‘सहारा समय’ न्यूज चैनल छोड़कर प्रीति पहुंचीं ‘समाचार प्लस’

‘सहारा समय’ उत्तर प्रदेश /उत्तराखंड की न्यूज़ एंकर प्रीति बिष्ट ने चैनल को बॉय बॉय कह दिया  है। खबर है कि सहारा के अंदरूनी हालात से परेशान होकर प्रीति बिष्ट ने यहाँ से काम छोड़ा है। उन्होंने अब ‘समाचार प्लस’ ज्वॉइन कर लिया है। Share on:कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

अपना न्यूज चैनल शुरू करने पर गंभीरता से विचार कर रही कांग्रेस

दिल्ली : पूर्व केंद्रीय मंत्री एके एंटनी ने संकेत दिया है कि कांग्रेस पार्टी जनता तक सीधी पहुंच बनाने के लिए एक राष्ट्रीय टेलीविजन चैनल शुरू करने पर गंभीरता से विचार कर रही है।

न्यूज चैनलों के जमाने में सिर्फ बयानों पर ही पत्रकारिता और राजनीति

आज-कल एक नई किस्म की राजनीति देश में नजर आ रही है। हालांकि पहले भी होती थी, लेकिन अब मीडिया और खासकर न्यूज चैनलों के जमाने में सिर्फ बयानों और आरोपों पर ही पत्रकारिता के साथ-साथ ये राजनीति भी चल रही है। कांग्रेस के राज में भाजपा भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए संसद से सड़क तक हल्ला मचाती रही और तबकी नेता प्रतिपक्ष श्रीमती सुषमा स्वराज से लेकर अरुण जेटली प्रधानमंत्री के साथ-साथ आरोपों में घिरे मंत्रियों से इस्तीफा मांगते रहे और सदन की कार्रवाई चलने ही नहीं दी और तब ये भी कहा था कि सदन को चलाने की जिम्मेदारी सत्ता पक्ष की ही है। 

‘समाचार प्लस’ प्रबंधन भड़ास पर मुकदमे की तैयारी कर रहा, देखें कंप्लेन फारमेट जिस पर इंप्लाइज से जबरन साइन कराया जा रहा है

{jcomments off}नोएडा के सेक्टर 63 स्थित न्यूज चैनल ‘समाचार प्लस’ के वॉश रूम में पिछले दिनो संस्थान की ही एक लड़की का एमएमएस बनाने का समाचार भड़ास4मीडिया पर प्रकाशित हो जाने के बाद चैनल प्रबंधन अपनी व्यवस्था दुरुस्त करने की बजाय भड़ास4मीडिया के ही खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है। चैनल प्रबंधन इसके लिए पेशबंदी करते हुए अपने कर्माचरियों से एक रेडीमेट कंप्लेन फार्म पर हस्ताक्षर कराने का दबाव बना रहा है।

डेढ़ साल पहले लांच हुआ जिंदल का चैनल ‘फोकस हरियाणा’ बंद, मीडिया कर्मियों ने विरोध जताया

नोएडा : आखिरकार, हरियाणा का एक और चैनल तालाबंदी का शिकार हो गया है। उद्योगपति एवं कांग्रेसी नवीन जिंदल के ‘फोकस हरियाणा’ पर ताला लटक गया है। कल से यह चैनल ऑफ एयर हो गया है। इसके बाद चैनल के कर्मी स्टूडियो में विरोध पर बैठ गए। बिना पूर्व सूचना के नोटिस दिए बगैर काम काज बंद कर दिए जाने से कर्मियों में भारी रोष है।  

चैनल में तालाबंदी के खिलाफ स्टूडियो में जमा होकर विरोध जताते मीडिया कर्मी

न्यूज चैनल की हरकत से टॉपर छात्रा पहुंची अस्पताल, पिता ने की पुलिस से शिकायत

आखिर मीडिया राजस्थान बोर्ड की इस टॉपर छा़त्रा की मार्कशीट पर लाल घेरा फेर कर क्या साबित करना चाहता है?

न्यूज चैनलों का फर्जी प्रचार और दोगुना बढ़ी महंगाई की मार

टी वी चैनलों पर लाये गये फ़र्ज़ी प्रचार, एकदम झूठे लगने वाले सर्वेक्षणों और चीख़ते एंकरों से जो समवेत शोर पैदा हो रहा है, उससे लगता है कि लोग मंहगाई दो गुना हो जाने से ख़ुश हैं।

बज्र अनपढ़ हैं ये मीडिया के माइकवीर, मैंने सिर पीट लिया

कुछ साल पहले मैं एक फैक्‍ट फाइंडिंग में दीमापुर गया था। वहां से लौटा, तो अंग्रेज़ी की एक महिला पत्रकार ने मुझसे संबंधित खबर के बारे में फोन पर बात की। उसने पूछा- आप कहां गए थे? मैंने कहा- नगालैंड। उसका अगला सवाल था- इज़ इट अब्रॉड? मैंने सिर पीट लिया। 

फर्स्ट इण्डिया न्यूज चैनल में इस्तीफे देने की होड़

जयपुर : पिछले दिनों फर्स्ट इण्डिया न्यूज टीवी चैनल से चार सम्भाग प्रमुखों के इस्तीफे देने के बाद इस चैनल में शुरू हुआ कर्मचारियों के इस्तीफे का दौर रुकने का नाम नहीं ले रहा है। इन्हीं हालात के चलते अब तक लगभग एक दर्जन लोगों ने अपने इस्तीफे चैनल प्रशासन का थमा दिए हैं और बाकी लोग भी इसी मूड में लग रहे हैं। इस तरह चैनल एक बारगा खाली-सा हो गया है। 

अलवर में केबल ऑपरेटर धड़ल्ले से चला रहे फर्जी न्यूज़ चैनल

अलवर : राजस्थान के कई शहरों की तरह इस जिले में भी एटीएल न्यूज़, ए24 न्यूज़, एसटीवी, सीटीवी न्यूज़, माध्यम टीवी न्यूज़ ,सरीखे अवैध न्यूज टीवी चैनल पिछले कई सालों से बेरोकटोक चल रहे हैं। भारत सरकार द्वारा इन नामों से कोई लाइसेंस कभी जारी नहीं किया हुआ है, इसके बावजूद इन चैनलों के मालिकों और फर्जी पत्रकारों की पूरे अलवर में चांदी कट रही है। इसी की आड़ में ब्लैकमेलिंग और हफ्तावसूली का भी बोलबाला है। यहां के फर्जी पत्रकारों और केबल ऑपरेटर्स के पास सैन्य छावनी तक के कई महत्वपूर्ण वीडियो फुटेज होना देश की सुरक्षा के साथ खुला खिलवाड़ है। प्रशासन इस ओर से भी आंखें मूंदे हुए है। 

नंबर वन के पायदान पर न्यूज चैनल ‘आज तक’ की एक और सेंचुरी

हिंदी न्यूज चैनल ‘आजतक’ ने एक और सेंचुरी लगाई है. वह विगत 100 हफ्तों से लगातार नंबर वन रहा है. आजतक के मैनेजिंग एडिटर सुप्रिय प्रसाद कहते हैं – इस मुकाम पर पहुंचने का क्रेडिट टीम आजतक को है. ये टीम टीआरपी बढ़ने पर खुश होती है तो डाउन होने पर उसे फिर से बढ़ाने में जुट जाती है। इस मुकाम पर पहुंचने में हमारे कई इनोवेशंस का भी अच्छा सहयोग रहा है। हमारे कई इवेंट्स के चलते भी पब्लिक हमारे साथ लगातार जुड़ी रही है. एजेंडा आजतक, पंचायत आजतक जैसे इवेंट्स बहुत पसंद किए गए हैं.