इंडिया वॉच न्यूज चैनल से बिना नोटिस बिना सेलरी निकाल दिए जाते हैं लोग!

लखनऊ के UPTEC Crossing हजरतगंज में चल रहे इंडिया वॉच न्यूज़ चैनल की सच्चाई से शायद सभी लोग वाकिफ नहीं हैं. यहां कार्यरत लोगों के करियार को मज़ाक बना दिया गया है…जरूरत पड़ी तो कर्मचारी हायर किये और अगर उससे कम सैलरी में कोई और कर्मचारी मिला तो काम कर रहे कर्मचारियों को बिना नोटिस बिना सैलरी बेईज्जत करके बाहर निकाल दिया जाता है…फिर चाहे वो महिला ही क्यों न हो….

ऐसी संस्थाओं की वजह से लड़किया या काम कर रहीं महिलाएं आज भी काफी दिक्कतों का सामना कर रही हैं…. क्योंकि बिना गलती ऑफिस से निकाले जाने के बाद और जगह नौकरी मिलने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है… इंडिया वॉच न्यूज चैनल में न सिर्फ लोगों के करियर को बर्बाद किया जा रहा बल्कि यहां लड़कियों का शोषण भी किया जाता है… कई लड़कियों के साथ यहां जबरदस्ती की जा चुकी है जिसकी शिकायत लड़कियों ने वहां के सीएमडी से की…. लेकिन वहां के सीएमडी ईश्वरी द्विवेदी ने इस बात को सुनकर अनसुना कर दिया… मैं भी इंडिया वॉच में काम कर चुकी हूं… मेरे साथ तो बदतमीजी करने की इनकी औकात नहीं थी, इसलिए इन्होंने मुझे बिना नोटिस और बिना सैलरी दिये ऑफिस से निकाल दिया… इसकी वजह से मेरे आत्मसम्मान को एक गहरी चोट लगी है…

मैं भड़ास मीडिया के द्वारा इंडिया वॉच न्यूज चैनल की उन सच्चाईयों को उन लोगों तक पहुंचाना चाहती हूं जिन्हें इसके बारे में नहीं पता… शायद मेरा ये कदम उन्हें इस घटिया संस्था में जाने से रोक सके.

इंडिया वाच न्यूज चैनल में कार्य कर चुकी एक महिला पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

Comments on “इंडिया वॉच न्यूज चैनल से बिना नोटिस बिना सेलरी निकाल दिए जाते हैं लोग!

  • इंडिया वॉच का मलिक भी करेप्ट है, इसे media की abcd भी नहीं पता लेकिन चैनल खोलकर बैठ गया है ….इ़सके और कई काम हैं ! चैनल में रुपए लेकर id बांटने का काम इ़सके करीबी शशिधर द्विवेदी ने शुरू किया था…ईश्वरी अधिकारियों की चटुकारिता में लगा रहता है सरकार को इसका संज्ञान लेकर इ़सके अन्य गोरखधंधे को बंद करवाना चाहिए …ये media के कलंक हैं !

    Reply
  • India watch me kaam kar chuke kisi bhi employee ka jawab yahi hoga ki ye channel sorf corruption ko support karta hai. M bhi isme ek aisa employee tha jisne 24 hours puri imaandari se apni sewaye di but inhone ek din bina koi reason bataye mujhe nikal diya aur salary ki baat to dur h inhone baat karna bhi uchit nahi . Yahan kaam kar rahe emplyees ko sirf majdur samjha jata h aur jb jarurat na ho to bina reason ke nikal diya jata h..

    Reply
  • Zeeshan Akhtar says:

    मै भी यहाँ कुछ महीने स्ट्रिंगर के तौर पर काम कर चुका हूँ। मालिकान पूरे डकैत है और शशिधर द्विवेदी तो सिर्फ रिपोर्टर्स को ठगने वाला एक ठग है। कलंक है ये पत्रकारिता के नाम पर। मुझपर अवैध वसूली करने और एक लाख महीना देने का दबाव डालने की कोशिश की थी लेकिन मैने उसी समय चैनल छोड़ दिया था।

    Reply
  • रुचि says:

    शशिधर ने बड़ी चालाकी से ईश्वरी द्विवेदी को सब्जबाग दिखलाए….यहाँ मुकेश कुमार को जॉइन कराया था…इन दोनों ने मिलकर चैनल के इंस्टालेशन में खेल कर ईश्वरी को चूना लगाया था, शशिधर ही सारे अपाइनमेंट्स देखता था लिहाजा इसने सभी मंडल और जनपद में 50 हजार से लेकर 1लाख तक में आइडी बेंच कर अपना हिसाब बराबर कर लिया…किसी भी अच्छे पत्रकार को join नहीं कराया…ईश्वरी दिवा स्वपनों में खोया रहता है ! कहने को तो ये media मालिक है लेकिन ईसी की आड़ में ये ज़मीन क़ा कारोबारी है , एक मुबई में प्रोडक्शन हाउस है , एजुकेशन माफिया भी है ….पत्रकारों को देने के लिए इनके पास रुपए नहीं हैं जबकि सभी व्यवसाय धडल्ले से चल रहे है …ये व्यक्ति आत्म मुग्धता में जीना पसंद करता है ! सीधे शब्दों में कहें तो ये गाड़ी में प्रेस लिखाकर चलने का शौकीन है …उसी लिए इतना बड़ा मायाजाल फैला रखा है ..! चैनल की कमाई से मुकेश कुमार एक किताब लिख चुके हैं …चैनल से out हैं जबकि शशिधर विषधर बन चुके हैं स्वास्थ्य की जागरूकता हेतु nhrm में सेटल हो गये हैं इन सब के बीच फंस रहें हैं दिहाड़ी पत्रकार…..ऎसे चैनल में ताला लगना चाहिए !

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *