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अनंतनाग, इस्लामाबाद और दूरदर्शन का पत्रकार

Zafar Irshad : दूरदर्शन से एक पत्रकार को इसलिए रिपोर्टिंग से हटा दिया गया, क्योंकि उसने कश्मीर की बाढ़ की रिपोर्टिंग करते वक्त अनंतनाग को इस्लामाबाद कह दिया था… जो लोग अनंतनाग नहीं गए है, वो इस कड़वे सच से नहीं वाकिफ होंगे कि अनंतनाग वाले अपने को इस्लमाबाद का निवासी ही कहते है… मैं जब कुछ साल पहले अनंतनाग गया था तो मैंने कई प्राइवेट बसों पर उर्दू भाषा में लिखा देखा- श्रीनगर से इस्लामाबाद..

Zafar Irshad : दूरदर्शन से एक पत्रकार को इसलिए रिपोर्टिंग से हटा दिया गया, क्योंकि उसने कश्मीर की बाढ़ की रिपोर्टिंग करते वक्त अनंतनाग को इस्लामाबाद कह दिया था… जो लोग अनंतनाग नहीं गए है, वो इस कड़वे सच से नहीं वाकिफ होंगे कि अनंतनाग वाले अपने को इस्लमाबाद का निवासी ही कहते है… मैं जब कुछ साल पहले अनंतनाग गया था तो मैंने कई प्राइवेट बसों पर उर्दू भाषा में लिखा देखा- श्रीनगर से इस्लामाबाद..

यह पढ़कर मैं चौक गया मैंने अपने टैक्सी ड्राइवर से पुछा क़ि क्या यहाँ से इस्लामाबाद तक बस सर्विस है? तब उसने बताया कि नहीं सर, यहां अनंतनाग को ही यहां के लोग इस्लामाबाद कहते हैं… फिर मैंने वहां की दुकानों के बोर्ड देखने शुरू किये, तो सब पर उर्दू में लिखा था- इस्लामाबाद. फिर मैंने सरकारी अस्पतालों-बैंको-स्कूलों को देखा, तो वहां पर अनंतनाग ही लिखा था… मेरी समझ से दूरदर्शन के जिस रिपोर्टर को हटाया गया है, या तो वो अनंतनाग का रहने वाला था और वो उसे इस्लामाबाद के नाम से ही जानता होगा… या फिर वहां के स्थानीय लोगों का उस पर दबाव हो कोई… अब यह तो मुझे नहीं मालूम, लेकिन कभी अनंतनाग जाएं और उर्दू भाषा जानते हों तो वहां की दुकानों और प्राइवेट संस्थानों के बोर्ड ज़रूर पढ़ लीजियेगा… आपको हर जगह इस्लामाबाद लिखा मिलेगा… पता नहीं सरकार इस पर रोक क्यों नहीं लगा रही है?

पीटीआई, कानपुर से जुड़े पत्रकार जफर इरशाद के फेसबुक वॉल से.

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