डूबने की शुरुआत : हजार रुपये से ज्यादा नहीं निकाल पाएंगे इस बैंक के ग्राहक!

Girish Malviya : तो क्या माना जाए कि आज से शुरुआत हो गयी है? रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने तत्काल प्रभाव से पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक पर कई तरह की पाबंदियां लगा दी हैं. आज से पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक के जमाकर्ता अपने सेविंग, करंट या अन्य किसी खाते में से 6 महीने तक 1,000 रुपये से ज्यादा रुपये नहीं निकाल सकते हैं. और भी कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए हैं

मित्र सौमित्र राय लिखते हैं बैंक के 10 लाख ग्राहक हैं। एक कारोबारी ने 10 लाख का चेक डाला था। जैसे ही चेक क्रेडिट हुआ, बैंक बंद हो गया। कारोबारी बेहोश हो गया। उसे पेमेंट करना था। मुम्बई में सैकड़ों लोग बैंक के बाहर खड़े होकर रो रहे हैं। बैंक के 10 लाख ग्राहक हैं। बैंक का लाइसेंस कैंसिल नहीं हुआ है। मार्च 2019 में उसकी बैलेंस शीट में 11,617 करोड़ डिपाजिट और 8383 करोड़ एडवांस है। बैंक के एमपी और दिल्ली समेत 6 राज्यों में ब्रांच हैं। अब तो रोने से भी कोई फायदा नहीं। कौन जाने कब आपके बैंक का नंबर आ जाये?

Samar Anarya : रिज़र्व बैंक ने पीएमसी बैंक से 1000 रुपये की ज़्यादा की निकासी पर प्रतिबंध लगाया। माने अब ग्राहक अपना खुद का पैसा भी नहीं निकाल पायेंगे। जी अपना खुद का! कुल डूबी रक़म? 11,617 करोड़ जमा में, 8,383 करोड़ एडवांस में। कांग्रेस सरकार में ऐसी कल्पना भी कर सकते थे? बैंक सरकारों के इक़बाल पर चलते हैं, उन्हें डूबने नहीं दिया जाता- क्योंकि उनके साथ सरकार का इक़बाल भी डूब जाता है- आख़िर नोट की क़ीमत काग़ज़ से नहीं- उसके ऊपर गवर्नर के हस्ताक्षर से होती है। कड़ी मेहनत का फ़ायदा उठाइये। जब तक खुद आप तक न पहुँच जाय।

Soumitra Roy : जैसा कि मैंने और Girish Malviya जी ने पहले भी चेताया था- वह घड़ी आखिर आ ही गई, जब RBI ने आज पंजाब-महाराष्ट्र कारपोरेशन बैंक पर पाबंदी लगाते हुए उसे 1000₹ से ज़्यादा के विड्रॉल देने से रोक दिया। RBI ने बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949 की धारा 35A के सब सेक्शन 1 के तहत यह कदम उठाया है। बैंक के 10 लाख ग्राहक हैं। एक कारोबारी ने 10 लाख का चेक डाला था। जैसे ही चेक क्रेडिट हुआ, बैंक बंद हो गया। कारोबारी बेहोश हो गया। उसे पेमेंट करना था। मुम्बई में सैकड़ों लोग बैंक के बाहर खड़े होकर रो रहे हैं। बैंक के 10 लाख ग्राहक हैं। बैंक का लाइसेंस कैंसिल नहीं हुआ है। मार्च 2019 में उसकी बैलेंस शीट में 11,617 करोड़ डिपाजिट और 8383 करोड़ एडवांस है। बैंक के एमपी और दिल्ली समेत 6 राज्यों में ब्रांच हैं। अब तो रोने से भी कोई फायदा नहीं। कौन जाने कब आपके बैंक का नंबर आ जाये?

विश्लेषक गिरीश मालवीय, अविनाश पांडेय समर और सौमित्र रॉय की एफबी वॉल से.



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