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SBI और LIC के डूबने की अफ़वाह थी, डूबा अमेरिका वाला सिलिकन वैली बैंक!

अभिषेक पाराशर-

अडाणी ग्रुप ने शेयरों को गिरवी रखकर लिए गए 2.65 अरब डॉलर के लोन को पूरी तरह से चुकता कर दिया है, जिसकी डेडलाइन 31 मार्च 2023 थी. जाहिर तौर पर अडाणी ने यह काम बाजार और निवेशकों को भरोसे में रखने के लिए किया है, जिसे हिलाने की कोशिश हिंडेनबर्ग की पूर्वाग्रह और पक्षपाती रिपोर्ट ने की थी और जिसे लेकर देश के वाहियात बुद्धिजीवियों का एक तबका भी कई सवालों को उठा रहा था. उन्होंने यह समझने तक की कोशिश नहीं कि इस समूह के कई शेयर मजबूत असेट समर्थित हैं और कंपनी न केवल अपने कर्ज का भुगतान करने की स्थिति में है, बल्कि उसका कैश फ्लो भी जबरदस्त है.

वहीं घर में एक बड़ा बैंक डूब गया और दुनिया भर की वित्तीय संस्थाओं को रेटिंग बांटते फिरने वाली एजेंसियों को इसकी भनक तक नहीं लगी. सिलिकॉन वैली बैंक को स्टार्टअप का बैंक कहा जाता था और उसके डूबने का असर पूरे स्टार्टअप ईकोसिस्टम पर होगा. कई स्टार्टअप्स के लिए स्थिति जीने मरने जैसी है. भारतीय स्टार्टअप सिस्टम पर इस बैंक के डूबने का असर सीमित होगा. ट्रैकएक्सएन के डेटा के मुताबिक 2011 के बाद एसवीबी ने भारतीय स्टार्टअप्स में कोई भारी निवेश नहीं किया है. टाइमलाइन पर नजर डालें तो देखेंगे कि महज 48 घंटों के भीतर यह बैंक तबाह हो गया.

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने बैंक को बेलआउट देने से इनकार कर दिया है और अमेरिकी लोगों को वह यह समझाने में लगा है कि अमेरिकी बैंकिंग सिस्टम पर इसका कोई डॉमिनो इफेक्ट नहीं होगा.



गिरीश मालवीय-

स्टार्टअप का गुब्बारा फूटने को है. उनकी हालत अब बहुत खराब होने वाली है क्योंकि स्टार्टअप को कर्ज देने के लिए प्रसिद्ध अमेरिका का एक बड़ा बैंक सिलिकॉन वैली बैंक डूब गया है, स्टार्टअप बिज़नेस की प्रकृति ही ऐसी ही है. 99 प्रतिशत स्टार्टअप घाटे ही शो करते हैं. इनमे पैसा लगातार पंप करना होता है और अब तक सिलिकॉन वैली जैसे बैंक ये भूमिका निभा रहे थे.

कल अमेरिकी रेगुलेटर ने सिलीकॉन वैली बैंक को बंद करने का आदेश दिया है. सीएनबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक कैलिफोर्निया के डिपॉर्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल प्रोटेक्शन और इनोवेशन की ओर से इस बैंक को बंद करने का आदेश दिया गया है. Silicon Valley Bank अमेरिका का 16वां सबसे बड़ा बैंक था. इसके कुल 209 बिलियन डॉलर के असेट और 175.4 बिलियन डॉलर डिपॉजिट में थे.

भारतीय स्टार्टअप के लिए ये बैंक बड़ा सपोर्ट था. टेक इनोवेशन इंडस्ट्री में इसका बड़ा हिस्सा था.भारत में करीब 21 स्टार्टअप में इस बैक ने निवेश कर रखा है। बैंक की खस्ताहाल का असर अब इन स्टार्टअप्स पर पड़ना तय है।

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