बेशर्म हो चुके पैनलिस्ट खींसे निपोर कर बेइज्जत होना सीख लिए!

Chetan Gurung : शर्म की बात है.. आलोक.. आशुतोष… संबित… अखिलेश को बड़बोली एंकर अंजना ओम कश्यप हिदायत दे रही… तमीज सिखा रहीं… टीवी पर चेहरा दिखाने के लिए बेशर्म हो चुके पैनलिस्ट एंकर की बदसलूकी किस्म की हिदायत को भी खींसे निपोर के सिर माथे ले रहे… आज तक पर पैनलिस्ट्स की बेइज्जती…

Garima Singh : वैसे तो टीवी डिबेट आजकल नही देखती, देखती हूं तो टिप्पणी नही करती मगर आज अभी देश का सर्वश्रेष्ठ चैनल देख रही हूं सोच रही हूं कि मॉडरेटर इतने ग़ुमान में इतने ग़ुरूर में क्यूं आ गये हैं..इत्तने सिर पर क्यूं चढ़ गये हैं? बात अब पैनल में मौजूद मेहमान की बेइज्ज़ती कर कुटिल मुस्कान के साथ ख़ुद को श्रेष्ठ दिखाने की कोशिश तक पहुंच गयी है…मगर अफ़सोस श्रेष्ठता नही भोंडापन दिख रहा है..

Ashutosh Vats : जब अरनब को सुनता हूँ तो लगता है मोदी ही सच्चा है लेकिन जब एनडीटीवी देखता हूँ तो लगता है मोदी ही चोर है। और तो और जब दीपक चौरसिया को सुनता हूँ तो लगता है क्यो समाचार सुन लिया और जब उस पगले भाई को सुनता हूँ जो ztv मे चिल्लाता है अरे वही अमिशवा तो लगता है टीवी ही क्यो खोला। हे प्रभु उठा ले अब नहीं जीना भारत मे, यहाँ टीवी समाचार ही संकट मे है।

पत्रकार चेतन गुरुंग, गरिमा सिंह, आशुतोष वत्स की एफबी वॉल से.

amausa ka mela 'कुंभ 2019' के दृश्य और 'कुंभ 1989' की कैलाश गौतम की कविता… अमउसा का मेला

amausa ka mela… 'कुंभ 2019' के दृश्य और 'कुंभ 1989' की कैलाश गौतम की कविता… अमउसा का मेला.. भड़ास4मीडिया के एडिटर यशवंत सिंह अपनी घुमक्कड़ी के क्रम में बुलेट से खजुराहो गए फिर वहां से खुली जिप्सी से पन्ना पहुंचे. उसके बाद सतना से ट्रेन पकड़ कुंभ मेले में घुस गए. जाने माने कवि कैलाश गौतम ने कुंभ पर जो कविता रच दिया, उसे सुने-समझ बगैर आप कुंभ को इंज्वाय नहीं कर सकते. तो देखें यशवंत के बनाए इस कुंभ के कुछ वीडियो और साथ-साथ सुनें कैलाश गौतम की कविता…

Bhadas4media ಅವರಿಂದ ಈ ದಿನದಂದು ಪೋಸ್ಟ್ ಮಾಡಲಾಗಿದೆ ಮಂಗಳವಾರ, ಫೆಬ್ರವರಿ 5, 2019
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