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उत्तर प्रदेश

पूर्वांचल में सक्रिय है फर्जी पत्रकारों का गिरोह, प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के नाम पर करते हैं जालसाजी

पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, संतकबीर नगर, बस्ती समेत कई जिलों में फर्जी पत्रकारों का एक गिरोह सक्रिय है। यह गिरोह प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के नाम के सहारे जालसाजी करता है। इस गिरोह से जुड़े लोग कम-पढ़े लिखे युवकों को अपना शिकार बनाते हैं। दरअसल पिछले कुछ दिनों से ‘ख़बर अब तक’ को ये जानकारी मिल रही थी कि कुछ लोग अपने आप को ‘ख़बर अब तक’ का संपादक एवं मालिक बताकर विभिन्न तरीके से गैराकानूनी कृत्यों को अंजाम दे रहे हैं।

इसका सच जानने के लिए ‘ख़बर अब तक’ की ओर से जब पड़ताल शुरू किया गया तो पता चला कि गोरखपुर के गुलरिहा थाना क्षेत्र का रहने वाला महेन्द्र कुमार नाम का एक युवक अपने आप को ‘ख़बर अब तक’ का संपादक एवं मालिक बताकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहा है। महेन्द्र कुमार अपने सहयोगी नीतिश मद्धेशिया के साथ मिलकर इंडो-नेपाल बार्डर के ग्रामीण इलाकों में ज्यादा सक्रिय है। नीतिश मद्धेशिया महराजगंज जिले के नौतनवां का रहने वाला है। नीतिश अपने आपको दैनिक जागरण, अमर उजाला जैसे बड़े अख़बारों का पूर्व जिला प्रभारी बताता है। नीतिश मद्धेशिया लोगों से ‘भारत समाचार’ और ‘खबर अब तक यूपी’ नाम से मासिक पत्रिका निकालने का भी दावा करता है। ये जालसाज युवाओं को पत्रकार बनाने का झासा देकर कई तरह के गैरकानूनी कृत्यों को अंजाम देते हैं।

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‘ख़बर अब तक’ लोगों से यह अपील करता है कि ऐसे ठगों से सावधान रहें। इसके साथ ही हम यह साफ करना चाहते हैं कि ‘ख़बर अब तक’ की ओर से उत्तर प्रदेश या फिर देश के किसी भी शहर में कोई भी संवाददाता, ब्यूरो चीफ या फिर संपादक नियुक्त नहीं किया गया है। ‘ख़बर अब तक’ का उद्देश्य खोजी पत्रकारिता को बढ़ावा देने के साथ ही एक्सक्लूसिव ख़बरों पर काम करना है। जिसके लिए हम अपने तरीके से काम करते हैं। हम आवश्यकता पड़ने पर किसी भी जिले या शहर में वहां पहले से काम कर रहे मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधियों या फिर स्वतंत्र पत्रकारों से सहयोग लेते हैं।

सबसे खास बात यह है कि ‘ख़बर अब तक’ किसी भी ब्यक्ति या संस्थान से कोई विज्ञापन या सहयोग राशि नहीं लेता है। चूंकि उत्तर प्रदेश में खासकर पूर्वांचल से जुड़ा कई बड़े और महत्वपूर्ण स्टिंग ऑपरेशन के साथ ही एक्सक्लूसिव ख़बरों पर काम करने के चलते यहां ‘ख़बर अब तक’ की एक अलग पहचान है। इस वजह से बड़ी संख्या में लोग हमें सहयोग करने के उद्देश्य से विज्ञापन देना चाहते हैं इसके लिए लोग लगातार संपर्क भी करते हैं। लेकिन हम पहले भी बता चुके हैं और आज भी यह साफ करना चाहते हैं कि ‘ख़बर अब तक’ किसी से भी विज्ञापन नहीं लेता है। चूंकि हमारे स्टिंग ऑपरेशन और एक्सक्लूसिव ख़बरों से समाज का रसूखदार तबका प्रभावित होता है और वे हर तरह से हमको परेशान करने का प्रयास करते हैं यही वजह है कि हम लोग अपनी पहचान बहुत कम जाहिर करते हैं और इसी का लाभ महेन्द्र कुमार और नीतिश मद्धेशिया जैसे जालसाज उठाने का प्रयास करते हैं इसलिए ऐसे जालसाजों से बचें।

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देखिए कैसे ये जालसाज प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के नाम के सहारे जालसाजी करते थे..

आपसे अनुरोध है कि यदि कोई व्यक्ति अपने आपको ‘ख़बर अब तक’ का संवाददाता, ब्यूरो चीफ, या फिर संपादक बताकर आपसे विज्ञापन या सहयोग राशि मांगता है तो इसकी सूचना ईमेल [email protected] के जरिए ई-मेल जरूर दें।

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