पंजाब केसरी- जगबाणी के एक और पत्रकार पर लगे लाखों की ठगी के आरोप

मोहाली: पंजाब केसरी/जगबाणी अखबार के एक और पत्रकार पर एक एन.आर.आई. महिला ने लाखों रु पए की ठगी तथा पत्रकारिता की आड़ में उसे ब्लैकमेलिंग करने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही अपनी पत्रकारिता की आड़ में महिला को झूठे केसों में फंसाने की बात भी कर रहा है। पंजाब के जिला मोगा की तहसील निहाल सिंह वाला के गांव रण सिंह खुर्द की रहने वाली यह महिला चरणजीत कौर जोकि इस समय जर्मनी की पक्की तौर पर नागरिक बन चुकी है, ने आज यहां मोहाली प्रैस क्लब में आयोजित एक प्रैस कान्फ्रैंस के दौरान उक्त जानकारी दी। पत्रकार द्वारा उसके साथ की गई ठगी की शिकायत महिला ने एन.आर.आई. सैल को लिखित रूप में दे दी है।

कांफ्रैंस में महिला चरणजीत कौर ने बताया कि मोगा की तहसील निहाल सिंह वाला से जगबाणी/पंजाब केसरी के पत्रकार रणजीत कुमार बावा ने उससे पारिवारिक सांझ बनाकर उसके साथ करीब 22 लाख रु पए की ठगी मारी है। महिला ने बताया कि वह एक साहित्यकार भी है। कविता, कहानी लिखने का शौक होने के कारण वह कुछ समय पहले प्रो. मोता सिंह सराय तथा डा. निर्मल सिंह लांबड़ां आदि साहित्यकारों के संपर्क में आई। अपने गांव रण सिंह खुर्द में चरणजीत कौर ने पंजाब सत्थ की स्थापना भी की और साहित्यकारों से संपर्कके दौरान पत्रकार रणजीत कुमार बावा से भी मुलाकात हुई। पत्रकार बावा उनसे इतना मिक्सअप हो गया और उनके पारिवारिक संबंध हो गए। पत्रकार ने अपने पारिवारिक संबंधों का नाजायज फायदा उठाते हुए कभी कार खरीदने के नाम पर तथा कभी उनके बैंक का ए.टी.एम. खुद बरत कर पैसे निकलवा कर तो कभी उनके मार्बल के बिजनैस में हेराफेरी करके लाखों रु पए की ठगी मार ली। यह सारी ठगी पत्रकार बावा ने तब की जब वह जर्मनी में थी और वह उसके ए.टी.एम. का खुद इस्तेमाल करता रहा।

जब अपने साथ हुई ठगी का उसे पता चला तो उसने रणजीत कुमार बावा से बात की तो वह उसे धमकियां देने लगा कि वह एक पत्रकार है और उसे किसी भी झूठे केस में फंसा सकता है और उसके द्वारा दी गई किसी भी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं होने देगा। चरणजीत कौर ने बताया कि पत्रकार के खिलाफ उसने 5 मई को डी.एस.पी. (डी) मोगा को लिखित शिकायत दी। इसके अलावा वह पंजाब केसरी/जगबाणी के जालंधर स्थित हैड आफिस में गई, लेकिन कोई इंसाफ न मिला। उसने बताया कि पत्रकार बावा ने कुल मिला कर उसके साथ 21 लाख 85 हजार रु पए की ठगी मारी है। इसके अलावा पत्रकार के पास उसकी सोने की चेन, गैलेक्सी का मोबाइल फोन, हिन्दुस्तान पैट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड गैस की कापी तथा अन्य कई कागजात हैं जिन्हें वह वापस नहीं दे रहा है।

महिला ने यह भी बताया कि अब पत्रकार बावा तथा उसकी पत्नी उसे जान से मारने तथा झूठे केसों में फंसा कर जर्मनी जाने से रोकने की बातें भी कर रहे हैं। इसके अलावा उसे फोन पर धमकियां भी दी जा रही हैं कि अगर उसने अपने पैसे वापस मांगे तो वे आत्महत्या तक भी कर लेंगे। चरणजीत कौर ने एन.आर.आई. सैल तथा पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों से इंसाफ की गुहार लगाते हुए कहा है कि उसे जल्द इंसाफ दिलाया जाए तथा पत्रकार खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि वह जल्द जर्मनी जा सके। दूसरी ओर जब इस संबंध में पत्रकार रणजीत कुमार बावा के साथ संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि उन पर महिला द्वारा लगाए जा रहे आरोप बिल्कुल झूठे एवं बेबुनियाद हैं। उसने कहा कि यह पुराना केस है तथा इस केस की जांच एस.एस.पी. मोगा की ओर से उनके हक में की जा चुकी है।
विजय चोपडा पर भी चल रहे हैं सैकड़ों केस

यह पहला अवसर नहीं है जब पंजाब केसरी/ जगबाणी के किसी पत्रकार पर ठगी तथा ब्लैकमेलिंग के आरोप लगे हों। इससे पहले भी इस ग्रुप के असंख्य पत्रकारों पर ऐसे आरोप लगते रहे हैं। पिछले 2 माह में ही पंजाब केसरी ग्रुप के जालंधर के एक पत्रकार अमित पर इस प्रकार के कई आरोप लग चुके हैं। लुधियाना के ज्यूलर्ज तथा डोर विक्रेता भी इस प्रकार के आरोप लगा चुके हैं। इस ग्रुप के पत्रकारों के अतिरिक्त इनके मुख्य संपादक विजय चोपड़ा पर भी मानहानि के सैकड़ों केस अदालतों में चल रहे हैं तथा कई मामलों में तो सजा भी हो चुकी है। (साभार- दैनिक सवेरा अखबार)

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