अमर उजाला ने ट्रेन चलाए जाने की फर्जी खबर छाप फैला दी अफवाह, इस पत्रकार ने ‘आग’ बुझाई!

खोजी पत्रकार उमेश कुमार इन दिनों उत्तराखंड के बाहर फंसे हुए उत्तराखंडियों को सही-सलामत पहाड़ पहुंचाने की कोशिशों में लगे हैं. इसके लिए सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक पर वे अपनी टीम के साथ सक्रिय रहते हैं. इसी क्रम में जब उन्हें पता चला कि उत्तराखंड के लोगों को दूसरे प्रदेशों से निकालकर हरिद्वार लाने के लिए कई ट्रेनें चलाई जा रही हैं तो वे बहुत प्रसन्न हुए.

पर एक आशंका भी उन्हें घेरे रही कि अगर ये खबरें गलत हुईं तो कहीं महाराष्ट्र के बांद्रा वाला हाल इन संबंधित स्टेशनों पर न हो जाए. गलत खबर से सैकड़ों लोग स्टेशनों पर ट्रेन पर सवार होने के लिए इकट्ठे हो सकते थे और जब पता चले कि ट्रेन नहीं जा रही है तो हिंसक होकर बवाल कर सकते थे.

इसी आशंका के कारण उन्होंने रेल मंत्री को ट्वीट कर अमर उजाला में छपी खबर और उत्तराखंड के एक पत्रकार राजेंद्र जोशी द्वारा प्रकाशित की गई एक अन्य खबर की सच्चाई के बारे में पता करने की कोशिश की. कुछ घंटों बाद रेल मंत्री के आफिस से ट्वीटर पर ही रिप्लाई आया कि जिन जिन ट्रेनों को चलाए जाने की बात खबरों में कही जा रही हैं, वे सब अफवाह हैं.

इस सूचना के मिलते ही उमेश कुमार ने यथासंभव इस फेक न्यूज के बारे में संबंधित प्रदेशों में रहने वाले अपने कुछ परिचित उत्तराखंडियों को जानकारी दी और उनसे अनुरोध किया कि वे अपने मित्रों को बताते जाएं व उनसे भी अनुरोध करते जाएं कि वे आगे अपने मित्रों को बताएं. इस तरीके से सच्चाई आम जन तक पहुंच पाई वरना अमर उजाला और राजेंद्र जोशी ने तो हजारों उत्तराखंडियों को सड़क पर लाकर पिटवाने या हिंसा फैलाने के लिए मजबूर करने की व्यवस्था कर दी थी.

इस तरह अफवाह की ‘आग’ पर उमेश कुमार की कोशिशों से पानी फेरा जा सका.

सवाल ये भी है कि आपदा के समय फर्जी खबर छापकर पैनिक क्रिएट करने के आरोप में सरकारें क्या अमर उजाला के खिलाफ मुकदमा दर्ज करेंगी या इसे बड़े मीडिया हाउस की गल्ती मानकर चुप रहते हुए अनदेखी करने का उपक्रम करेंगी?

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One comment on “अमर उजाला ने ट्रेन चलाए जाने की फर्जी खबर छाप फैला दी अफवाह, इस पत्रकार ने ‘आग’ बुझाई!”

  • SATISH Pradhan says:

    जब फर्जी विश्वविद्यालय के फर्जी प्रमाणपत्र धारी, फर्जी रूप से नाम के आगे डॉक्टर अतुलमोहन सिंह गहरवार, उप-सम्पादक लिखकर अमर उजाला, लखनऊ की शोभा बढ़ायेंगे तो फर्जी खबरों का ही उत्पादन करेंगे। राजुल माहेश्वरी से शिकायत के बाद भी कुछ हुआ नहीं। अयोध्या के उपनिदेशक,सूचना की अमर उजाला संवाददाता की शिकायत आपके पास है ही।

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