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अमित शाह मीडिया के हेड मास्टर और तेज तर्रार पत्रकार भीगी बिल्ली

विदेशों में जमा काला धन देश वापस लाकर आम जनता में बंटवाने के चुनावी वायदे और भाषणों को जुमला बता चुके भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने अब राम मंदिर, धारा 370 सहित कई मुद्दों पर सफेद झूठ परोस दिया। अमित शाह मीडिया के हेड मास्टर की तरह पत्रकारों को झिड़क देते हैं। एंकर आए दिन अरविंद केजरीवाल के सामने तो बड़े दबंग और तेज-तर्रार बनते हैं लेकिन अमित शाह के सामने भिगी बिल्ली बन जाते हैं। 

विदेशों में जमा काला धन देश वापस लाकर आम जनता में बंटवाने के चुनावी वायदे और भाषणों को जुमला बता चुके भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने अब राम मंदिर, धारा 370 सहित कई मुद्दों पर सफेद झूठ परोस दिया। अमित शाह मीडिया के हेड मास्टर की तरह पत्रकारों को झिड़क देते हैं। एंकर आए दिन अरविंद केजरीवाल के सामने तो बड़े दबंग और तेज-तर्रार बनते हैं लेकिन अमित शाह के सामने भिगी बिल्ली बन जाते हैं। 

अभी तक विपक्ष में रहते भाजपा के लिए अयोध्या में राम मंदिर बनवाना सबसे बड़ा मुद्दा रहा और इसके लिए वह 100 बार सत्ता छोडऩे की बात भी करती रही। कभी भी भाजपा या उसके संगठनों ने यह नहीं कहा कि राम मंदिर संविधान की भावना और कानून सम्मत बनेगा, बल्कि हमेशा यही कहती रही कि भगवान राम का जन्म कहां हुआ, यह कोई अदालत तय नहीं कर सकती मगर अब सत्ता में आने और स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद भाजपा यह कहती है कि राम मंदिर का मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और जो अदालती आदेश होगा उसे मान्य किया जाएगा।

अब करोड़ों-करोड़ लोगों की आस्था कहां गई? अमित शाह कल कहते हैं कि जनता ने भाजपा को अभी भी 370 सीटें नहीं दी हैं, इसलिए राम मंदिर के साथ-साथ समान नागरिक संहिता और कश्मीर से धारा 370 नहीं हटाई जा सकती। अब यह तो सामान्य बुद्धि की बात है कि इतनी सीटें भाजपा को कभी नहीं मिलेगी। अगर भाजपा अपने इन मूल विषयों पर गंभीर है तो पिछला लोकसभा चुनाव इन्हीं मुद्दों पर लडऩा था और अभी भी जनता के सामने इन्हीं मुद्दों को रखा जाए और संसद के जरिए इन पर अमल भी करवाए। आज भी भाजपा के पास लोकसभा में बहुमत है मगर राज्यसभा में नहीं, बावजूद उसके उसने भूमि अधिग्रहण कानून सहित कई अध्यादेश और संशोधन मंजूर किए ही हैं तो फिर राम मंदिर, धारा 370 और समान नागरिक संहिता पर वह क्यों यू-टर्न मार रही है? मजे की बात यह है कि पत्रकार वार्ता में किसी भी मीडियाकर्मी ने ऐसे और अन्य तीखे सवाल पूछने की हिम्मत ही नहीं दिखाई, उलटा अमित शाह मीडिया को हेड मास्टर की तरह ट्रीट करते नजर आए और कई न्यूज चैनलों के उन एंकरों को उन्होंने सीधे-सीधे बेइज्जत करते हुए चुप रहने को भी कह दिया, जबकि यही एंकर आए दिन अरविंद केजरीवाल से लेकर अन्य तमाम मुद्दों पर बड़े दबंग और तेज-तर्रार नजर आते हैं लेकिन अमित शाह से लेकर अन्य भाजपा के दिग्गजों के सामने भिगी बिल्ली बन जाते हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तो लिफ्ट भी नहीं दे रहे हैं… इधर कांग्रेस अभी भी भांग खाकर पड़ी है, उसके पास सिर्फ किसानों की रटी रटाई बातें और बकौल राहुल गांधी – सूट-बूट की सरकार का ही नारा है।

कांग्रेस भी राम मंदिर, धारा 370 और समान नागरिक संहिता पर जोरदार हमला भाजपा पर नहीं बोल पाई, बल्कि अमित शाह के बयान को लेकर तो जबरदस्त हंगामा मचाया जा सकता है। वहीं अमित शाह का यह कहना भी सही नहीं है कि जो लोग विदेशों में काला धन जमा करने वालों के नाम उजागर करवाना चाहते हैं, वे इस पूरे मामले को रफा-दफा करना चाहते हैं। शायद अमित शाह की याददाश्त कमजोर है, क्योंकि कल तक विपक्ष में बैठी भाजपा के ही सारे दिग्गज इन नामों को उजागर करवाने के लिए संसद से लेकर सड़क तक हल्ला मचा रहे थे और राम जेठमलानी, सुब्रमण्यम् स्वामी और बाबा रामदेव ने तो कालेधन के आंकड़े भी परोसे और इस तरह की मांग भी की थी, जिसका समर्थन भाजपा ने पूरी ताकत से तब किया था मगर अब अमित शाह को नाम उजागर करने की मांग ही गलत लग रही है। कम से कम कांग्रेसी इतना ही करें कि वे भाजपा के साथ-साथ जेठमलानी, सुब्रमण्यम् स्वामी और बाबा रामदेव के पुराने बयानों की विडियो ही हासिल कर उसे जनता के लिए जारी कर दें कि  ये है भाजपा का असली चेहरा, विपक्ष में क्या और सत्ता में आने के बाद पलटी मारना मगर कांग्रेस के साथ-साथ मीडिया भी इस मामले में पप्पू नजर आ रहा है।

इंदौर के सांध्य दैनिक ‘अग्निबाण’ के विशेष संवाददाता राजेश ज्वेल से संपर्क : 9827020830

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