अर्नब केंद्रीय मंत्रियों और पीएमओ के साथ सेटिंग के गम्भीर दावे कर रहा है! देखें चैट

धर्मवीर-

नरभक्षी मीडिया के सरताज़ और सुपारी सम्पादक के नाम से कुख्यात अर्नब गोस्वामी और BARC के पूर्व CEO मिस्टर पार्थो के बीच TV चैनलों की TRP को मैनिज करने सम्बंधित 512 पेज़ की वट्स एप चैट मुंबई पुलिस के हवाले से वाइरल हो रही है। इन चैट्स में अर्नब गोस्वामी देश के अनगिनत केंद्रीय मंत्रियों और यहाँ तक कि PMO तक के साथ सेटिंग के कई गम्भीर दावे कर रहा है।

BARC ही वह एजेंसी है जो पूरे देश में TV चैनलों की TRP को निर्धारित करती है और उसी के द्वारा तथाकथित गुप्त स्थान पर लगाए गए बॉक्स के ज़रिए ही TRP मापी जाती है । किसी TV चैनल की अधिक TRP अर्थात् अधिक दर पर विज्ञापन पाने की गारंटी । इसी वजह से हर चैनल TRP में नंबर एक होना चाहता है । पर अर्नब ने अपना चैनल खोलने के लिए नैतिकता से समझौता करने का जो शॉर्टकट अपनाया था वैसा ही चोर रास्ता उसने अपने चैनल को TRP में एक नम्बर बनाने के लिए अपना लिया । उसी घोटाले से सम्बंधित जाँच के दौरान मुंबई पुलिस ने अर्नब और BARC के तात्कालिक CEO पार्थो की वट्स एप चैट बरामद की है । उसी चैट के कुछ स्क्रीनशॉट पोस्ट में शेयर किए गए हैं ।

वायरल चैट में एक जगह अर्नब दावा कर रहा है कि इंडिया TV के मालिक और दूसरे सुपारी सम्पादक रजत शर्मा ख़ुद अर्नब के पीछे पड़े हुए हैं । गौरतलब है कि इंडिया TV की पूर्व एंकर सुचारिता कुकरेती को अर्नब गोस्वामी ने अपने हिंदी चैनल रिपब्लिक भारत में एंकर के तौर पर नियुक्त किया था जबकि ख़ुद रजत शर्मा इसके लिए राज़ी नहीं थे । इस मामले में भी इंडिया TV और सुचारिता कुकरेती के बीच में अदालत तक बात पहुँच गई थी और ऐसा माना जाता है कि भारत सरकार के इशारे पर काम करने वाले और सुपारी सम्पादक के तौर पर कुख्यात अर्नब और रजत शर्मा में तभी से गम्भीर मतभेद हो गए थे । TRP को लेकर मुंबई पुलिस की कार्यवाही के पश्चात् इन दोनों के बीच की लड़ाई अब सड़क पर आ गई है ।

वाइरल चैट्स के ज़रिए यह भी पता लगता है कि अर्नब गोस्वामी के दिल में रजत शर्मा के अलावा बाक़ी के सुपारी पत्रकार जैसे नविका कुमार आदि के लिए भी अर्नब की क्या भावनाएँ हैं । इन चैट्स से स्पष्ट पता चलता है कि पिछले कुछ वर्षों में सत्ता के गलियारों में घुसपैठ कर चुकी यह चांडाल मंडली किस तरह से देश के संसाधनों को लूटने में लगी हैं ।

TRP स्कैम ने देश में जारी सरकारी साँठ गाँठ के पूरे खेल को बेपर्दा कर दिया है । दूसरे शब्दों में कहें तो TRP स्कैम एक तरह से मोदी सरकार का नीरा राडिया टेप स्कैम साबित हो रहा है । पूरी सम्भावना है कि मुंबई पुलिस जल्द ही अर्नब गोस्वामी को इस मामले में भी गिरफ़्तार कर ले और एक बार फ़िर से माननीय उच्चतम न्यायालय को देश में स्वतंत्रता के अधिकार की पैरवी करने को मज़बूर होना पड़े ।

मेरे लिए अर्नब गोस्वामी वाला यह घोटाला UPA सरकार के समय हुए नीरा राडिया टेप कांड जैसा ही एक घोटाला है । जब पत्रकार केवल धन और सत्ता पाने के लिए पत्तलकार बन जाते हैं तो नैतिकता के साथ साथ देशहित भी दांव पर लग जाता है । जो भ्रष्टाचार किसी समय बरखा दत्त ने किया उससे भी बड़ा भ्रष्टाचार अर्नब गोस्वामी और उन जैसे अनगिनत फ़र्ज़ी पत्रकार आज भी रोज़ाना कर रहे हैं। यही इस समय मीडिया की शर्मनाक स्थिति है।

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