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‘खबर लहरिया’ को जर्मन सोशल ऐक्टिविजम अवॉर्ड

यूपी और बिहार के ग्रामीण इलाकों में रहने वाली महिला जर्नलिस्ट ग्रुप द्वारा निकाला जाने वाला साप्ताहिक अखबार ‘खबर लहरिया’ ने जर्मनी का बेस्ट ऑनलाइन ऐक्टिविजम अवार्ड जीता है। डच विले में आयोजित एक फंक्शन में ‘खबर लहरिया’ को द बॉब्स (बेस्ट ऑफ ऑनलाइन ऐक्टिविजम) स्पेशल ग्लोबल मीडिया फोरम अवॉर्ड दिया गया। न्यूजपेपर की एडिटोरियल कोआर्डिनेटर पूर्वी भार्गव ने कहा कि अवॉर्ड वाकई उत्साहजनक है। इस अवॉर्ड से यूपी और बिहार के ग्रामीण इलाकों में रहने वाली महिलाओं की मेहनत को नई पहचान मिलेगी।

यूपी और बिहार के ग्रामीण इलाकों में रहने वाली महिला जर्नलिस्ट ग्रुप द्वारा निकाला जाने वाला साप्ताहिक अखबार ‘खबर लहरिया’ ने जर्मनी का बेस्ट ऑनलाइन ऐक्टिविजम अवार्ड जीता है। डच विले में आयोजित एक फंक्शन में ‘खबर लहरिया’ को द बॉब्स (बेस्ट ऑफ ऑनलाइन ऐक्टिविजम) स्पेशल ग्लोबल मीडिया फोरम अवॉर्ड दिया गया। न्यूजपेपर की एडिटोरियल कोआर्डिनेटर पूर्वी भार्गव ने कहा कि अवॉर्ड वाकई उत्साहजनक है। इस अवॉर्ड से यूपी और बिहार के ग्रामीण इलाकों में रहने वाली महिलाओं की मेहनत को नई पहचान मिलेगी।

खबर लहरिया (न्यूज वेव्स) 8 पेज का साप्ताहिक अखबार है जो बुंदेलखंड से स्थानीय भाषा में निकाला जाता है। इसमें 40 ग्रामीण महिला जर्नलिस्ट काम करती हैं। इस अखबार की 6 हजार कॉपी पब्लिश होती है और इसे यूपी और बिहार के 600 गांवों में बांटा जाता है। इसकी रीडरशिप 80 हजार प्रति सप्ताह है। ये वेब पोर्टल पर भी उपलब्ध है। भार्गव ने कहा कि उनकी कोशिश है कि इस अखबार को मोबाइल फोन पर भी इंटरनेट के जरिए उपलब्ध कराया जा सके। हमारी एनजीओ महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए काम कर रही है, जिसमें ये अखबार काफी मददगार है। अखबार में महिलाओं से संबंधित स्थानीय समस्याओं को उठाया जाता है।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
1 Comment

1 Comment

  1. SHANKAR JALAN

    July 17, 2014 at 11:23 am

    SUBH KAMNA

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