मोदी को साम्प्रदायिकता का चोला उतार कर सेक्युलरिज़म के पर्दे के पीछे दुबकना पड़ा!

कृष्ण कांत –

क्या नफरत के खिलाफ गोलबंदी से मोदी जी घबरा गये?

भाजपा ने नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल को पार्टी से निलंबित कर दिया है। इन दोनों ने पैगम्बर मोहम्मद साहेब का अपमान करने वाले बयान दिए थे। इनके बयानों का खंडन भी जारी कराया गया है।

खबर है कि इस टिप्पणी के बाद अरब देशों में भाजपा प्रवक्ता के बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया हुई। भारतीय कंपनियों का बहिष्कार शुरू हो गया। वहां काम कर रहे भारतीयों पर नौकरी छोड़ने का दबाव बनाया जाने लगा था। सऊदी अरब, पाकिस्तान समेत कई देशों के लोगों ने विश्व व्यापी ट्विटर ट्रेंड चलाया। खाड़ी देशों में कूड़ाघरों पर मोदीजी के पोस्टर लगा कर उन पर जूते छापे गए।

इसके बाद बीजेपी ने अपने दो प्रवक्ताओं की टिप्पणी का खंडन किया और कहा कि वह सभी धर्मों आदर करती है और किसी भी धार्मिक महापुरुष के किसी अपमान का पुरजोर निंदा करती है।

जैसे भारत से बाहर हमेशा गांधी और नेहरू लाज बचाते हैं, वैसे ही लोकतंत्र और सेकुलरिजम लाज बचाएगा। भारत जिन आधुनिकतम मूल्यों की बुनियाद पर खड़ा हुआ है, वह बुनियाद गांधी, नेहरू और अंबेडकर जैसे विश्वपुरुषों ने रखी थी।

आखिरकार साम्प्रदायिकता का चोला उतार कर सेक्युलरिज़म के पर्दे के पीछे दुबकना पड़ेगा। सेक्युलरिज़म ज़िंदाबाद!

विक्रम सिंह चौहान-

धनिया की पत्ती की तरह एकदम ताजे- ताजे सेक्युलर कानपुर के मुस्लिमों को गाली दे रहे थे.इनका कहना था ,”बिगाड़ लिए न अब अपना,चुपचाप रहो,जुल्म सहते रहो, महान बनो, क्या जरूरत थी विरोध प्रदर्शन की.अब अपना घर बुलडोजर से तोड़वाओ”. आखिर कब तक चुप रहें मुसलमान? डर से और डराने से कभी नहीं डरते मुसलमान! मॉब लिंचिंग में 100 से अधिक मुस्लिम मारे गए .चुप तो थे पर जज साहब ने आरोपियों को जमानत और बाइज्जत बरी कर दिया ,मुस्लिम विरोधी राष्ट्रवाद के प्यादों ने उन अपराधियों का फूल मालाओं से स्वागत किया.

अब बात पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब पर घोर विवादित कथन की थी.कोई भी मुस्लिम इसे बर्दाश्त नहीं कर सकता था.गोदी मीडिया और नूपुर शर्मा ,नवीन जिंदल जैसे लोगों को जुबां और ताकत एक ही जगह से मिलती है.कानपुर के मुस्लिमों ने चोट सही जगह पर किया.बात अंतरराष्ट्रीय स्तर तक चली गई और डर सबको लगता है,गला सबका सूखता है चरितार्थ हो गया.साहब डर गए.और डरेगा कैसे नहीं? सऊदी अरब ,कतर, कुवैत आदि देशों में भारतीय हिंदुओ पर नौकरी छोड़ने और भारतीय कम्पनियों का बायकाट करने का ट्रेंड शुरू होते ही इनकी अक्ल ठिकाने आ गई.मोदी के खिलाफ भी ट्वीटर ट्रेंड चला.लोग इतने गुस्से में थे कि अरब देशों में कूड़ाघर में मोदी की फ़ोटो चस्पा कर उस पर जूते फेंके गए.

मैं नास्तिक हूँ. मैं वाकई पूजा पाठ नहीं करता.लेकिन मेरी नास्तिकता कभी किसी को पूजा पाठ या नमाज़ करने से रोकने से नहीं फैलेगा.न ही मैं किसी के ईष्ट पर विवादित टिप्पणी करता हूँ. और अगर आप किसी ईश्वर को मानते हैं,मान लीजिए राम को ही मानते हैं तो आपका धर्म तो अल्लाह,पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब पर कोई भी बदजुबानी की इजाजत नहीं देगा. इसका मतलब तो यही होगा कि आप राम को भी नहीं मानते हैं. आज दिल खुश हुआ. कानपुर के मुसलमानों के साथ हूँ, देश के मुसलमानों के साथ हूँ. लहू का एक-एक कतरा बहा देंगे पर चंद लोगों की वजह से आपसी मोहब्बत और भाईचारा नहीं छोड़ेंगे.



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