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झूठी खबर प्रसारित कर ईटीवी ने करा दिया बंद, भारी नुकसान

ई टीवी बिहार/झारखंड न्यूज़ चैनल में ११ जून २०१५ को रात्रि में एक ब्रेकिंग न्यूज़ पहले चली कि झारखंड के पलामू जिले के बकोरिया थाना इलाके में पुलिस नक्सली मुठभेड़ में मारे गए। नक्सलियों के पक्ष में भाकपा माओवादियों ने १२ , १३ एवं १४ जून को पांच राज्य बंद करने का आवाहन किया है। यह आवाहन नक्सली प्रवक्ता गोपाल जी के बयान पर बताया गया।  और यह भी दिखाया गया की पुलिस मुख्यालय इसकी पुष्टि नहीं करता है।  

नक्सली प्रवक्ता गोपाल जी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति की छाया प्रतियां

ई टीवी बिहार/झारखंड न्यूज़ चैनल में ११ जून २०१५ को रात्रि में एक ब्रेकिंग न्यूज़ पहले चली कि झारखंड के पलामू जिले के बकोरिया थाना इलाके में पुलिस नक्सली मुठभेड़ में मारे गए। नक्सलियों के पक्ष में भाकपा माओवादियों ने १२ , १३ एवं १४ जून को पांच राज्य बंद करने का आवाहन किया है। यह आवाहन नक्सली प्रवक्ता गोपाल जी के बयान पर बताया गया।  और यह भी दिखाया गया की पुलिस मुख्यालय इसकी पुष्टि नहीं करता है।  

नक्सली प्रवक्ता गोपाल जी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति की छाया प्रतियां

अब इसमें सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस नक्सली प्रवक्ता के सहारे तीन दिवसीय बंद की बात कही गई , वही नक्सली प्रवक्ता गोपाल जी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर एवं मीडिया संस्थानों को यह सूचना दी कि १२ , १३ एवं १४ को हमने बिहार , झारखण्ड सहित पांच राज्य बंद करने का फरमान जारी नहीं किया है। यह जो तीन दिवसीय बंदी है, उसका इससे उनका कोई लेना देना नहीं है। 

आगे कहा गया है कि माओवादियों का एक दिवसीय बंद २३ जून को २४ घंटा रहेगा। ऐसे में सवाल यह उठता है कि नक्सली प्रवक्ता का बयान १३ तारीख की शाम में आया जबकि बिहार के कई जिलो में पिछले दो दिन से लोग अपने व्यावसायिक प्रतिष्ठान नक्सलियों के डर से बंद किये हुए हैं। गाँवों एवं प्रखंड मुख्यालय में सड़कों पर चलने वाले छोटे एवं बड़े वाहन बंद हैं।  नक्सल प्रभावित इलाकों में नक्सलियों के डर से पिछले दो दिनों से नवीनगर का एनटीपीसी का कार्य, कई बैंको के छोटे बड़े शाखाएं एवं प्रखंड मुख्यालय के बीडीओ कार्यालय, अंचल कार्यालय बंद हैं।

ऐसे में बंद व्यावसायिक प्रतिष्ठान, वाहन, बैंक और कार्यालय को जोड़कर देखा जाए तो यह नुकसान अरबों में हो सकता है। वहीँ इस फर्जी बंदी को लेकर औरंगाबाद के एक पुलिस अधिकारी ने अपना नाम न छापने के शर्त पर इतना तक कह दिया कि ई टीवी बिहार में, पढ़े लिखे लोगों की होने के कारण आज दो दिनों से आम जनता परेशान है और नक्सलियों के खौफ से अपना छोटा बड़ा व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद किये हुए है, इससे ई टीवी बिहार का स्तर निचे गिरा है। और ई टीवी ही नहीं पूरी मीडिया की खिल्ली उड़ी है। न्यूज़ में यह भी देखने को मिला कि पुलिस मुख्यालय इसकी पुष्टि नहीं करता तो सोचने वाली बात यह है कि नक्सलियों के बंद का पुलिस मुख्यालय कैसे पुष्टि करेगा। इस फर्जी बंद के कारण, शादी, विवाह के इस लग्न में लोग जगह जगह परेशान दिखे। दो दिनों के इस फर्जी बंदी के कारण आम जनमानस को बहुत बड़ा नुकसान झेलने को मिला। 

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2 Comments

2 Comments

  1. Ak

    June 14, 2015 at 6:13 pm

    Nakshali ko kam se kam Ji tho mat Kato

  2. jai prakash

    June 18, 2015 at 12:30 pm

    etv ke log sirf jhoot bol kar apna ullu sidha karte hai , bihar ke gaya mei bhi wanhi haal hai bhai

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