यूपी के पांच आईपीएस अफसरों का करियर इस एसआईटी के हाथ!

यूपी में ट्रांसफर-पोस्टिंग रैकेट संबंधी आरोपों की जांच के लिए एसआईटी गठित

नोएडा के एसएसपी रहे और फिलहाल निलंबन झेल रहे आईपीएस अधिकारी वैभव कृष्ण ने पांच आईपीएस अफसरों व कुछ अन्य गैर-पुलिस अधिकारियों पर ट्रांसफर-पोस्टिंग के रैकेट में शामिल होने का आरोप लगाया. इन आरोपों की जांच के लिए एसआईटी (स्पेशल इनवेस्टीगेशन टीम) गठित की जा रही है.

पांच आईपीएस अधिकारियों अजय पाल शर्मा, सुधीर कुमार सिंह, गणेश साहा, राजीव नारायाण मिश्र, हिमांशु कुमार के खिलाफ एसआईटी जांच का फरमान जारी कर दिया गया.

वैभव कृष्णा की एक लड़की के साथ वीडियो और वॉट्सऐप चैट वायरल होने के बाद वैभव कृष्ण ने सीएम व डीजीपी को लिखी अपनी एक चिट्ठी मीडिया के सामने लीक कर दी. इस चिट्ठी में अजय पाल शर्मा, सुधीर कुमार सिंह, गणेश साहा, राजीव नारायाण मिश्र, हिमांशु कुमार के साफ तौर पर नाम लेते हुए लिखा गया कि ये सब ट्रांसफर पोस्टिंग का करप्ट सिस्टम लीड कर रहे हैं. तमाम वॉट्सऐप चैट, कॉल डिटेल और कॉल रिकॉर्डिंग को सबूत के तौर पर वैभन ने पेश किया.

वैभव भूल गए कि जिन अफसरों पर वो करप्शन का आरोप मढ़ रहे हैं, वो सारे ट्रांसफर पोस्टिंग अफसर खुद नहीं करते, बल्कि सरकार करती है.

उधर, वैभव और लड़की के बीच वीडियो व वॉट्सऐप चैट जांच में सही मिली. करप्शन की चिट्ठी लीक करने का इल्जाम भी सही पाया गया. लिहाजा वैभव कृष्ण सस्पेंड. अब उनके खिलाफ डिपार्टमेंटल इंक्वायरी सेटअप हो गई है. ये इंक्वायरी एडीजी एसएन साबत करेंगे.

ट्रांस्फर पोस्टिंग और ठेकों में करप्शन की जांच में फंसे अजय पाल शर्मा, सुधीर कुमार सिंह, गणेश साहा, राजीव नारायाण मिश्र, हिमांशु कुमार से लेकर इंफॉर्मेशन डिपार्टमेंट के डायरेक्टर दिवाकर खरे, पीसीएस गुलशन कुमार, रजनीश की इंक्वायरी एसआईटी करेगी. इस टीम को लीड करेंगे यूपी के सबसे सीनियर आईपीएस अफसर, डीजी विजिलेंस हितेश चंद्र अवस्थी. आईजी एसटीएफ अमिताभ यश और विकास गोठलवाल एसआईटी में शामिल किए गये हैं.

अमिताभ यश की बाबत लखनऊ की सोशल एक्टिविस्ट नूतन ठाकुर (आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की पत्नी) ने फेसबुक पर लिखा है-

Nutan Thakur : आज की जाँच समिति में आईजी एसटीएफ अमिताभ यश भी हैं. मैंने आज से 01 साल पहले अमिताभ यश के खिलाफ तत्कालीन एसपी बाराबंकी द्वारा मर्डर केस को कुप्रभावित करने के संबंध में सौंपी गयी ऑडियो सीडी की जाँच के लिए डीजीपी ओ पी सिंह को शिकायत भेजी थी. आज तक उस शिकायत में कुछ भी नहीं हुआ. उम्मीद करुँगी कम से कम यह जाँच शीघ्र तथा निष्पक्ष होगी.

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