बीबीसी संवाददाता को सात घंटे तक यूपी के एक थाने में हवालात में बंधक बनाकर रखा गया!

दिलनवाज पाशा

यूपी में जंगलराज है. पुलिस बेलगाम है. सर्वाधिक पीड़ित पत्रकार हैं. आम आदमी का क्या हाल होगा, इसकी कल्पना की जा सकती है. संभल जनपद के बहजोई थाने में दिल्ली से कवरेज पर आए बीबीसी के पत्रकार दिलनवाज़ पाशा को सात घंटे तक थाने में कैद रखा गया.

दिलनवाज का फोन छीन लिया गया. उन्हें गालियां दी गईं. उनका बेल्ट उतरवाकर हवालात में बंद कर दिया गया. सुबह दस से शाम पांच बजे तक उन्हें गालियों और धमकियों के बीच चोरों-उचक्कों के साथ हवालात में कैद कर मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया गया.

बताया जाता है कि बहजोई थाना इंचार्ज ने दिलनवाज पाशा द्वारा परिचय बताने पर मारपीट की और हवालात में बंद करने का आदेश दे दिया. दिलनवाज के दोनों फोन छीन लिए गए जिसके चलते वे किसी से भी संपर्क करने में नाकाम रहे. बीबीसी संवाददाता को हवालात में बंद कराने के बाद थानेदार चला गया. थाने के सिपाहियों ने गंदी गंदी गालियों और धमकियों के जरिए बीबीसी संवाददाता को टार्चर करते रहे.

पत्रकार दिलनवाज पाशा आज शाम पांच बजे तब छूटे जब उनके बारे में पुलिस को जानकारी मिल गई कि वो बीबीसी के ही संवाददाता हैं. दिलनवाज ने थाने से छूटने के बाद लखनऊ अपने कार्यलय में जानकारी दी. बीबीसी के पत्रकार को बंधक बनाने के मामले की जानकारी लखनऊ में शासन-सत्ता में बैठे लोगों में भी फैल गई.

सीएम योगी के खास अधिकारी और सूचना विभाग के सर्वेसर्वा अवनीश अवस्थी ने फोन कर दिलनवाज पाशा से कुशल क्षेम पूछा. उन्होंने दोषियों को दंडित करने का भरोसा दिया.

बताया जाता है कि दिलनवाज पाशा एक निर्दोष व्यक्ति को थाने में अवैध तरीके से रखे जाने की सूचना पर जानकारी लेने पहुंचे थे. उन्होंने खुद को दिल्ली से आए एक पत्रकार के रूप में परिचय दिया. इतना सुनते ही थानेदार आगबबूला हो गया और अभद्रता करते हुए फोन छीन कर हवालात में बंद करने का आदेश दे दिया. बताया जाता है कि जिस निर्दोष व्यक्ति को थाने में रखा गया था, उसे छोड़ने के एवज में पुलिस ने लाखों रुपए की डील की थी. ये डील बिगड़ती देख पुलिस वालों का पारा चढ़ गया और बीबीसी संवाददाता को भी हवालात में डाल दिया. पता चला है कि पुलिस ने अंतत: लाखों रुपये लेने के बाद उस निर्दोष आदमी को छोड़ दिया जिसकी पैरवी के लिए बीबीसी संवाददाता दिलनवाज थाने गए थे.

इस घटनाक्रम से पता चलता है कि पुलिस वाले पैसे कमाने के चक्कर में नियम-कानून, नैतिकता सबकुछ को ताक पर रख चुके हैं. योगीराज में पुलिस को एक्शन लेने की बेलगाम छूट मिलने के बाद पुलिसिया तानाशाही और अराजकता चरम पर है.

इस पूरे घटनाक्रम पर भड़ास के फाउंडर व एडिटर यशवंत सिंह फेसबुक पर लिखते हैं-

यूपी के जंगलराज में बेलगाम हुई पुलिस के निशाने पर आज बीबीसी के पत्रकार Dilnawaz Pasha भाई आ गए. उन्हें एक थाने में सात घंटे तक बंधक बनाकर हवालात में रखा गया. दिलनवाज जी थाने में एक निर्दोष व्यक्ति के अवैध हिरासत में रखे जाने की सूचना पर जानकारी करने गए थे. दिल्ली से आए व्यक्ति के रूप में खुद का परिचय देने मात्र से बौखलाई पुलिस ने उनसे मारपीट करते हुए फोन छीन लिया और हवालात में पटक दिया.


शर्मनाक और निंदनीय. लगता है जैसे यूपी में अब कोई लोकतांत्रिक शासन नहीं है बल्कि पुलिस राज चल रहा है. पुलिस वाले ही असली शासक हैं. इनका नारा है- जो भी सवाल करेगा, वो मरेगा.
आज दिलनवाज पाशा के साथ जो कुछ हुआ है, वह दहलाने वाला है. चुप रहे तो कल आपकी भी बारी है.


बेहद निंदनीय और घृणित.


पुलिस कप्तान, सीओ का फौरन तबादला कर डीजीपी आफिस से अटैच करते हुए दोषी थानेदार व पुलिसकर्मियों को जेल भेजा जाना चाहिए.

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Comments on “बीबीसी संवाददाता को सात घंटे तक यूपी के एक थाने में हवालात में बंधक बनाकर रखा गया!

  • Ajai Bhadauria says:

    यूपी में सीएम योगी जी भले ही पत्रकारों के साथ अभद्रता करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का फरमान जारी करते रहते हैं, लेकिन मातहतों पर इसका उल्टा प्रभाव ही देखने को मिल रहा है। इस शासन में पत्रकार उत्पीड़न की सारी हदें पार हो गई हैं। अब तक इतनी बड़ी संख्या में किसी सरकार में पत्रकारों के साथ कार्रवाई नहीं हुई है। पत्रकार और पत्रकारिता दोनों ही इस प्रदेश में दीन-हीन दशा में पहुंच गए हैं। बीबीसी संवाददाता के साथ घटना करने वाले एसओ को तत्काल सेवा से बर्खास्त किया जाना चाहिए।

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  • Rajesh Kumar says:

    पुलिस की तनख्वाह देने के पैसे नहीं है सरकार के पास। अपना खर्च व वेतन जनता से वसूलो। चालान काटो, पेड क्वारंटाईन मे डालो, गाड़ियां सीज़ करो। यह आदेश है ।

    Reply
  • अभिषेक सावन्त says:

    बेलगाम और बद्द से बद्दतर हो गयी है पुलिस, क्रांति जरूरी है

    Reply
  • Amit Saini says:

    सेवा में

    विषय: प्रार्थी पर लगाए गए झूठे आरोपो के सम्बंध में पाई गई गड़बड़ी के सम्बंध में प्रस्तुत तथ्य।
    श्रीमान महोदय
    प्रार्थी पर लगाए गए झूठे आरोपो के सम्बंध में सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के अंतर्गत व निम्न जांच में गड़बड़ी पाई गई जो प्रार्थी के विरुद्ध झूठे आरोपो और लोक सेवको की मिलीभगत और इरादतन की लापरवाही का प्रमाण हैं। अतः समन्धित साक्ष्य निम्न बिन्दु वार प्रस्तुत है:-
    1. यह कि मामला कोतवाली देवबंद, ग्राम दूधली का है प्रार्थी अमित सैनी ने CM Halpline 1076 पर दिनांक 08/06/2019 को शिकायत संख्या 91913200010351 आंगनबाड़ी कार्यकत्री अलका के द्वारा पोषाहार वितरण में भ्रष्टाचार करने की शिकायत दर्ज कराई जिसका फर्जी निस्तारण स्वयं आंगनबाड़ी कार्यकत्री अलका के द्वारा वर्तमान प्रधान कुलदीप व सरकारी अध्यापकों व अन्य लोगों के हस्ताक्षर व सरकारी मोहर का गलत इस्तेमाल करके फर्जी निस्तारण कर दिया गया ।

    2. यह कि उपरोक्त फर्जी निस्तारण के सम्बन्ध में मुझ प्रार्थी अमित सैनी ने दिनांक 14/07/2019 को जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत संख्या 40013219014617 दर्ज कराई जिसकी जांच करने दिनांक 25/07/2019 को समय 11:00 बजे प्रात: प्राथमिक विद्यालय आंगनबाड़ी केंद्र पर बाल विकास परियोजना अधिकारी नाहिद परवीन आई आते ही उन्होंने वहां पहले ममता दिवस मनाया समय करीब 11:40 AM पर अमित सैनी के ब्यान लेने चाहें वहां पर पहले से मौजूद ग्राम प्रधान कुलदीप ने शिकायत कर्ता अमित सैनी पर जानलेवा हमला कर दिया ।

    3. यह कि उपरोक्त हमले की सूचना प्रार्थी ने अपने ट्विटर अकाउंट @saini_amity से दिनांक 25/07/2019 समय 12:04 दोपहर @uppolice @Myogiadityanath पर सहायता के लिए किया गया जिसके संबंध में उत्तर प्रदेश पुलिस ने समय 12:27 pm पर अपने टि्वटर हैंडल से घटना का संज्ञान लिया सहारनपुर पुलिस के आईटी सेल अधिकारियों ने यूपी पुलिस को समय 3:29 pm पर गलत सूचना प्रदान करते हुए प्रार्थी के साथ हुई झगड़े की घटना को जनकपुरी थाना सहारनपुर का हवाला दिया और प्रार्थी की कोई मदद नही की गई जबकि यह घटना थाना देवबंद से संबंधित थी। Twitter link:-https://twitter.com/Uppolice/status/1154284460868874240?s=19

    4. यह कि उपरोक्त दिनांक करीब समय 12:15 दोपहर को UP100 की गाड़ी PRV0981 Event नंबर P25071904505 आई व एकतरफा कार्रवाई करते हुए उल्टा मुझ शिकायतकर्ता अमित सैनी को थाना देवबंद ले जाकर बन्द कर दिया गया व सम्बन्धित दरोगा ने मुझ प्रार्थी का मोबाइल Mi A1 IMEI 867874032871303 छीनकर फॉर्मेट कर सत्य साक्ष्यो को नष्ट करने का गैरकानूनी अपराध किया दिनांक 25/07/2019 पूरेेेे घटनाक्रम का वीडियो मेरे मोबाइल में था जिसका कुछ हिस्सा मैंने ट्विटर पर ट्वीट किया था

    5. यह कि सम्बंधित दरोगा ने घोटालेबाजो का साथ देते हुए द०प्र०सं० की धारा 151/107/116 में मुझ प्रार्थी अमित सैनी पर एकतरफा कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट में दर्शाया गया अशोक कुमार चौकी इंचार्ज राजूपुर प्राथमिक विद्यालय आंगनबाड़ी केंद्र ग्राम दूधली पर घटना के समय मौजूद थे उन्होंने अमित सैनी को समय 11:15 प्रात: पकड़ने का दावा किया जबकि प्रार्थी ने उपरोक्त दिनांक 25 /07/ 2019 में दोपहर 12:04 दोपहर पर आंगनबाड़ी के केंद्र ग्राम दूधली में हुई घटना का संक्षेप विडियो अपने tweeter account से उ०प्र०पुलिस के Tweeter हैंडल @UPpolice पर शिकायतार्थ भेजा था। Twitter link:-https://twitter.com/saini_amity/status/1154278846268502016?s=19

    6. यह कि प्रार्थी के चालान पर दिनांक 25/07/19 को हस्ताक्षर कराकर चालानी रिपोर्ट को 25/07/2019 S.d.m महोदय देवबंद के यहां जमा करा दिया गया था पूरी रात थाना देवबंद में रखा गया दिनांक 26/07/2019 को थाना देवबंद ने अमित का मेडिकल समय 09:40 प्रात: पर कराया था। मेडिकल रिपोर्ट को भी चलानी रिपोर्ट से हटा दिया गया ।

    7. यह कि दिनांक 26/07/2019 को S.D.M महोदय देवबंद के यहां से अमित जमानत कराई कि इसी घटना के सम्बंध में झूठी FIR दिनांक 26/07/2019 आंगनबाड़ी कार्यकत्री ने मुझ प्रार्थी के विरुद्ध उसी थाने में दर्ज कराई जिस थाने में इसी झूठी घटना का प्रार्थी SDM कार्यालय से जमानत लेने गया था इस FIR में उपरोक्त झूठी घटना का समय दिनांक 25 /07/ 2019 की सुबह 10:30 बजे का दिखाया गया जो आंगनबाड़ी कार्यकत्री के सफेद झूठ और आपराधिक षड्यन्त्रकारी होने का प्रत्यक्ष प्रमाण है। यह झूठी FIR क्रम संख्या 0598/19 पर थाना देवबन्द में दर्ज की गई। इस घटना की सच्चाई उपरोक्त दरोगा अशोक कुमार चौहान को मालूम थी तथापि उन्होंने कोई निष्पक्ष कार्यवाही नही की और षडयंत्रकारियो का साथ दिया।

    8. यह कि प्रार्थी की शिकायत पर उपरोक्त झूठे आरोपो में तहसीलदार देवबंद द्वारा पूरे मामले की जांच लेखपाल देवबंद द्वारा कराई गई जिसमें प्रार्थी के ऊपर लगे दोनों केस झूठे पाए गए व क्षेे्राधिकारी देवबंद की रिपोर्ट में अशोक कुमार चौकी इंचार्ज राजूपुर दोषी पाए गए जो उनके अपने पद का दुरुपयोग किए जाने का व भ्रष्ट आंगनबाड़ी कार्यकत्री का साजिशन साथ देने का प्रमाण था।

    9. यह एक अन्य जांच में आंगनबाड़ी कार्यकत्री भष्टाचार में लिप्त पाई गई उनका मानदेय भी रोक दिया गया विभागीय कार्रवाई वर्तमान में चल रही है

    10. यह कि उपरोक्त घटना के संबंध में दिनांक 25/07/2019 को बाल विकास परियोजना अधिकारी देवबंद ने कोतवाली देवबंद में थाना अध्यक्ष महोदय को पत्र देना चाहा थाने पर उनका पत्र लेने से इनकार कर दिया गया जबकि वह घटना की परम साक्षी हैं।

    उपरोक्त साक्ष्यों के आधार पर यह निष्कर्ष निकलता है कि संलग्न के अनुसार चौकी इंचार्ज की रोजनामचा रिपोर्ट के आधार पर प्रार्थी अपराध करने पर उतारू था अपराध का अंदेशा होने के कारण वह प्रार्थी को थाने ले गए जहां प्रार्थी का चालान 151/107/116 में कर दिया पूरी रात थाने में रखा गया जिससे यह निष्कर्ष निकलता है कि प्रार्थी द्वारा कोई अपराध किया ही नहीं गया रोज़नामचा चलानी रिपोर्ट के अनुसार मेडिकल संलग्न नहीं किया गया जबकि थाने द्वारा प्रार्थी का मेडिकल 26-07-2019 को कराया गया मेडिकल रिपोर्ट साक्ष्य हेतु प्रस्तुत है
    फिर 26-07-2019 को प्रार्थी पर आंगनबाड़ी कार्यकत्री ने एक फर्जी मुकदमा दर्ज कराया जिसमें आंगनबाडी कार्यकत्री ने समय 10:30 बजे दर्शाया है जबकि जांच अधिकारी नाहिद परवीन के अनुसार वह 11:00 बजे आई थी आते ही वहां पर उन्होंने ममता दिवस उत्सव मनाया जांच अधिकारी के अनुसार झगड़ा अमित सैनी व प्रधान कुलदीप के बीच हुआ जिसके आधार पर यह निष्कर्ष निकलता है चौकी इंचार्ज अशोक कुमार ने कैसे षड्यंत्रकारियो के साथ मिलकर मिलीभगत करके प्रार्थी को झूठे मुकदमे मैं फसाया
    जबकि जांच अधिकारी (बाल विकास विभाग) देवबंद 25/07/2019 को थाना अध्यक्ष कोतवाली देवबंद को घटना के संबंध में प्रार्थना पत्र देना चाहा उन्होंने अपने पत्र में सारा घटनाक्रम दर्शाया जिसे थाने में यह कहकर लौटा दिया गया कि मुकदमा दर्ज कर दिया है जिसमें मुख्य गवाह आंगनबाड़ी कार्यकत्री ओमलता साहिकाऐ ममता, रीता ने गवाही दी जबकि इस पत्र में कहीं भी आंगनबाड़ी कार्यकत्री के साथ कोई भी वाद-विवाद नहीं दर्शाया गया
    अतः इस आधार पर आंगनबाड़ी व प्रार्थी के बीच कोई भी घटना घटित नहीं हुई है
    जबकि प्रार्थी ने अपने ऊपर जानलेवा हमले के दौरान समय 12:04 मिनट पर यूपी पुलिस व मुख्यमंत्री जी के ट्विटर हैंडल पर ट्वीट किया इसका संज्ञान यूपी पुलिस ने समय 12:27 PM पर लिया जिसका सहारनपुर पुलिस आईटी सेल ने संज्ञान लेते हुए समय 03:29 Pm पर जनकपुरी थाने का हवाला देते हुए फर्जी निस्तारण कर दिया
    सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत यूपी 112 के अनुसार दी गई सूचना में 25/07/2019 को समय 11:53 पर यूपी 112 की गाड़ी पीआरवी 0 981 इवेंट नंबर P25071904505 नंबर आंगनबाडी कार्यकत्री अलका ने साजिश के तहत समय 11:51 पर कंट्रोल रूम लखनऊ पर झूठी सूचना दी जिसके तुरंत बाद ही गाड़ी आई तथा प्रार्थी को दंबग प्रधान व प्रधान के गुर्गों से छुटाकर थाने ले गई जबकि रोजनामचा रिपोर्ट संलग्न के आधार पर चौकी इंचार्ज अशोक कुमार के अनुसार काo मनीष कुमार 128 मय एचजी 2146 अब्दुल खालिक के द्वारा समय 11:15 पर गिरफ्तार कर थाने ले जाना बताया गया।

    अतः उपरोक्त के आधार पर यह निष्कर्ष निकलता है कि चौकी इंचार्ज अशोक कुमार चौहान ने षड्यंत्रकारियो के साथ मिलकर प्रार्थी पर झूठे मुकदमे में फंसाया।

    Reply
  • Amit Saini says:

    यूपी में जंगल राज ही चल रहा है यहां पर आम नागरिक का रहना सुरक्षित नहीं रहा।

    सेवा में

    विषय: प्रार्थी पर लगाए गए झूठे आरोपो के सम्बंध में पाई गई गड़बड़ी के सम्बंध में प्रस्तुत तथ्य।

    श्रीमान महोदय
    प्रार्थी पर लगाए गए झूठे आरोपो के सम्बंध में सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के अंतर्गत व निम्न जांच में गड़बड़ी पाई गई जो प्रार्थी के विरुद्ध झूठे आरोपो और लोक सेवको की मिलीभगत और इरादतन की लापरवाही का प्रमाण हैं। अतः समन्धित साक्ष्य निम्न बिन्दु वार प्रस्तुत है:-

    1. यह कि मामला कोतवाली देवबंद, ग्राम दूधली का है प्रार्थी अमित सैनी ने CM Halpline 1076 पर दिनांक 08/06/2019 को शिकायत संख्या 91913200010351 आंगनबाड़ी कार्यकत्री अलका के द्वारा पोषाहार वितरण में भ्रष्टाचार करने की शिकायत दर्ज कराई जिसका फर्जी निस्तारण स्वयं आंगनबाड़ी कार्यकत्री अलका के द्वारा वर्तमान प्रधान कुलदीप व सरकारी अध्यापकों व अन्य लोगों के हस्ताक्षर व सरकारी मोहर का गलत इस्तेमाल करके फर्जी निस्तारण कर दिया गया ।

    2. यह कि उपरोक्त फर्जी निस्तारण के सम्बन्ध में मुझ प्रार्थी अमित सैनी ने दिनांक 14/07/2019 को जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत संख्या 40013219014617 दर्ज कराई जिसकी जांच करने दिनांक 25/07/2019 को समय 11:00 बजे प्रात: प्राथमिक विद्यालय आंगनबाड़ी केंद्र पर बाल विकास परियोजना अधिकारी नाहिद परवीन आई आते ही उन्होंने वहां पहले ममता दिवस मनाया समय करीब 11:40 AM पर अमित सैनी के ब्यान लेने चाहें वहां पर पहले से मौजूद ग्राम प्रधान कुलदीप ने शिकायत कर्ता अमित सैनी पर जानलेवा हमला कर दिया ।

    3. यह कि उपरोक्त हमले की सूचना प्रार्थी ने अपने ट्विटर अकाउंट @saini_amity से दिनांक 25/07/2019 समय 12:04 दोपहर @uppolice @Myogiadityanath पर सहायता के लिए किया गया जिसके संबंध में उत्तर प्रदेश पुलिस ने समय 12:27 pm पर अपने टि्वटर हैंडल से घटना का संज्ञान लिया सहारनपुर पुलिस के आईटी सेल अधिकारियों ने यूपी पुलिस को समय 3:29 pm पर गलत सूचना प्रदान करते हुए प्रार्थी के साथ हुई झगड़े की घटना को जनकपुरी थाना सहारनपुर का हवाला दिया और प्रार्थी की कोई मदद नही की गई जबकि यह घटना थाना देवबंद से संबंधित थी। Twitter link:-https://twitter.com/Uppolice/status/1154284460868874240?s=19

    4. यह कि उपरोक्त दिनांक करीब समय 12:15 दोपहर को UP100 की गाड़ी PRV0981 Event नंबर P25071904505 आई व एकतरफा कार्रवाई करते हुए उल्टा मुझ शिकायतकर्ता अमित सैनी को थाना देवबंद ले जाकर बन्द कर दिया गया व सम्बन्धित दरोगा ने मुझ प्रार्थी का मोबाइल Mi A1 IMEI 867874032871303 छीनकर फॉर्मेट कर सत्य साक्ष्यो को नष्ट करने का गैरकानूनी अपराध किया दिनांक 25/07/2019 पूरेेेे घटनाक्रम का वीडियो मेरे मोबाइल में था जिसका कुछ हिस्सा मैंने ट्विटर पर ट्वीट किया था

    5. यह कि सम्बंधित दरोगा ने घोटालेबाजो का साथ देते हुए द०प्र०सं० की धारा 151/107/116 में मुझ प्रार्थी अमित सैनी पर एकतरफा कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट में दर्शाया गया अशोक कुमार चौकी इंचार्ज राजूपुर प्राथमिक विद्यालय आंगनबाड़ी केंद्र ग्राम दूधली पर घटना के समय मौजूद थे उन्होंने अमित सैनी को समय 11:15 प्रात: पकड़ने का दावा किया जबकि प्रार्थी ने उपरोक्त दिनांक 25 /07/ 2019 में दोपहर 12:04 दोपहर पर आंगनबाड़ी के केंद्र ग्राम दूधली में हुई घटना का संक्षेप विडियो अपने tweeter account से उ०प्र०पुलिस के Tweeter हैंडल @UPpolice पर शिकायतार्थ भेजा था। Twitter link:-https://twitter.com/saini_amity/status/1154278846268502016?s=19

    6. यह कि प्रार्थी के चालान पर दिनांक 25/07/19 को हस्ताक्षर कराकर चालानी रिपोर्ट को 25/07/2019 S.d.m महोदय देवबंद के यहां जमा करा दिया गया था पूरी रात थाना देवबंद में रखा गया दिनांक 26/07/2019 को थाना देवबंद ने अमित का मेडिकल समय 09:40 प्रात: पर कराया था। मेडिकल रिपोर्ट को भी चलानी रिपोर्ट से हटा दिया गया ।

    7. यह कि दिनांक 26/07/2019 को S.D.M महोदय देवबंद के यहां से अमित जमानत कराई कि इसी घटना के सम्बंध में झूठी FIR दिनांक 26/07/2019 आंगनबाड़ी कार्यकत्री ने मुझ प्रार्थी के विरुद्ध उसी थाने में दर्ज कराई जिस थाने में इसी झूठी घटना का प्रार्थी SDM कार्यालय से जमानत लेने गया था इस FIR में उपरोक्त झूठी घटना का समय दिनांक 25 /07/ 2019 की सुबह 10:30 बजे का दिखाया गया जो आंगनबाड़ी कार्यकत्री के सफेद झूठ और आपराधिक षड्यन्त्रकारी होने का प्रत्यक्ष प्रमाण है। यह झूठी FIR क्रम संख्या 0598/19 पर थाना देवबन्द में दर्ज की गई। इस घटना की सच्चाई उपरोक्त दरोगा अशोक कुमार चौहान को मालूम थी तथापि उन्होंने कोई निष्पक्ष कार्यवाही नही की और षडयंत्रकारियो का साथ दिया।

    8. यह कि प्रार्थी की शिकायत पर उपरोक्त झूठे आरोपो में तहसीलदार देवबंद द्वारा पूरे मामले की जांच लेखपाल देवबंद द्वारा कराई गई जिसमें प्रार्थी के ऊपर लगे दोनों केस झूठे पाए गए व क्षेे्राधिकारी देवबंद की रिपोर्ट में अशोक कुमार चौकी इंचार्ज राजूपुर दोषी पाए गए जो उनके अपने पद का दुरुपयोग किए जाने का व भ्रष्ट आंगनबाड़ी कार्यकत्री का साजिशन साथ देने का प्रमाण था।

    9. यह एक अन्य जांच में आंगनबाड़ी कार्यकत्री भष्टाचार में लिप्त पाई गई उनका मानदेय भी रोक दिया गया विभागीय कार्रवाई वर्तमान में चल रही है

    10. यह कि उपरोक्त घटना के संबंध में दिनांक 25/07/2019 को बाल विकास परियोजना अधिकारी देवबंद ने कोतवाली देवबंद में थाना अध्यक्ष महोदय को पत्र देना चाहा थाने पर उनका पत्र लेने से इनकार कर दिया गया जबकि वह घटना की परम साक्षी हैं।

    उपरोक्त साक्ष्यों के आधार पर यह निष्कर्ष निकलता है कि संलग्न के अनुसार चौकी इंचार्ज की रोजनामचा रिपोर्ट के आधार पर प्रार्थी अपराध करने पर उतारू था अपराध का अंदेशा होने के कारण वह प्रार्थी को थाने ले गए जहां प्रार्थी का चालान 151/107/116 में कर दिया पूरी रात थाने में रखा गया जिससे यह निष्कर्ष निकलता है कि प्रार्थी द्वारा कोई अपराध किया ही नहीं गया रोज़नामचा चलानी रिपोर्ट के अनुसार मेडिकल संलग्न नहीं किया गया जबकि थाने द्वारा प्रार्थी का मेडिकल 26-07-2019 को कराया गया मेडिकल रिपोर्ट साक्ष्य हेतु प्रस्तुत है
    फिर 26-07-2019 को प्रार्थी पर आंगनबाड़ी कार्यकत्री ने एक फर्जी मुकदमा दर्ज कराया जिसमें आंगनबाडी कार्यकत्री ने समय 10:30 बजे दर्शाया है जबकि जांच अधिकारी नाहिद परवीन के अनुसार वह 11:00 बजे आई थी आते ही वहां पर उन्होंने ममता दिवस उत्सव मनाया जांच अधिकारी के अनुसार झगड़ा अमित सैनी व प्रधान कुलदीप के बीच हुआ जिसके आधार पर यह निष्कर्ष निकलता है चौकी इंचार्ज अशोक कुमार ने कैसे षड्यंत्रकारियो के साथ मिलकर मिलीभगत करके प्रार्थी को झूठे मुकदमे मैं फसाया
    जबकि जांच अधिकारी (बाल विकास विभाग) देवबंद 25/07/2019 को थाना अध्यक्ष कोतवाली देवबंद को घटना के संबंध में प्रार्थना पत्र देना चाहा उन्होंने अपने पत्र में सारा घटनाक्रम दर्शाया जिसे थाने में यह कहकर लौटा दिया गया कि मुकदमा दर्ज कर दिया है जिसमें मुख्य गवाह आंगनबाड़ी कार्यकत्री ओमलता साहिकाऐ ममता, रीता ने गवाही दी जबकि इस पत्र में कहीं भी आंगनबाड़ी कार्यकत्री के साथ कोई भी वाद-विवाद नहीं दर्शाया गया
    अतः इस आधार पर आंगनबाड़ी व प्रार्थी के बीच कोई भी घटना घटित नहीं हुई है
    जबकि प्रार्थी ने अपने ऊपर जानलेवा हमले के दौरान समय 12:04 मिनट पर यूपी पुलिस व मुख्यमंत्री जी के ट्विटर हैंडल पर ट्वीट किया इसका संज्ञान यूपी पुलिस ने समय 12:27 PM पर लिया जिसका सहारनपुर पुलिस आईटी सेल ने संज्ञान लेते हुए समय 03:29 Pm पर जनकपुरी थाने का हवाला देते हुए फर्जी निस्तारण कर दिया
    सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत यूपी 112 के अनुसार दी गई सूचना में 25/07/2019 को समय 11:53 पर यूपी 112 की गाड़ी पीआरवी 0 981 इवेंट नंबर P25071904505 नंबर आंगनबाडी कार्यकत्री अलका ने साजिश के तहत समय 11:51 पर कंट्रोल रूम लखनऊ पर झूठी सूचना दी जिसके तुरंत बाद ही गाड़ी आई तथा प्रार्थी को दंबग प्रधान व प्रधान के गुर्गों से छुटाकर थाने ले गई जबकि रोजनामचा रिपोर्ट संलग्न के आधार पर चौकी इंचार्ज अशोक कुमार के अनुसार काo मनीष कुमार 128 मय एचजी 2146 अब्दुल खालिक के द्वारा समय 11:15 पर गिरफ्तार कर थाने ले जाना बताया गया।

    अतः उपरोक्त के आधार पर यह निष्कर्ष निकलता है कि चौकी इंचार्ज अशोक कुमार चौहान ने षड्यंत्रकारियो के साथ मिलकर प्रार्थी पर झूठे मुकदमे में फंसाया।

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