मोदी भक्त दैनिक जागरण को इस पेड न्यूज के लिए भाजपाइयों ने कितने दिए?

शर्मनाक हिंदी मीडिया… तभी लोग हिंदी मीडिया पर नहीं करते गर्व : देश के बड़े चिंतक जब हिंदी मीडिया पर कटाक्ष करते हैं तब इससे जुड़े लोगों को दर्द होता है मगर इसके लिए कोई और नहीं खुद हिंदी मीडिया ही जिम्मेदार है। न अपना कोई स्टैंड क्लियर कर पाता है और न ही खुद को निष्पक्ष साबित कर पाता है। घटना बुधवार की है। एआईसीसी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने गुजरात की एक सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर व्यक्तिगत भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और उसके समर्थन में सबूत भी प्रस्तुत किये।

भाजपा नेता एवं केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने मोर्चा संभाला और पीएम मोदी को गंगा की तरह पवित्र बता दिया। हालांकि उन सबूतों पर ढाई साल में जांच क्यों नहीं की, इसका जवाब नहीं दे सके। मीडिया को उन्होंने नसीहत दी कि वो राहुल गांधी और कांग्रेस की खबरों को तवज्जो न दें। गुरुवार को स्वयंभू विश्व के सबसे बड़े अखबार दैनिक जागरण ने पेड न्यूज की तरह पेज-1 पर फ्लायर खबर छापी ”भूचाल तो दूर, सुगबुगाहट भी नहीं ला पाये राहुल गांधी”। हिंदुस्तान अखबार ने डबल कालम इस तरह से खबर छापी कि खबर कहां लगी है, खोजना पड़े। अमर उजाला ने उचित जगह तो नहीं दी मगर बैलेंस खबर छाप दी, सामान्य खबर की तरह। दैनिक भाष्कर ने भी खबर तीन कालम ही छापी मगर स्थान अच्छा रहा।

अंग्रेजी अखबारों ने इस खबर को लीड बनाया द इंडियन एक्सप्रेस ने छह कालम लीड बनाया तो टाइम्स आफ इंडिया ने भी राहुल के आरोप को लीड की तरह लिया। हालांकि हिंदुस्तान टाइम्स ने यहां मध्यम मार्ग अपनाया। इससे रीडर्स की उस सोच पर मुहर लग गई कि हिंदी अखबार सरकार के दरबारी होते हैं और अंग्रेजी बात और मुद्दे को प्रमुखता से रखते हैं। अपनी वफादारी साबित करने के लिए दैनिक जागरण का भाजपा सरकार के प्रवक्ता बन जाना पत्रकारिता को शर्मसार करने वाला है। वही कहावत चरितार्थ होती है, बड़े हुए तो क्या हुआ जैसे पेड़ खजूर, पंक्षी को छाया नहीं फल लागत अति दूर..। जब हिंदी अखबार इस तरह सरकार के आगे रीढ़ विहीन होकर रहेंगे तो उनसे क्या उम्मीद की जा सकती है। ये अखबार न अपने कर्मचारियों का हित कर सकते हैं और न समाज का। सिर्फ बनिया की दुकानें सजा रखी हैं जिसमें मिलावटी माल बेचा जा रहा है।



भड़ास व्हाट्सअप ग्रुप- BWG-10

भड़ास का ऐसे करें भला- Donate






भड़ास वाट्सएप नंबर- 7678515849

Comments on “मोदी भक्त दैनिक जागरण को इस पेड न्यूज के लिए भाजपाइयों ने कितने दिए?

  • सहमत हूं अब देश के लोगों को हिन्दी मीडिया पर विश्वास नहीं रहा। विदेशों में तो भारत मीडिया को कारपोरेट घटाराना कहा जाता है आजजल मीडिया सरकार का प्रवक्ता बन गया है जी न्यूज तो सरकारी दलाल हो गया है

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published.

*

code