लखनऊ के इस वरिष्ठ पत्रकार ने रिटायरमेंट के बाद शुरू की नई पारी

वरिष्ठ पत्रकार गोलेश स्वामी हिंदुस्तान अखबार में कई दशक सेवा देने के बाद पिछले दिनों रिटायर हो गए थे. एक छोटे से ब्रेक के बाद वे फिर से नई पारी शुरू कर चुके हैं. वे हिंदी अखबार दैनिक विश्ववार्ता के राज्य ब्यूरो प्रमुख बने हैं. इस बाबत गोलेश स्वामी ने विस्तार से फेसबुक पर लिखकर अपने शुभचिंतकों को जानकारी दी है. आप भी पढ़िए-

Golesh Swami : दोस्तों अमर उजाला, दैनिक जागरण, आज और हिन्दुस्तान जैसे बड़े अखबारों में लंबी पारी खेलने के बाद अब मैं ने नई पारी शुरू की है। यह नई पारी हिन्दी दैनिक विश्ववार्ता, लखनऊ के साथ राज्य ब्यूरो प्रमुख के रूप में की है। खास बात यह है कि विश्ववार्ता का कार्यालय पुराने अमर उजाला आफिस, 33 कैंट रोड (निकट ओडियन सिनेमा) पर स्थापित है।

आप जानते होंगे मैंने अमर उजाला में 15 साल की लंबी पारी खेली जिसमें से करीब एक दशक अमर उजाला के इसी आफिस में गुजारा। इसलिए इस स्थान से आत्मीय लगाव होना स्वाभाविक है। यह बात दीगर है कि साथी बदले हुए हैं।

इसी आफिस में अमर उजाला के तत्कालीन प्रधान संपादक अशोक अग्रवाल जी, संपादक व निदेशक अजय अग्रवाल जी, अतुल महेश्वरी जी और राजुल जी से घंटों चर्चा होती थी। बड़ा आत्मीय माहौल था। उस समय के साथी बड़े अच्छे थे। खासकर ब्यूरो के साथियों में वीरेन्द्र सक्सेना जी, बंशीधर मिश्र जी, प्रद्युम्न तिवारी जी, अनिल सिन्हा जी, गोस्वामीजी, मनोज श्रीवास्तव, अनिल यादव, अरूण अस्थाना, अखिलेश बाजपेयी, प्रमोद शुक्ला आदि। बीच में भड़ास के वर्तमान संस्थापक संपादक यशवंत सिंह भी जुड़े।

रत्ती का खस्ता मैंने पहली बार इसी दफ्तर में खाया। मैं अकेला था, इसलिए मनोज, अनिल और अरुण जैसे दोस्तों के साथ कई शामे यादगार गुजरी। और भी तमाम यादें जुड़ी हैं इस कार्यालय से।

वर्तमान में जिस अखबार विश्ववार्ता से जुडा हूं, उसकी एक खासियत यह भी है कि उससे अमर उजाला और हिन्दुस्तान के कई संस्करणों के संपादक रहे पुराने वरिष्ठ साथी अशोक पाण्डे जी, दैनिक जागरण इलाहाबाद के संपादक रहे हिन्दुस्तान के पुराने साथी जगदीश जोशी जी, हिन्दुस्तान के ही पुराने साथी मुकुल मिश्रा जी और अमर उजाला व दैनिक जागरण के वरिष्ठ पत्रकार आशीष बाजपेई भी जुड़े हैं।

अखबार किसी बिल्डर, खनन माफिया या अपराधी का नहीं है। अखबार के साथ इसके सहयोगी के रूप में पोर्टल, मंथली मैगज़ीन, न्यूज चैनल और धार्मिक चैनल भी शुरू होगा। बाकी लिखने को बहुत कुछ है। आज सिर्फ इतना ही। नई पारी के लिए आप सबकी शुभकामनाएं और आशीर्वाद की अपेक्षा है। सादर।

  • भड़ास की पत्रकारिता को जिंदा रखने के लिए आपसे सहयोग अपेक्षित है- SUPPORT

 

 

  • भड़ास तक खबरें-सूचनाएं इस मेल के जरिए पहुंचाएं- bhadas4media@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *