‘जलती लंका’ से भारतीय पूंजीपतियों के कलेजे झुलस रहे हैं!

मुकेश असीम-

‘जलती लंका’ से पूंजीपतियों के कलेजे झुलस रहे हैं! देश का सबसे अमीर बैंक पूंजीपति कह रहा है कि ये सरकार, संसद, पुलिस, अदालत के असली इम्तहान का वक्त है – कहीं ये जनता के सामने झुक तो नहीं जाएंगे, या अपना सही काम (पूंजीपतियों की हिफाजत!) करेंगे!

पश्चिम में सीमा पार नए आए शरीफ प्रधानमंत्री ने बयान दिया है कि ‘मैं अपने कपड़े तक बेच दूंगा, पर आटा महंगा नहीं होने दूंगा!’ सीमा के इस ओर तो आटा-तेल दोनों पहले ही महंगे हो गए हैं, पिछले दस साल के रेकॉर्ड स्तर पर हैं और गुजरे 4 महीने में विदेशी मुद्रा भंडार 44 अरब डॉलर घटकर 600 अरब के नीचे आ गया है। पिछले हफ्ते ब्याज दर अचानक यूं ही नहीं बढ़ाई गईं।

सुभाष चंद कुशवाह-

सारे तानाशाहों की एक सी नियति ! अल्पसंख्यकों के विरुद्ध नफरत, हिंसा की लहर पर सवार राजपक्षे का 2050 तक राज करने का सपना धरा रह गया!

Sri Lanka में अब सेना भी स्थिति नहीं सम्भाल पा रही। कोई प्रधानमंत्री नहीं बनना चाहता। आर्थिक संकट, बेतहाशा महंगाई, लोगों का जीवन नारकीय बना रही थी। कई हफ्तों से जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच एक बड़ी झड़प के दौरान प्रदर्शनकारियों ने हम्टाबनटोटा में महिंदा राजपक्षे के पैतृक घर में आग लगा दी.

इससे पहले देश के एक सांसद और एक पूर्व मंत्री के घरों में आग लगा दी गई. पूर्व मंत्री जॉनसन फर्नांडो के माउंट लाविनिया स्थित आवास और सांसद सनथ निशांत के घर पर प्रदर्शनकारियों ने हमला किया और आग लगा दी. सोमवार को कर्फ्यू वाले इस द्वीप पर हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के समर्थकों को निशाना बनाया. महिंदा राजपक्षे ने पद से इस्तीफा दे दिया है. 2050 तक पद पर बने रहने का सपना, जनता ने धो दिया।



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