स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन संस्थानों की नौकरियों की भर्ती में अजब गजब नियम

-Yashwant Singh-

नयी दिल्ली। केन्द्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन नयी दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ने हाल ही में कुछ नौकरियों के लिए विज्ञापन जारी किया है। इस विज्ञापन में कुछ चीजें बरबस ध्यान खींचती है। किसी नौकरी में योग्यता ज्यादा है तो वेतनमान कम, कहीं वेतनमान ज्यादा तो योग्यता कम।

इसके अलावा समूह “ए” के कुछ पदों के लिए सिर्फ इंटरव्यू से भर्ती होगी तो “ख” और “ग” के लिए कम्प्युटर बेस्ड टेस्ट ( सीबीटी) होगी। उदाहरण के तौर पर “वैलफेयर आफिसर” पद के लिए योग्यता स्नातक है और यह पद समूह “ए” का है। यह पद सिर्फ इंटरव्यू से भरा जाएगा। दूसरी ओर इंजीनियरिंग की डिग्री की योग्यता से मांगे गये “कम्पयूटर प्रोग्रामर” के लिए आनलाइन टेस्ट होगा। यह समूह “ख” की पोस्ट है।

सबसे आश्चर्यजनक योग्यता “रिसेप्शनिस्ट” पद के लिए मांगी गई है। यहां स्नातक के साथ-साथ पत्रकारिता या जनसंपर्क में डिप्लोमा वांछित योग्यता है। इसके अलावा संबंधित फील्ड में अनुभव भी होना चाहिए। यह पद समूह “ग” का है।

सूत्रों के अनुसार एम्स में भर्ती के नियम समानता लिए हुए नहीं है। संस्थान की गवर्निग बाडी अधिकांश कैडर का नियम शर्त बनाती है।ऐसे में जो कैडर ज्यादा मजबूत है वह अपने पे स्केल इत्यादि में संशोधन करवाता रहा है। एम्स में अंतिम कैडर रिव्यू भी तीस वर्ष पूर्व हुआ था। उसके बाद ज्यादा कर्मियों की संख्या वाले कैडर नियमो में संशोधन करवाते रहें हैं जबकि कम कार्मिक संख्या वाले कैडर तीस वर्ष पुराने भर्ती नियमों के अनुसार कार्यरत हैं।



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