घुसपैठिये लूट रहे पत्रकारिता की इज्जत, कलंकित हो रहा लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ

लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ यानी पत्रकारिता, मिशन से हटकर कई साल पहले व्यवसाय में तब्दील हो गई, लेकिन अब पत्रकारिता के हालात बेहद खराब हो गए हैं। इसकी बजह छोटे और मझोले अखबारों के साथ साथ डिजिटल पत्रकारिता के स्वरूप पोर्टल हैं। इन पत्र-पत्रिकाओं और पोर्टल का संचालन करने वालों ने खबरों के संकलन या कहें अपनी दुकान चलाने के लिए पत्रकार रूपी जो एजेंट या कार्यकर्ता रखें हैं वह पत्रकारिता का क ख ग तो दूर की बात साक्षर तक नहीं हैं।

यूपी के तमाम खासकर हरदोई जिले में ऐसे पत्रकारों या कार्यकर्ताओं की बाढ़ सी आ गई हैं। दरअसल, पत्रकार बनने का कोई मापदंड तय नहीं हैं, और इसीलिए इन पत्रकारिता के नाम पर दुकानें चलाने वालों ने खुद से पत्रकार बनाने के मापदंड तय कर लिए, और यह मापदंड हैं, कुछ रुपए के बदले किसी को भी वह चाहे शिक्षित हो या फिर अशिक्षित उसे पत्रकार का तगमा दे देना। कुछ अखबारों ने तो हद ही कर दी इन अखबारों ने स्थानीय स्तर पर पत्रकार की बात तो दूर जिला ब्यूरों के लिए ऐसे लोगों को जिम्मेदारी दे दी जो लिखने के नाम पर काला अक्षर भैस बराबर हैं।

इन अखबारों में कम प्रसार संख्या वाले दैनिक अखबार भी हैं। मीडिया के नाम पर पत्रकारिता की दुकानें चलाने वालों के इस कृत्य के चलते आज पत्रकारिता का उपहास खुलेआम उड़ रहा हैं। खबरों का संकलन करने वाले इन अशिक्षित कार्यकर्ताओं की क्षेत्र में कोटेदारों, ग्राम प्रधानों, शिक्षकों, लकड़ी माफियाओं, पशु तस्करों, नशा माफियाओं, खनन माफियाओं आदि से बसूली को देख ” पेशेवर पत्रकार ” भी अब खुद को पत्रकार बताने से परहेज करने लगे हैं।

पत्रकारिता के क्षेत्र में आकर इसे बदनामी की कालिख से कलंकित करने वाले ” घुसपैठियों ” का प्रशासन भी कोई इलाज नहीं कर पा रहा। जिला सूचना एवं जनसंपर्क विभाग भी मूकदर्शक बन पत्रकारिता की लूट रही “इज्जत ” को टकटकी लगाए देख रहा हैं। आखिर पत्रकार का चोला ओढ़ नौसिखिए और अशिक्षित लोग कब तक पत्रकारिता में घुसपैठ करते रहेंगे कब तक इनकी घुसपैठ पर अंकुश लगाया जाएगा, कब तक ?

अनुराग गुप्ता
पत्रकार
दैनिक आज कानपुर संस्करण, हरदोई
नि0 4/72, सदर बाज़ार, पाली, जिला – हरदोई ( 241123 )
anuragpaliaaj@gmail.com

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Comments on “घुसपैठिये लूट रहे पत्रकारिता की इज्जत, कलंकित हो रहा लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ

  • विजय हांसदा says:

    हमारे यहां तो नामी समाचार पत्रों का भी यही हाल है विशेष कर दैनिक जागरण।

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  • क्या आपमे हिम्मत है सच्चाई लिखने की जो अगर हा तो आप हमसे संपर्क करिये नही तो आप भी उन्ही पत्रकारों की लिस्ट में शामिल हो जाइए मेरा मो0न0 है 9792357631

    Reply

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