दिशा रवि की गिरफ्तारी पर टेलीग्राफ की हेडिंग देखें- फिर वे इसके लिए आए!

Sanjaya Kumar Singh-

पहले समझा जाता था कि अच्छा काम करने वालों को आम लोगों से अलग कुछ छूट मिलती है, रियायत होती है या चेतावनी देकर छोड़ दिया जाता है। अब ऐसा कुछ नहीं है। वही निशाने पर हैं।

दिशा रवि की मां ने कहा, हम जानते हैं कि क्या हो रहा है। इस समय हम मीडिया से बात नहीं करना चाहते हैं।

दिशा रवि की गिरफ्तारी के मामले में अलग-अलग लोग अपनी राय दे रहे हैं। पुलिस ऐसे ही गिरफ्तार करती रही है, बहुत सारे लोग जेल में पड़े हुए हैं। यह अलग बात है कि अब ऐसे मामले कई गुना बढ़ गए हैं। इनमें कुछ ही लोगों को जमानत मिल पाती है। और जमान मिलने तक तो परेशानी होती है उससे कहीं कोई राहत नहीं है और यह शुद्ध रूप से डराने के लिए किया जा रहा है।

दूसरी ओर, अभी उन्हें जमानत नहीं मिली है जिन्हें फर्जी सबूत के आधार पर तीन साल से जेल में बंद रखा गया है और फर्जी सबूत भी कंप्यूटर में आपराधिक तरीके से रख दिए गए थे। पूरी योजना के साथ। इस तथ्य का खुलासा होने के बाद कायदे से बात इसपर होनी चाहिए। सरकार को बचाव में होना चाहिए था लेकिन लोग दिशा के अपराध, दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की बात कर रहे हैं। सरकार तो जो कर रही है वह कर ही रही है पर मीडिया (और मीडिया से जुड़े बहुत सारे लोगों की भी) भूमिका सबसे खराब है।

जनता की राय अलग होने का कारण बहुत हद तक यही है कि वे मीडिया की खबरों से प्रभावित हैं। कभी उन्हें सच नहीं बताया जाता है कभी अधूरा सच बताया जाता है और कभी झूठ बताया जाता है। कार्रवाई इसपर भी होनी चाहिए लेकिन वह नहीं के बराबर है। कुल मिलाकर हालत यह है कि लोग अपनी अज्ञानता का ढिंढोरा पीटने में भी नहीं शर्माते हैं। इतवार (15 फरवरी 2021) के अखबारों के शीर्षक से पता चल जाता है कि यह गिरफ्तारी कितनी गंभीर है पर इसका समर्थन करने वालों की कमी नहीं है। और सरकार के खिलाफ बोलने वाला कोई नहीं है क्योंकि अखबार लोगों को ऐसे मामलों की जानकारी देते ही नहीं है। अंग्रेजी के मेरे पांच अखबारों में आज दिशा रवि की गिरफ्तारी से संबंधित शीर्षक से आप समझ जाएंगे कि पूरा मामला क्या है।

  1. द टेलीग्राफ
    क्लाइमेट ऐक्टिविस्ट गिरफ्तार, युवाओं ने कहा विरोधियों की सबक सिखाना जारी (लीड) फिर वे इसके लिए आए….
  2. दि इंडियन एक्सप्रेस
    दिल्ली पुलिस ने 22 साल की लड़की को गिरफ्तार किया, उसे विदेशी ‘हाथ’ का प्रमुख कहा (लीड)
  3. हिन्दुस्तान टाइम्स
    प्रोटेस्ट टूलकिट के लिए 22 साल की ऐक्टिविस्ट गिरफ्तार (बॉटम)
  4. द हिन्दू
    22-साल की ऐक्टिविस्ट को दिल्ली पुलिस की हिरासत में भेजा गया, दिशा रवि ने टूल किट को ग्रेटा के साथ साझा किया
  5. द टाइम्स ऑफ इंडिया…
  6. ग्रेटा टूलकिट मामले में दिल्ली पुलिस ने 22 साल की लड़की को बेंगलुरु से देशद्रोह के मामले में गिरफ्तार किया (लीड) उपशीर्षक है, क्लाइमेट ऐक्टिविस्ट ने रोते हुए अदालत से कहा सिर्फ दो लाइनें संपादित की थीं; पांच दिन के लिए हिरासत में। अखबार ने इस खबर को प्रमुखता से छापा है और इसके साथ सिंगल कॉलम की एक खबर का शीर्षक है, आरोप गलत, यह विरोधियों को ढूंढ़-कर परेशान करना है : ग्रीन ग्रुप

अखबार ने दिशा रवि की फोटो के साथ जो खास बातें बताई हैं उनमें प्रमुख है, दिल्ली पुलिस ने दिशा रवि को शनिवार की शाम पांच बजे उसके घर से गिरफ्तार किया। विमान से दिल्ली ले आई। बेंगलुरु पुलिस को गिरफ्तारी के बाद सूचना दी। रविवार को अदालत में पेश किया गया। दिशा ने रोते हुए अदालत से कहा लिखा है पर यह नहीं लिखा है कि उसकी ओर से वकील कौन था, कोई था या नहीं या कोई दलील देने का मौका मिला कि नहीं या मौका था कि नहीं आदि आदि।
अखबार ने यह भी बताया है कि दिशा रवि की मां, मंजुला रवि ने गिरफ्तारी के दस्तावेजों पर दस्तखत किए और कहा, हम जानते हैं कि क्या हो रहा है। इस समय हम मीडिया से बात नहीं करना चाहते हैं।



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One comment on “दिशा रवि की गिरफ्तारी पर टेलीग्राफ की हेडिंग देखें- फिर वे इसके लिए आए!”

  • Shailendra Singh says:

    कृपया खबर के संदर्भ में अपने इस कथन का जस्टिफिकेशन करें

    पहले समझा जाता था कि अच्छा काम करने वालों को आम लोगों से अलग कुछ छूट मिलती है, रियायत होती है या चेतावनी देकर छोड़ दिया जाता है। अब ऐसा कुछ नहीं है। वही निशाने पर हैं।

    क्या दिशा रवि के संदर्भ में यह सत्य है? शायद नहीं। अच्छा काम कौनसा?

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