आशुतोष को आजादी मुबारक, ‘आप’ को गुडबाई कहा

Ashutosh AAP : Every journey has an end. My association with AAP which was beautiful/revolutionary has also an end. I have resigned from the PARTY/requested PAC to accept the same.

It is purely from a very very personal reason.Thanks to party/all of them who supported me Throughout.

Thanks.

वरिष्ठ पत्रकार और आम आदमी पार्टी नेता आशुतोष की एफबी वॉल से.

सोशल मीडिया से कुछ प्रतिक्रियाएं…

Yashwant Singh
राजनीति में बेहद घाघ और कमीने किस्म के रंगे सियार टाइप आदमी ही टिकते हैं. आशुतोष जी भी हों लेकिन दिल से कमीना नहीं है बंदा. हां, केजरिया शत-प्रतिशत है. आजादी मुबारक आशुतोष भाई.

Rani Rajesh

आज की राजनीति में केजरीवाल जैसे लोग ही टिक सकते है. भाजपा के ‘रंगा-बिल्ला’ से मुकाबला करना हर किसी के बस में नहीं.

Braj Mohan Singh
भाइयों, असली आज़ादी तो आज आशुतोष जी को मिली है, जिन्होंने मौका देखकर आम आदमी पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया. आइये पत्रकारिता को और अधिक पवित्र और पावन कीजिए. मुबारक हो!

Manoj Malayanil
पूर्व पत्रकार आशुतोष ने केजरीवाल की पार्टी से इस्तीफा देकर आज़ाद होने का फ़ैसला लिया!

Ajay Kumar
ऐसे लोग कभी आजाद नहीं होते। दिखावटी दुनिया में परचम फहराने के लिए खुद की समझ से समझौते करते हैं और जीवन भर में लिए गुलाम बन जाते हैं। आशुतोष ऐसी ही गुलामी के लायक थे, उन्हें गुलामी मुबारक।

Sheetal P Singh
आशुतोष के फैसले से असहमत पर हमेशा के लिये इस युवा मित्र के जीवन में साथ साथ. सियासत में संवेदनशील इंसान की तकलीफ. 72वें स्वाधीनता दिवस तक हम अभी सियासत को आम आदमी के लायक न ढाल पाये.

Arun Maheshwari
उनका निर्णय सही है। एक स्वतंत्र पत्रकार के रूप में वे ज्यादा बड़ी भूमिका अदा कर सकते हैं।

Shailesh Tiwari
आशुतोष का जाना कहीं न कहीं पार्टी में तानाशाही है, इस बात की पुष्टि करता है।

Ashutosh Pandey
Vaise inhone khud kayi baar mana hai ki rajneeti ke liye ye fit nahi hai. Rajneeti sensitive/emotional ogo ke liye nahi hoti..

Arif Basarwi
एक अत्यंत दुखद खबर. एक अच्छे इंसान को भी हम जगह न दे पाए. आशुतोष भाई से अक्सर कई मुद्दों पर चर्चा हो जाती थी. इधर काफी दिनों से मुलाक़ात नही हुई थी. मेरे ख्याल से उनको रोकने का हरसम्भव प्रयास करना चाहिए. इसमें संजय भाई और शीतल भाई ज़रूर उम्मीद जगा सकते हैं.

Asrar Khan
आशुतोष के मुकाबले जिन पैसे वालों को राज्यसभा सदस्य बनाने में तरजीह दी गई, उसी करण आशुतोष को और आपके सभी समर्थकों को निराशा हुई है।

बीरेंद्र गुप्ता
राज्यसभा के लिए सुशील गुप्ता को टिकट देने के पार्टी के एक गलत फैसले ने हम जैसे लाखों मामूली कार्यकर्ताओं को ही निराश नहीं किया बल्कि उस गलत फैसले ने आम आदमी पार्टी की नींव को ही हिला दी थी जिसका परिणाम है कि आज हमे आशुतोष जैसे इतने बड़े नेता को खोना पड़ रहा है। भविष्य में पार्टी को ऐसे गलत फैसले से बचना होगा नहीं तो सबको पता है कि जब नींव हिलती है तो मकान अधिक दिन तक नहीं खड़ा रहता।

Ashutosh Sengar
इमारत के सबसे ऊपर खड़े व्यक्ति को नीव में हलचल हो रही है इसका पता तभी चलेगा जब वो नीचे आकर गिरेगा. जहाँ प्रतिभा का सम्मान न हो वहाँ से जाना ही अच्छा है. मैं पूर्व पत्रकार आशुतोष जी के निर्णय का स्वागत करता हूँ. अफ़सोस इस बात का भी है कि सत्ता और पद के मद में चूर, आँखों पर अहंकार की पट्टी बंधे कुछ लोगों को ये हानि, हानि नहीं दिखेगी।

Swami Omprakash Bharti
आप पार्टी मे गैरतमंद और बुद्धिमान व्यक्ति के लिए जगह ही बची केजरीवाल अपने से बडे कद के व्यक्ति को बर्दाश्त नही कर सकता,

Shagun Tyagi
छोटी सोच वालों की पार्टी बनती जा रही है आम आदमी पार्टी…आशुतोष भाई के इस्तीफ़े ने साबित किया है कि यहाँ टैलेंट की नहीं बल्कि चमचागिरी करने वालों की ज़रूरत है। एक और बात यहाँ कान के कच्चों की भरमार है जिनका अपना कोई स्टैंड नहीं है…यहाँ टैलेंट को तेजपत्ते की सुगंध की तरह इस्तेमाल किया जाता है…

राकेश मौर्य
केजरीवाल को साथ लेकर चलना नहीं आता.

Chandra Prakash Rai
सभी पढ़े लिखे, समर्पित और संवेदनशील लोगो की सभी दलों में यही स्थिति है। आइये ऐसे सभी लोग मिलकर कुछ नया करें।

Uday N Gupta
राज्य सभा में जगह न देने से लगता दुखी हो गए हैं। पर दुखी नहीं होना चाहिए। कुमार तो आप से पुराने है जब उन्हें सीट नहीं मिली तो आपको कैसे। कहीं और एडजस्ट करो।

Prashant Shekhar Mishra
पत्रकारिता तो पहले ही चली गयी थी, और अब राज्यसभा सांसदी की बची खुची आस भी।


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One comment on “आशुतोष को आजादी मुबारक, ‘आप’ को गुडबाई कहा”

  • Hemant Tyagi says:

    ना खुदा ही ना विसाल ए सनम ,,,, ऐसा ही कुछ है आशुतोष के साथ।।
    जब आशुतोष जब पत्रकारिता के शिखर पर थे उस टाइम उन्हें बहका कर आप पार्टी में ले आये पत्रकारिता छुड़वा दी उनकी। आशुतोष समझ नही पाए राजनीति में व्यक्ति विशेष की जरूरत नही होती। आप को ब्रांड की जरूरत थी और आशुतोष के मन में भी महत्वाकांक्षा प्रबल हो गई। आप पार्टी उन्हें राज्यसभा भेज सकती है । लेकिन क्या कारण है कि उन्होंने पार्टी छोड़ दी। कुमार विश्वास और पत्रकार योगेंद्र यादव को भी इस्तेमाल किया गया। चलो आशुतोष को मुबारक हो कि उन्होंने कालिख की कोठरी छोड़ दी।

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