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फर्स्ट इण्डिया न्यूज चैनल में इस्तीफे देने की होड़

जयपुर : पिछले दिनों फर्स्ट इण्डिया न्यूज टीवी चैनल से चार सम्भाग प्रमुखों के इस्तीफे देने के बाद इस चैनल में शुरू हुआ कर्मचारियों के इस्तीफे का दौर रुकने का नाम नहीं ले रहा है। इन्हीं हालात के चलते अब तक लगभग एक दर्जन लोगों ने अपने इस्तीफे चैनल प्रशासन का थमा दिए हैं और बाकी लोग भी इसी मूड में लग रहे हैं। इस तरह चैनल एक बारगा खाली-सा हो गया है। 

जयपुर : पिछले दिनों फर्स्ट इण्डिया न्यूज टीवी चैनल से चार सम्भाग प्रमुखों के इस्तीफे देने के बाद इस चैनल में शुरू हुआ कर्मचारियों के इस्तीफे का दौर रुकने का नाम नहीं ले रहा है। इन्हीं हालात के चलते अब तक लगभग एक दर्जन लोगों ने अपने इस्तीफे चैनल प्रशासन का थमा दिए हैं और बाकी लोग भी इसी मूड में लग रहे हैं। इस तरह चैनल एक बारगा खाली-सा हो गया है। 

जोधपुर ब्यूरो हैड डॉ. मोईनुल हक, उदयपुर ब्यूरो हैड मनु राव, नागौर ब्यूरो हैड डा. के.आर. गोदारा और बीकानेर के अरविन्द व्यास ने पिछले दिनों चैनल प्रशासन के एक शर्मनाक प्रस्ताव को ठुकराते हुए अपने इस्तीफे प्रशासन को दे दिए थे। इसी से प्रेरित होकर पिछले एक सप्ताह से चैनल के कर्मचारियों ने इस्तीफे देने की प्रतिस्पर्द्धा सी कर दी है। सूत्रों के अनुसार, चैनल से अब तक एक दर्जन लोग इस्तीफे दे चुके हैं और शेष लोग भी इस्तीफे देने वालों की कतार में हैं। 

यहां यह उल्लेखनीय है कि चैनल प्रशासन ब्यूरो हैड्स को जहां मात्र 6,000 रुपये तनख्वाह और शेष स्टोरी के हिसाब से पैसे देने की पेशकश कर रहा था, वहीं मुख्यालय जयपुर में कार्यरत स्टाफ को 25 प्रतिशत तनख्वाह कम देने का प्रस्ताव दे रहा था। इन्हीं हालात में चैनल के कर्मचारियों ने अपने दिल की बात सुनी और इस शर्मनाक प्रस्ताव को सिरे से नकार कर इस्तीफे देने शुरू कर दिये। वैसे भी चैनल में तनख्वाह के लिए निर्धारित तिथि 10 से 12 तारीख है लेकिन चैनल 25-30 तारीख तक बड़ी मुश्किल से तनख्वाह दे पाता है, वो भी टुकड़ों में। इसलिए चैनल में नारकीय जीवन जीने से बेहतर कर्मचारियों ने बाहर जाना समझा।

इस बीच चैनल प्रशासन बचाव की मुद्रा में आ गया है और ब्यूरो हैड्स को दिया प्रस्ताव वापस लेकर उन्हें पुराने फॉरमेट में ही काम करने का प्रस्ताव दिया है, जिसके तहत उन्हें प्रतिमाह 25-30 हजार रुपये तनख्वाह दी जा रही थी, लेकिन ब्यूरो हैड्स ने इस प्रस्ताव को भी यह कह कर मानने से इंकार कर दिया कि चैनल की कोई नीति नहीं है और वो कभी भी पलटी मार सकता है इसलिए उन्हें अब ये प्रस्ताव भी मंजूर नहीं।

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1 Comment

1 Comment

  1. kisi se na kehna

    April 29, 2015 at 3:01 am

    jaha tak mei janta hu ki jinhe kaam nahi aata to hi escape ki baat kar rahe hai..kai to 2 nokri karte hue channel ka naam badnaam kar ke black mailing kar rahe the..aise logo ko to nikaal dena chaahiye na ki peskas kare dubara kaam pe lautne ki

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