किसके आदेश पर वाहन धारकों को इस तरह लूट रहीं मोबाइल कंपनियां!

बदायूं (उ.प्र.) : लोगों को कार, मोटरसाइकिल या अन्य वाहन उसकी बिलिंग पर मिलने चाहिए, न कि ऑन रोड व्यवस्थाओं के तहत, लेकिन डीलर उसमें अपने अन्य चार्जेज जोड़ देते हैं। कम्पनी का स्पष्ट कहना है कि गाड़ी की शुरूआती कीमत, जैसा उसके पेपर प्रचार या टीवी प्रचार में आता है, साथ ही लिखा होता है। उदाहरण के लिए बदायॅू में हीरो मोटोकार्प की पैशन प्रो. मोटरसाइकिल की एक्स शोरूम कीमत 49249 रुपए है, जबकि डीलर ऑन रोड 58590 रुपए में बेचता है। इसमें आरटीओ का पैसा, बीमा का पैसा, एसेसरीज का पैसा, गुडलाइफ कार्ड का पैसा, आदि जोड़ कर दिया जाता है। सवाल उठ रहे हैं कि डीलर को गाड़ी की एक्सशोरूम प्राइस के अन्दर ही प्राफिट होता है तो वह क्यों अन्य सामान जबरिया देकर उसका पैसा चार्ज करता है?

ऐसा क्यों, क्या किसी ने सोचा है कि यह अन्धेरगर्दी क्यों? जब हम दुकान से मिठाई लेने जाते हैं तो क्या दुकानदार कहता है कि मैं इसके पैकिंग के, थैली में रखने के, फ्रिजर में रखने के अलग पैसे लूंगा। हम अमूल का मक्खन लाते हैं तो पास का दुकानदार क्या कहता है कि मैं उसको अपने फ्रिजर में रखने के पैसा लगाकर इसको 40 रुपए का दूंगा, जबकि उसका रेट 37 रुपए है। हम पेट्रोल पम्प पर तेल लेने जाते हैं तो क्या पम्प वाला कहता है कि मैं आपको तेल 80 रुपए लीटर दूंगा क्योंकि इसको अपने गोदाम में रखते हैं। लेकिन मोटरवाहन के शोरूम में जाकर हमारी आवाज क्या बंन्द हो जाती है। क्यों यह मोटरवाहन कम्पनियां अपने डीलर को इतनी लूट मचाने देती हैं?

मैंने जो जनसूचना कानून के तहत आवेदन किया है, उसमें सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, नई दिल्ली से जानना चाहा है कि भारत में मोटरसाइकिल, कार, बस एवं अन्य वाहन कम्पनियां अपने वाहन, जो अपने डीलर के माध्यम से विक्रय करती हैं, वह किस नियम या सरकारी आदेश के तहत वाहन के अंकित एक्स शोरूम मूल्य से अधिक लेकर ऑन रोड विक्रय करती हैं? ये कम्पनियां किस नियम या सरकारी आदेश के तहत ग्राहक से आरटीओ, इन्शोरेन्स, सजावटी सामान व अन्य खर्चे का शुल्क लेकर वाहन विक्रय करती हैं। इसकी जानकारी उपलब्ध कराएं।

मैंने ये भी जानना चाहा है कि ये वाहन कम्पनियां अपने प्रचार में वाहन की शुरुआती कीमत प्रदर्शित करती हैं तो उनके डीलर किस वजह से अन्य शुंल्क वसूलते हैं। डीलर वाहन की बिक्री करने के वाद सिर्फ वाहन का बिल ही क्यों उपलब्ध कराते हैं। कोई ग्राहक अगर किसी कार के शोरूम में जाकर कहता है कि उसको सिर्फ कार चाहिए, उसकी कीमत आप लें, हम अपनी कार का आरटीओ, इन्शोरेन्स व सजावटी सामान खुद लेंगे तो डीलर वाहन विक्रय से मना क्यों कर देते हैं। जब वाहन की कीमत का बिल उपलब्ध कराया जाता है तो किस नियम व सरकारी आदेश के तहत वाहन कम्पनियां अन्य शुल्क जोड़ कर वाहन का ऑन रोड विक्रय करती हैं।

मैंने ये भी जानना चाहा है किनकोई व्यक्ति किसी भी प्रकार का वाहन (कार, मोटरसाइकिल, ट्रक, बस, आदि) खरीदना चाहता है तो उसको सिर्फ वाहन की कीमत लेकर वाहन विक्रय क्यों नहीं किया जाता है। वाहन कम्पनियां वाहन के साथ वाहन की कीमत व वाहन का इन्शोरेन्स का पैसा लेकर वाहन विक्रय क्यों नहीं करती हैं। 

राहुल गुप्ता ईमेल संपर्क : gsheromoto@gmail.com



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Comments on “किसके आदेश पर वाहन धारकों को इस तरह लूट रहीं मोबाइल कंपनियां!

  • आसिफ खान says:

    आप बेवजह इस बात को तूल देरहे है … ये सरकार का आदेश है कि सारी कागज़ी कार्रवाई करके आरसी और इन्शुरन्स वगैरह की औपचारिकता खुद डीलर को पूरी करनी है… खरीदार आरटीओ दफ्तर नहीं जायेगा…

    Reply
  • rahul gupta says:

    श्री आसिफ जी आपकी वात सही है। लेकिन एसेसरीज का पैसा‚ RTO के पैसा मे ३५० से ६०० तक वाइक पर किस वात का ज्यादा लिया जाता है। वता सकते है। क्यो गाड़ी के वीमा पर १०० से २५० ज्यादा लिया जाता है। वता सकते है। क्यो हर वार वाइक के साथ हेलमेट लेने के लिए दवाव वनाया जाता है कि जवकि वाइक लेने वाले के पास पहले से ही हेलमेट होता है।

    चले दूसरी वात

    आपने कहां सारी कागजी कार्यवाही करके आर०सी० और बीमा की औपचारिकताएं खुद डीलर को पूरी करनी है तो डीलर इस काम मे लिए अधिक पैसा लेगा। अगर जानकारी करनी हो तो कल के अखवार किसी भी वाइक कम्पनी का ऐड आये तो उसके नीचे लिखे डीलरो के नम्बर पर वाइक का रेट की जानकारी कर लेना और साथ ही आपको वता उत्तर प्रदेश मे वाहन की कीमत का ७ प्रतिशत टैक्स लगता है साथ ही ६० की रसीद सरकारी कटती है‚ इसका उदाहरण ५०००० की वाइक की कीमत पर अंकन ३५०० टैक्स और ६० का सरकारी रसीद कुल ३५६० रूपया‚ अव बीमा पर आये जो आपको मिलेगा उसमे कम से कम से आपसे १०० से २०० ज्यादा लिए जायेगे‚ आये अव एसेसरीज पर जो कम से कम ११०० से लेकर २२५० तक की होगी। यानि किसी वाहन की कीमत ५०००० है वह आपके लिए लगभग ५८००० से लेकर ५९००० हजार के वीच मे वतायेगा।

    इसके वाद आये कायदे की वात करने

    आपके वाहन की कीमत अंकन ५००००‚ इसके वाद ७ प्रतिशत रोड टैक्स ३५००‚ साथ मे सरकारी रसीद ६०‚ इसके वाद बीमा लगभग १५५० का मान ले‚ हीरो मोटोकार्प की वाइक है तो १७५ का गुडलाइफ कुल कीमत अंकन ५५२८५ या ज्यादा से ज्यादा ५५५०० की मिलनी चाहिए आपको किसी भी कीमत पर पूरे उत्तर प्रदेश मे हीरो मोटो कार्प का कोई भी डीलर गाड़ी नही दे सकता है। हां दे सकता है आप जानकार है और आपको टैक्लेस की गणना आती है‚ बीमा की कीमत पता है‚ मिल सकती है लेकिन इसके लिए डीलर के सारे कर्मचारी पहले मना करेगे और इसके वाद आपको डीलर के मालिक या कम्पनी मे वात करने के वाद ही मिल पायेगी। मेरी वात गलत निकले सौ जूता मारना और सारी कम्पनी से इसके लिए माफी मागॅूगा और जो भी सजा मिलेगी स्वीकार करूॅगा।

    आपको पुश्टि के लिए वता दू मै भी हीरोमोटोकार्प का सव डीलर हॅू जिसने इस वात का विरोध किया तो डीलर और कम्पनी ने आपस मे आर्थिक साज और आपराधिक साज करके मेरे लिए फंसा दिया।

    आज अपने जिन्दा रहने या मरने का कोई गम नही है‚ लेकिन यह चोरी वन्द करके रहॅूगा‚

    साथ ही आपको सवूत चाहिए मेरे लिए ई०मेल कर दे। मेरी मेल आई०डी० श्री यशवन्त जी के सहयोग से यहां पर मौजूद है आपको सारे साक्ष्य आपकी ई०मेल पर भेज दूॅगा।

    अगर आपको अपने माेवाइल पर चाहिए तो मेरे वाटसएैप नम्बर ०९४५७०३०४५४ पर मैसेज कर दे और लिख दे आसिफ खान और की सवूत दीजिए राहुल गुप्ता

    आपके मोवाइल पर सवूत आ जायेगे साथ ही आपके लिए वहुत जल्द श्री यशवन्त सिंह जी के सहयोग से सारे साक्ष्य यहां पर ही मिल जायेगे‚ आप थोड़ा इन्तजार करिए।

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