अडानी का तो समझ में आता है. बड़ा समूह है. साहब की निगहबानी में अगला कहीं भी हाथ डाल दे जय-जय तय है. लेकिन गलगोटिया वाला भी अयोध्या में रजिस्ट्री करवा गया…ये गजब बात है.
अब इस गजब बात को उस वीडियो से जोड़ दीजिए जो बीते महीने गलगोटिया के छात्रों का वायरल हुआ था. जिसमें गलगोटिया यूनिवर्सिटी के कुछ छात्र हाथों में तख्ती लेकर कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे. अयोध्या के इस खुलासे के बाद एक सीधा सवाल उठता है कि ‘क्या गलगोटिया ने इसी तरह के मुनाफों के लिए सरकार को खुश करने की एवज में अपने छात्र कांग्रेस दफ्तर भेजकर नाम उछाला था?’
गलगोटिया के फर्जीवाड़े का यह कोई पहला मामला नहीं है. बल्कि कई वर्षों से और कई तरह के फर्जीवाड़े, धोखाधड़ी और बेईमानी करने वाले ‘गलगोटिया ने हर बार तगड़ा विज्ञापन देकर मीडिया का मुंह बंद रखा. गलगोटिया पर 122 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में कार्रवाई हुई थी और Galgotia University के निदेशक ध्रुव गलगोटिया व पद्मिनी गलगोटिया को गिरफ्तार किया गया था. ये गिरफ्तारी की कार्रवाई आगरा पुलिस ने की थी.
आगरा के संजय प्लेस स्थित एसई इन्वेस्टमेंट कंपनी के असिस्टेंट मैनेजर गिर्राज किशोर शर्मा ने थाना हरीपर्वत में मुकदमा दर्ज कराया था. शर्मा की शिकायत थी कि नोएडा की शकुंतला एजूकेशनल एवं वेलफेयर सोसाइटी ने कंपनी से सन 2010 से 2012 के बीच में 80 लाख रुपये के 10 लोन स्वीकृत कराए. इनमें संस्था से जुड़े गलगोटिया विश्वविद्यालय के नाम से भी लोन शामिल था.
बहरहाल, अयोध्या के लोकल दुकानदारों, रेहड़ी-सब्जी वालों का धंधा-पानी बंद हो गया. कितनों के रोते बिलखते वीडियो सामने आए. लेकिन सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ा. फर्क पड़े भी क्यों जब सिर पर इलेक्टोरल बॉन्ड सरीखा हाथ रखा था.
सरकारी संवेदनहीनता यहीं खत्म नहीं होती, एक वीडियो कल कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही का भी वायरल हुआ था, जिसमें पीसी कर रहे शाही दाल का भाव जान-पूछकर खिलखिलाने लगते हैं. मतलब हद है, महंगाई से जनता का बुरा हाल है, मंत्री-मिनिस्टर को मजाक सूझ रहा है.
ऐसे में भला हो इंडियन एक्सप्रेस जैसे अखबार का जो अगर बहादुरी न दिखाएं तो जनता को पता ही नहीं चल पाए की नेता और अफसरों ने रातों-रात मिलकर सबको बेच दिया है.
मूल खबर…
इंडियन एक्सप्रेस ने राम मंदिर फैसले के बाद अयोध्या में 2500 जमीनों के सौदागरों को किया Expose
गलगोटिया एक्सपोज़्ड : पांच सितारा इमारतों में पढ़ी-लिखी और सस्ती लेबर पैदा हो रही!
गलगोटिया एक्सपोज़्ड : कॉलेज प्रबंधन ने ही छात्रों को प्रदर्शन के लिए भेजा था, देखें प्रूफ!


