाकात में उन्होंने किसी तरह की रिश्वत या लेन-देन की बात नहीं की. हालांकि, इस बीच मृत्युंजय से फोन पर जो बातचीत हुई उसका ऑडियो सुरक्षित है. बकौल आयुष, मृत्युंजय मिश्रा ने उससे 10 लाख रुपये की मांग की थी.

इस दौरान उसने कहा था यदि वह जल्द रकम लेकर आएगा तो ठेका उनके पक्ष में जाएगा. इसके लिए उसने अधिकारियों से बात कर ली है, लेकिन उमेश शर्मा इससे खुश नहीं था. वह बार-बार दबाव बना रहा था कि एक बार वह यह रकम एसीएस ओमप्रकाश और मुख्यमंत्री को पकड़ा दे. साथ ही मुख्यमंत्री से एक शब्द कहलवा लें कि वे हम सब के साथ हैं. किसी को अपने हाथों से पैसे देने से पत्रकार वार्ता के दौरान आयुष ने इनकार किया.

आयुष ने कहा कि उसकी देहरादून में राहुल भाटिया ने एक बिल्लू नाम के शख्स से मुख्यमंत्री के पैतृक आवास पर मुलाकात कराई थी. बिल्लू सीएम का भाई बताया जा रहा है. इसके बाद उसके मार्फत होटल व्यवसायी संजय गुप्ता और कासिम नाम के व्यक्ति से मुलाकात हुई थी. इनसे होटल निर्माण की भूमि अधिग्रहण करने संबंधी बातचीत की थी. बकौल आयुष, उसने सभी का वीडियो बनाया था, लेकिन इस बातचीत में किसी प्रकार के लेनदेन की बात सामने नहीं आई. राहुल भाटिया के मार्फत आयुष ने देहरादून में कई लोगों से मुलाकात की और उनके वीडियो बनाए. बावजूद इसके आयुष का कहना है कि वह राहुल भाटिया के बारे में ज्यादा नहीं जानता.

इन्हें भी पढ़ें…

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *