नकचढ़े अफ़सर और उसकी मनबढ़ औरत ने इतना दुखी किया कि डाक्टर निधि ने दे दिया इस्तीफ़ा

उमेश कुमार-

उत्तराखण्ड के पहाड़ विरोधी अफसरों पर खुला पत्र।

मैं यूँ ही नही कहता हूँ कि उत्तराखण्ड के कुछ अधिकारी पहाड़ विरोधी हैं। दून मेडिकल कॉलेज की डॉक्टर निधि के साथ स्वास्थ्य सचिव पंकज पांडेय ने जो किया वो कतई भी माफी लायक नहीं है।

जिन लोगो को इस गम्भीर घटना के बारे में पता नही उन्हें थोड़ा बता दूँ कि- दून मेडिकल कॉलेज में कार्यरत डॉक्टर निधि को ओपीडी के दौरान अफसरों की तरफ से फरमान आया कि सचिव साहब पंकज पांडेय जी की पत्नी की स्वास्थ्य जाँच करने उनके घर पर जाना है जिस पर डॉक्टर निधि ने असमर्थता जताते हुए कहा कि अभी ओपीडी में भीड़ है ,मरीजों की जाँच हो रही है पर फरमान था कि तत्काल जाना है। डॉक्टर निधि दो मेडिकल स्टाफ को लेकर असफर साहब की पत्नी की जाँच करने उनके घर पहुँची।

जांच की तो एक बीपी का इंस्ट्रूमेंट गाड़ी में छूट गया था जिस पर उन्होंने स्टाफ को इंस्ट्रूमेंट लाने के लिए भेजा जिस पर सचिव साहब की पत्नी गुस्सा होने लगी औऱ मोबाइल पर पतिदेव से डॉक्टर के लिए गलत शब्दो का इस्तेमाल करने लगी जिसपर डॉक्टर ने भी आपत्ति जताई और बहस हुई । जिंसके बाद वो वापस लौट आई। अब ये बात सचिव साहब को नागवार गुजरी औऱ अस्पताल प्रशासन ने डॉक्टर निधि से सचिव साहब की पत्नी से माफी मांगने के लिए कहा गया जिस पर डॉक्टर ने कहा कि वो माफी क्यों मांगे जब उसकी कोई गलती ही नही है औऱ वो क्लास पढ़ाने निकल गई।

बस फिर क्या था कुछ ही देर में खुन्नस में सचिव साहब ने डॉक्टर का तबादला अल्मोड़ा कर दिया। लेकिन स्वाभिमानी डॉक्टर निधि ने खुद ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

ये तो था घटनाक्रम।

मित्रों। मैं यूँ ही इन कुछ लोगो को पहाड़ विरोधी अधिकारी नहीं कहता हूँ। इन अधिकारियों ने उत्तराखण्ड को अपनी बपौती समझ लिया है। जिस डॉक्टर को भगवान का दर्जा है उसी के साथ बत्तमीजी करने वाले इन लोगों को मेरी खुली चेतावनी है अगर डॉक्टर निधि के मामले में न्याय नहीं हुआ तो सचिवालय में पंकज पांडेय के दफ्तर के ही बहार आंदोलन शुरू कर दुँगा पूरे प्रदेश में पाहाड़ विरोधी अफसरों के खिलाफ आंदोलन चलाया जाएगा।

अरे। माफी तो आपकी पत्नी को मांगनी चाहिए जो उन्होंने डॉक्टर के साथ अभद्रता की । मैं प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर धनसिंह रावत जी से भी कहूँगा कि ऐसे अफसरों पर सख्त कार्यवाही होनी चाहिए जो आपके विभाग की छवि धूमिल करने में कोई कोर कसर नही छोड़ रहे हैं।

स्वास्थ्य सचिव होकर डॉक्टरों से ऐसा व्यवहार क्या आपको शोभा देता है पंकज पांडेय जी? ऐसे नौकरशाहों की वजह से ही आज हमारे क़ई लोग प्रताड़ित हो रहे हैं जिसे बिल्कुल बर्दाश्त नही किया जाएगा।

मैं । डॉक्टर निधि के साथ तो खड़ा हूँ ही साथ ही ऐसे पहाड़ विरोधी अफसरों के खिलाफ भी मेरी जंग जारी रहेगी।

उमेश कुमार

(वरिष्ठ पत्रकार और विधायक)



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